मेरठ: पूठखास गंगनहर किनारे अलर्ट पर प्रशासन, कांवड़ मार्ग सील

जनसमाज संवाददाता, मेरठ। सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश का वातावरण शिवभक्ति के पावन रंग में रंग गया है। हर तरफ “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष गूंज रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए मेरठ प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में सरधना क्षेत्र के पूठखास गंगनहर किनारे और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया है। लाखों की संख्या में हरिद्वार से जल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए इस बार तकनीकी निगरानी के साथ-साथ भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर व्यापक इंतज़ाम

चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (गंगनहर पटरी) कांवड़ यात्रा का सबसे प्रमुख और व्यस्ततम मार्ग माना जाता है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश जाने वाले कांवड़ियों की एक बड़ी संख्या इसी रास्ते से होकर गुजरती है। पूठखास क्षेत्र में नहर किनारे का भू-भाग अत्यंत संवेदनशील होने के कारण प्रशासन ने यहां विशेष इंतजाम किए हैं।

गंगनहर के तीखे मोड़ों, गहरे पानी वाले क्षेत्रों और मुख्य चौराहों पर पुलिस बैरिकेडिंग मजबूत की गई है। इसके साथ ही नहर में किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना को रोकने के लिए जल पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है। मोटर बोट्स के ज़रिए नहर के पानी पर लगातार गश्त की जा रही है, ताकि यदि कोई श्रद्धालु अनजाने में या थकान मिटाने के लिए गहरे पानी में उतरने का प्रयास करे, तो उसे समय रहते सचेत किया जा सके।

अधिकारियों का स्थलीय निरीक्षण और सख्त निर्देश

कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सहित तहसील स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों ने पूठखास गंगनहर क्षेत्र का दौरा किया। अधिकारियों ने पूरे रूट का जायजा लेते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि कांवड़ियों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुरक्षा और सुविधा के मुख्य बिंदु

कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने बहुस्तरीय योजना बनाई है:

  • सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी: पूरे पूठखास कांवड़ मार्ग और मुख्य चौराहों पर 24/7 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, संवेदनशील इलाकों और नहर किनारे भीड़ नियंत्रण के लिए ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी की जा रही है।
  • अस्थायी पुलिस चौकियां और वॉच टावर: गंगनहर पटरी के किनारे-किनारे अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। ऊंचे वॉच टावर बनाकर दूर-दूर तक पैनी नजर रखी जा रही है।
  • लाइटिंग और प्रकाश व्यवस्था: रात्रि के समय कांवड़ियों को चलने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए गंगनहर किनारे सैकड़ों हाई-मास्ट और एलइडी लाइट्स लगाई गई हैं। अंधेरे वाले संभावित ब्लैक स्पॉट्स को पूरी तरह से कवर कर लिया गया है।
  • चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाएं: यात्रा मार्ग पर हर कुछ किलोमीटर की दूरी पर अस्थायी मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। इसमें 24 घंटे डॉक्टरों की टीम, आवश्यक दवाइयां, और इमरजेंसी के लिए स्ट्रेचर व एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।
  • यातायात का डाइवर्जन (Traffic Diversion): मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है। कांवड़ मार्ग को केवल श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित रखा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की सड़क दुर्घटना से बचा जा सके।

कांवड़ शिविरों और खाद्य सामग्री की जांच

गंगनहर किनारे और पूठखास के आसपास सामाजिक संगठनों तथा प्रशासनिक सहयोग से अनेक कांवड़ सेवा शिविर (लंगर) लगाए गए हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के विश्राम, भोजन, जलपान और मालिश आदि की व्यवस्था की गई है।

खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) की टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिविरों में दिए जाने वाले भोजन की शुद्धता और गुणवत्ता की नियमित जांच करें। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कांवड़ मार्ग के आसपास शराब, मांस-मछली या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहे।

जनसहयोग और शांति व्यवस्था की अपील

प्रशासन ने पूठखास और आसपास के ग्रामीणों तथा स्थानीय व्यापारियों से कांवड़ यात्रा को ऐतिहासिक और सुगम बनाने में सहयोग की अपील की है। स्थानीय पुलिस ने ग्रामीणों के साथ ‘शांति समिति’ की बैठकें भी की हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या आपसी असंतोष को पनपने से रोका जा सके।

पूठखास गंगनहर किनारे की गई यह चाक-चौबंद व्यवस्था इस बात का प्रमाण है कि इस वर्ष की कांवड़ यात्रा को न केवल सुरक्षित बल्कि श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाने में प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। चारों ओर बम-बम भोले के नारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है और कांवड़िया निर्भीक होकर अपनी पावन यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं।

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