नोएडा हादसा: यमुना एक्सप्रेस-वे पर AC बस में भीषण आग, 9 यात्री जिंदा जले

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे की खबर सामने आई है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे पर महोबा जा रही एक वातानुकूलित (AC) स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह हादसा इतना त्वरित और भयानक था कि बस में सवार यात्रियों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका। इस भयावह दुर्घटना में 9 यात्री जिंदा जल गए, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

यह दुर्घटना यमुना एक्सप्रेस-वे पर उस समय हुई जब बस नोएडा से महोबा की ओर जा रही थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, निजी ट्रैवल्स की इस एसी स्लीपर बस में चालक और परिचालक समेत कुल 35 यात्री सवार थे। बस जैसे ही एक्सप्रेस-वे के एक मोड़ के पास पहुंची, अचानक वाहन के निचले हिस्से में शॉर्ट सर्किट या इंजन के पास से धुआं निकलता देखा गया। जब तक यात्री कुछ समझ पाते, तब तक धुएं की जगह तेज लपटों ने ले ली।

चश्मदीदों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बस महज कुछ ही मिनटों में आग का गोला बन गई। बस में एसी सिस्टम लगे होने के कारण सभी कांच की खिड़कियां पूरी तरह से बंद थीं। आग लगते ही बस के अंदर घना जहरीला धुआं भर गया, जिससे यात्रियों का दम घुटने लगा और चीख-पुकार मच गई। खिड़कियां locked होने की वजह से लोग जान बचाने के लिए कांच तोड़ने का प्रयास करते रहे, लेकिन धुआं और आग की लपटें इतनी भयंकर थीं कि कई यात्री अंदर ही फंस कर रह गए।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, यमुना एक्सप्रेस-वे की आपातकालीन टीम और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन दल के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी थी। राहत और बचाव कार्य के दौरान बस के मलबे से 9 शवों को बाहर निकाला गया। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। शव इतने बुरी तरह झुलस चुके हैं कि उनकी प्राथमिक पहचान कर पाना बेहद कठिन हो रहा है, जिसके लिए पुलिस अब डीएनए सैंपलिंग का सहारा ले सकती है।

इस हादसे में गंभीर रूप से घायल और झुलसे हुए यात्रियों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में जुटी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे ताकि राहत कार्यों का जायजा लिया जा सके।

प्रारंभिक जांच में हादसे का संभावित कारण बस के एसी के कंब्रेसर में धमाका या शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञों और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है ताकि आग लगने की वास्तविक और सटीक वजहों का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या बस में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, जैसे कि इमरजेंसी एक्जिट का सही से काम करना और अग्निशामक यंत्रों की मौजूदगी।

यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए इस भीषण हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की निजी स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और आश्वस्त किया है कि पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी तथा लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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  • Rahul Kaushik

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