यूपी में आफत की बारिश: 3 सेकंड में ढही कोठी, 8 नदियां उफान पर

जनसमाज संवाददाता, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आफत की बारिश और नदियों के रौद्र रूप ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के अधिकांश हिस्से इस समय जलप्रलय और भारी बारिश की चपेट में हैं। नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर, बांधों से छोड़े जा रहे पानी और मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के दर्जनों जिलों में संकट की स्थिति पैदा कर दी है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी बस्तियों तक चारों तरफ पानी का समंदर नजर आ रहा है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि कई जिलों में बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है, नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं और हजारों लोगों को अपने आशियाने छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर शरण लेनी पड़ रही है।

3 सेकंड में भरभराकर जमींदोज हुई 70 साल पुरानी कोठी बारिश और बाढ़ के कारण हो रहे कटाव का सबसे खौफनाक मंजर उस वक्त देखने को मिला, जब नदी के उफान और कटान के बीच एक 70 साल पुरानी ऐतिहासिक कोठी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। पानी के तेज बहाव और लगातार हो रहे भू-कटान के कारण मकान की नींव पूरी तरह खोखली हो चुकी थी। महज 3 सेकंड के भीतर पूरी इमारत नदी के तेज प्रवाह में समा गई। देखते ही देखते दशकों पुरानी यह विशाल हवेली जलमग्न होकर मलबे में तब्दील हो गई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। गनीमत यह रही कि प्रशासन और स्थानीय लोगों की सतर्कता के चलते इमारत को समय रहते खाली करा लिया गया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

8 प्रमुख नदियां उफान पर, कई पुल और संपर्क मार्ग डूबे प्रदेश की 8 प्रमुख नदियां—जिनमें गंगा, यमुना, सरयू (घाघरा), राप्ती, शारदा, गंडक, रोहिन और रामगंगा शामिल हैं—विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। इन नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है या उसके बेहद करीब पहुंच गया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में तेजी से पानी भर रहा है। कई स्थानों पर नदियों के रौद्र प्रवाह के कारण प्रमुख पुल पानी में डूब चुके हैं, जिससे दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालयों से सीधा संपर्क कट गया है। सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी बह रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो चुका है। कई क्षेत्रों में नावें ही आवाजाही का एकमात्र सहारा बची हैं।

600 से अधिक परिवारों ने छोड़े घर, राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर बाढ़ के पानी के घरों में घुसने और कटान के बढ़ते खतरे को देखते हुए अब तक 600 से अधिक परिवारों को अपने घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना पड़ा है। जिन इलाकों में स्थिति बेहद नाजुक है, वहां लोग अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ ऊंचे स्थानों, राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों और सरकारी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। बेघर हुए लोगों के सामने भोजन, पीने के साफ पानी और पशुओं के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मोटरबोट्स के जरिए जलभराव वाले इलाकों में फंसे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है।

सुरक्षा के लिहाज से 8 जिलों में स्कूल पूरी तरह बंद मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश के रेड और ऑरेंज अलर्ट तथा जलभराव की स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। आपदा प्रभावित और अत्यधिक जलभराव वाले 8 प्रमुख जिलों में प्राथमिक से लेकर 12वीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें और यदि आवश्यकता हो तो शैक्षणिक संस्थानों की छुट्टियों को आगे बढ़ाएं। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को उफान मानती नदियों, नालों और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रखें।

प्रशासन अलर्ट मोड पर, राहत सामग्री का वितरण जारी मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) द्वारा स्थिति की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत सामग्री पहुंचाने, मेडिकल टीमें तैनात करने और संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए छिड़काव कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित परिवारों के बीच सूखा राशन, तिरपाल, पीने का पानी और दवाइयों के पैकेट बांटे जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति भी एहतियातन काट दी गई है ताकि करंट फैलने जैसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे फिलहाल स्थिति से तुरंत राहत मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

यह भी पढ़ें: 3 दिनों की बैंक हड़ताल टली, आज से सामान्य रूप से खुलेंगी शाखाएं

Author

  • Rahul Kaushik

    Senior Editor

    राहुल कौशिक एक युवा पत्रकार एवं मीडिया लेखक हैं, जो समसामयिक घटनाओं, तकनीक, शिक्षा, ऑटोमोबाइल, डिजिटल ट्रेंड्स और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष एवं प्रभावशाली लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें समाचार जगत में तेजी से बदलते विषयों को सरल और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में विशेष रुचि है।

    पत्रकारिता के क्षेत्र में राहुल कौशिक की लेखन शैली तथ्यात्मक, सहज और पाठकों को जानकारी के साथ जागरूक करने वाली मानी जाती है। वे विशेष रूप से युवा वर्ग, डिजिटल इंडिया, नई तकनीकों और सामाजिक मुद्दों से संबंधित विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य करते हैं।

    राहुल कौशिक का उद्देश्य विश्वसनीय, उपयोगी और सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाना तथा समाज में जागरूकता को बढ़ावा देना है।

Leave a Comment