वृंदावन/प्रयागराज। संत प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज के ‘श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम’ से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुए दो किशोरों को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। इनमें से एक किशोर प्रयागराज में साधु के वेश में मिला, जबकि दूसरे को बरसाना से खोज निकाला गया। इस पूरी घटना के बाद पिछले कई दिनों से जारी परिजनों का हंगामा और धरना समाप्त हो गया है।
प्रयागराज में साधु वेश में मिला कासगंज का मयंक
कासगंज जिले का रहने वाला पॉलिटेक्निक प्रथम वर्ष का छात्र मयंक चौहान पिछले कुछ समय से लापता था। पुलिस जांच के दौरान उसे प्रयागराज के दारागंज इलाके से सकुशल बरामद किया गया।
- साधु वेशभूषा: जब पुलिस ने मयंक को पकड़ा, तो वह सफेद रंग के साधु वस्त्र पहने हुए था। उसके माथे पर चंदन-मिट्टी का लेपन था और गले में ‘राधा’ नाम अंकित कंठी माला थी।
- पिता से वीडियो कॉल: मयंक के पिता चंद्रपाल सिंह को देर रात करीब 1:30 बजे पुलिस का फोन आया। पहचान सुनिश्चित करने के लिए वीडियो कॉल के जरिए पिता की बेटे से बात कराई गई।
- परिजनों को सुपुर्दगी: सूचना मिलने पर प्रयागराज के नैनी में रहने वाले मयंक के मामा तत्काल दारागंज थाने पहुंचे और पुलिस कस्टडी से बच्चे को अपने सुपुर्द लिया।
सादाबाद का अनुज बरसाना के आश्रम से ट्रेस
इसी मामले से जुड़े दूसरे किशोर, सादाबाद (हाथरस) निवासी अनुज चौधरी (17 वर्ष) को बरसाना के लाड़ली दास आश्रम से बरामद किया गया।
- दीक्षा के बाद हुआ था लापता: परिजनों के अनुसार, अनुज ने 26 जून को प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी और घर लौट आया था। हालांकि, 3 जुलाई को वह दोबारा आशीर्वाद लेने और धार्मिक पुस्तकें लेकर वृंदावन पहुंचा, जिसके बाद से उसका संपर्क टूट गया था।
- कानूनी प्रक्रिया: हाथरस और मथुरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद अनुज को बरामद कर परिजनों से मिलाया गया। इसके बाद सादाबाद पुलिस ने उसे विधिक प्रक्रिया पूरी करने हेतु न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
आश्रम के बाहर परिजनों ने दिया था 8 घंटे का धरना
दोनों किशोरों के अचानक गायब हो जाने से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने वृंदावन स्थित ‘श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम’ के बाहर भारी विरोध-प्रदर्शन किया था। करीब आठ घंटे चले इस धरने के बाद पुलिस अधिकारियों ने उचित कार्रवाई और बच्चों की जल्द बरामदगी का लिखित आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया था।
आश्रम प्रबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया था कि अनुज ने दीक्षा जरूर ली थी, लेकिन वह आश्रम के परिसर में नहीं रह रहा था। पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाए जाने से दोनों बच्चे सुरक्षित अपने घर लौट सके हैं।
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