मेरठ। क्रांतिधरा मेरठ की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक भूमि पर जैन दर्शन के मूर्धन्य संत, राष्ट्रसंत आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज के पावन एवं गरिमामयी सान्निध्य में एक अभूतपूर्व एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम ‘सीधा संवाद’ का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। आधुनिक जनसंचार, मीडिया की संवेदनशीलता, अध्यात्म के व्यावहारिक पहलुओं और समकालीन सामाजिक सरोकारों पर आधारित यह कार्यक्रम न केवल आध्यात्मिक शांति का प्रतीक बना, बल्कि विचारों के उस ताने-बाने को भी सशक्त कर गया जो आधुनिक समाज को दिशा प्रदान करता है।
इस विशेष एवं प्रभावकारी ‘सीधा संवाद’ सत्र का कुशल एवं सफल संचालन सुप्रसिद्ध मीडिया व्यक्तित्व एवं एंकर खुशबू शर्मा तथा प्रख्यात शिक्षाविद एवं मंच संचालक डॉ. संजीव मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। दोनों मंच संचालकों ने अपनी वाक्पटुता, गंभीर प्रश्नों और सुव्यवस्थित संवाद शैली से उपस्थित जनसमूह को पूरे समय बांधे रखा।
अध्यात्म और आधुनिक चिंतन का अद्भुत सेतु
कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज के चरणों में मंगल दीप प्रज्वलन एवं नमोकार महामंत्र के सस्वर पाठ से हुई। इसके उपरांत, मंच संचालक खुशबू शर्मा और डॉ. संजीव मिश्रा ने अध्यात्म, नैतिकता, डिजिटल युग की चुनौतियाँ तथा मानवीय मूल्यों से जुड़े गंभीर व प्रासंगिक विषयों पर पूज्य आचार्य श्री से सीधे सवाल पूछे।
संबोधित करते हुए आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज ने अत्यंत सरल, सहज और प्रभावशाली वाणी में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा:
“अध्यात्म केवल जटा बढ़ाने या सांसारिक कार्यों का त्याग करने का नाम नहीं है, बल्कि जीवन जीने की सही कला, मन की एकाग्रता और सकारात्मक दृष्टिकोण ही सच्चा अध्यात्म है। वर्तमान तकनीकी युग में जहाँ इंसान आभासी दुनिया (Virtual World) में सिमटता जा रहा है, वहाँ आत्म-चिंतन और वास्तविक रिश्तों को संजोना बेहद आवश्यक हो गया है।”
एंकर खुशबू शर्मा का मर्मस्पर्शी संचालन
एंकर खुशबू शर्मा ने अपने प्रखर प्रश्नों से संवाद के स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उन्होंने मीडिया, युवा पीढ़ी और आज के तनावपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए आचार्य श्री से पूछा कि वर्तमान समय में युवा वर्ग मानसिक तनाव और भटकाव से कैसे दूर रह सकता है?
खुशबू शर्मा के प्रश्नों का उत्तर देते हुए आचार्य श्री ने कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया के ‘लाइक’ और ‘फॉलोअर्स’ की क्षणभंगुर दौड़ से बाहर निकलकर अपने चरित्र, संस्कारों और आचरण को सुदृढ़ बनाना चाहिए। खुशबू शर्मा के प्रश्न पूछने के आत्मीय ढंग और प्रभावी हिंदी प्रस्तुतीकरण ने उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया।
डॉ. संजीव मिश्रा की तीक्ष्ण और व्यावहारिक दृष्टि
प्रख्यात मंच संचालक डॉ. संजीव मिश्रा ने संवाद को सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण प्रदान किया। उन्होंने समाज में घटते नैतिक मूल्यों, परिवार प्रणाली में बिखराव तथा शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के समावेशन पर आचार्य श्री के विचार मांगे।
डॉ. संजीव मिश्रा के प्रश्नों के उत्तर में पूज्य गुरुदेव ने स्पष्ट किया कि केवल किताबी ज्ञान व्यक्ति को सफल बना सकता है, लेकिन संस्कारवान और विवेकशील व्यक्ति ही समाज और देश को महान बना सकता है। डॉ. मिश्रा की संतुलित भाषा, विद्वतापूर्ण प्रश्नों और सुचारू समन्वय ने ‘सीधा संवाद’ को एक बौद्धिक विमर्श का रूप दे दिया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण एवं दूरगामी प्रभाव
मेरठ में आयोजित यह ‘सीधा संवाद’ कई दृष्टियों से ऐतिहासिक रहा। कार्यक्रम में मेरठ शहर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवी संस्थाओं, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों और बड़ी संख्या में युवाओं तथा महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
- युवाओं को मार्गदर्शन: डिजिटल भटकाव और करियर के तनाव से निपटने के लिए व्यावहारिक उपाय बताए गए।
- पारिवारिक सामंजस्य: संयुक्त परिवारों के महत्व, आपसी क्षमाशीलता और सहिष्णुता पर बल दिया गया।
- मीडिया और समाज का उत्तरदायित्व: सकारात्मक पत्रकारिता और विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
श्रद्धा और भक्ति से सराबोर माहौल
कार्यक्रम के अंतिम चरण में एंकर खुशबू शर्मा और डॉ. संजीव मिश्रा ने सकल जैन समाज एवं मेरठ के जागरूक नागरिकों की ओर से आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज का आभार व्यक्त किया। पूरे सभागार में गुरुदेव के जयकारों की गूंज रही और श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर गुरुवर का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मेरठ में आयोजित हुआ यह ‘सीधा संवाद’ केवल एक संवाद कार्यक्रम भर नहीं था, बल्कि यह समाज को दिशा दिखाने वाला एक ऐसा वैचारिक महाकुंभ साबित हुआ जिसकी गूंज और प्रेरणा आने वाले लंबे समय तक जन-जन के हृदयों में बनी रहेगी।
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