देश की राजधानी नई दिल्ली का हृदय स्थल जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े राजनीतिक और सामाजिक विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गया है। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने संसद की ओर मार्च करने और बड़ा विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।
प्रदर्शन के बढ़ते दबाव को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने लुटियंस दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। जनपथ और संसद मार्ग से जंतर-मंतर की ओर जाने वाले तमाम रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। बिना वैध पहचान पत्र (ID proof) जांचे किसी भी व्यक्ति को इन इलाकों में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
प्रदर्शन का मुख्य कारण: मतदाता सूची संशोधन (SIR) पर विवाद
इस बड़े जन-प्रदर्शन की मुख्य वजह चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को लेकर पैदा हुआ विवाद है। विपक्षी दलों और नागरिक अधिकार संगठनों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के नाम पर लाखों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत पद छोड़ने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग।
- SIR प्रक्रिया पर रोक: विशेष गहन संशोधन अभियान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और पुरानी मतदाता सूचियों को बहाल किया जाए।
- अधिकारों की सुरक्षा: नागरिकों के मौलिक मतदान अधिकार से खिलवाड़ बंद करने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों की पारदर्शी समीक्षा करने का आग्रह।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: संसद मार्ग और जनपथ सील
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है।
- सघन चेकिंग अभियान: जंतर-मंतर, पटेल चौक, संसद मार्ग, जनपथ और कनॉट प्लेस की ओर जाने वाली सड़कों पर पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात हैं।
- पहचान पत्र अनिवार्य: राहगीरों, दफ्तर जाने वालों और स्थानीय निवासियों के पहचान पत्र देखे बिना उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
- ट्रैफिक डायवर्जन: लुटियंस दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह डायवर्जन किए गए हैं, जिससे मध्य दिल्ली में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति देखी जा रही है।
राजनीतिक हलचल और हिरासत का दौर
शुक्रवार से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कार्यकर्ताओं, छात्र संगठनों और राजनीतिक नेताओं ने जंतर-मंतर पर एकत्र होने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर विभिन्न पुलिस स्टेशनों में भेजा है।
प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि यह लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है और जब तक चुनाव आयोग मतदाता सूचियों की पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं करता और मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
राजधानी में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां हर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
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