ग्रेटर नोएडा PNB में बड़ा वित्तीय घोटाला: 30 से अधिक खातों से ₹35 करोड़ गायब, बैंक मैनेजर समेत 5 अधिकारी निलंबित

ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश): दिल्ली-एनसीआर से सटे ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। बैंक में भरोसे के साथ पैसा जमा कराने वाले दर्जनों खाताधारकों के होश तब उड़ गए, जब उन्हें पता चला कि उनके खातों से करोड़ों रुपये गायब हो चुके हैं। शुरुआती जांच और दर्ज शिकायतों के अनुसार, करीब 30 से अधिक बैंक खातों से लगभग ₹35 करोड़ रुपये का गबन किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शाखा प्रबंधक (Branch Manager) समेत 5 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।

पूरा मामला: कैसे उजागर हुई करोड़ों की हेराफेरी?

यह पूरा प्रकरण ग्रेटर नोएडा स्थित पीएनबी की ऐच्छर शाखा (Sector Pi-1 / Aichhar Branch) का है। बैंक के ग्राहकों को इस धोखाधड़ी की भनक तब लगी जब कुछ खाताधारक नियमित लेनदेन या पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंचे।

जब ग्राहकों ने अपने बचत खातों (Savings Account) का बैलेंस चेक किया या जमा एफडी (Fixed Deposit) के बारे में जानकारी मांगी, तो कर्मचारियों के जवाब सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिन खातों में लाखों-करोड़ों रुपये जमा थे, उनका बैलेंस शून्य (Zero Balance) दिखा रहा था।

आश्चर्यजनक पहलू: ग्राहकों की अनुमति या हस्ताक्षर के बिना ही उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (FDs) को समय से पहले तोड़ (Prematurely Closed) दिया गया और राशि को अन्य अज्ञात खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इस पूरे लेनदेन के दौरान खाताधारकों को न तो कोई SMS अलर्ट मिला और न ही कोई आधिकारिक सूचना दी गई।

पीड़ितों की आपबीती: जीवन भर की कमाई हुई साफ

शाखा पर विरोध प्रदर्शन कर रहे पीड़ित ग्राहकों ने अपनी आपबीती साझा की:

  • करोड़ों का मुआवजा गायब: हवाई अड्डे (Airport Land Compensation) व भूमि अधिग्रहण का मुआवजा पाने वाले किसानों और ग्रामीणों के खातों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। एक पीड़ित परिवार का दावा है कि उनके खाते में करीब ₹1.2 करोड़ रुपये जमा थे, लेकिन अब उनका खाता खाली हो चुका है।
  • बिना बताए बंद हुईं FDs: एक स्थानीय ग्राहक के अनुसार, उनकी ₹80 लाख मूल्य की तीन एफडी बैंक कर्मचारियों द्वारा बिना किसी सूचना के तोड़ दी गईं।
  • लाखों से सीधा शून्य: एक अन्य खाताधारक हनीफ खान ने बताया कि उनके बचत खाते में ₹39 लाख जमा थे, जो अब घटकर शून्य हो चुके हैं। इसी तरह विजेंद्र सिंह नामक ग्राहक का बैलेंस ₹88 लाख से घटकर मात्र ₹1 लाख बचा।
  • बहाने बनाकर टाला जाता रहा: जब भी ग्राहक बैंक में पासबुक एंट्री करवाने आते थे, तो बैंककर्मी यह कहकर टाल देते थे कि “आरबीआई (RBI) का ऑडिट चल रहा है” या सर्वर डाउन है।

बैंक प्रबंधन की कार्रवाई और पुलिस जांच

गबन का मामला उजागर होने के बाद इलाके में भारी हड़कंप मच गया। सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित खाताधारक और किसान संगठनों के प्रतिनिधि बैंक शाखा के बाहर इकट्ठा हो गए और नारेबाजी की।

प्रमुख बिंदुस्थिति / विवरण
संबंधित बैंक शाखापंजाब नेशनल बैंक, ऐच्छर (ग्रेटर नोएडा)
अनुमानित घोटाला राशि₹35 करोड़ (आशंका 100 करोड़+ तक जाने की)
प्रशासनिक कार्रवाईबैंक मैनेजर सहित 5 कर्मचारी निलंबित
कानूनी कार्रवाईबीटा-2 थाना पुलिस द्वारा FIR दर्ज, ACP स्तर पर जांच जारी
विशेष जांच एजेंसियांबैंक विजिलेंस टीम व आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की निगरानी

पुलिस ने पीड़ितों की दर्जनों लिखित शिकायतों के आधार पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस प्रशासन और बैंक की इंटरनल विजिलेंस टीम (Internal Vigilance/Anti-Corruption Cell) संयुक्त रूप से यह जांच कर रही है कि फर्जीवाड़ा किन-किन बैंक खातों के जरिए अंजाम दिया गया और गबन की गई रकम कहां ट्रांसफर की गई है।

क्या ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है?

पीएनबी के वरिष्ठ बैंक अधिकारियों ने बैंक शाखा में पहुंचकर पीड़ित ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि किसी भी वैध खाताधारक को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। जांच प्रक्रिया पूरी होते ही सभी प्रभावित ग्राहकों की मेहनत की कमाई लौटाई जाएगी।

फिर भी, इस घटना ने बैंकिंग सुरक्षा प्रणाली, आंतरिक ऑडिट और कर्मचारियों के सत्यापन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बैंक खाताधारकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन

ऐसी धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के लिए वित्तीय विशेषज्ञ निम्नलिखित बातें ध्यान में रखने की सलाह देते हैं:

  1. नियमित पासबुक अपडेट: अपनी पासबुक और बैंक स्टेटमेंट की समय-समय पर जांच जरूर करें।
  2. मोबाइल अलर्ट सक्रिय रखें: यह सुनिश्चित करें कि आपका सही मोबाइल नंबर बैंक में पंजीकृत है, ताकि हर लेनदेन का एसएमएस (SMS Alert) आपको मिल सके।
  3. FD और निवेश के कागजात संभालें: एफडी की मूल रसीदें (Original FD Receipts) और निवेश संबंधी कागजात हमेशा सुरक्षित रखें।
  4. संदेह होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करें: खाते में किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि या असामान्य अंतर दिखाई देने पर तुरंत बैंक प्रबंधन और साइबर पुलिस को सूचित करें।

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  • Rahul Kaushik

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