भारतीय क्रिकेट में जब भी किसी युवा खिलाड़ी का आगमन धमाकेदार अंदाज में होता है, तो पूरा देश उसकी प्रतिभा का कायल हो जाता है। श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले गए टेस्ट मुकाबले में युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने अपनी कातिलाना गेंदबाजी से कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है। मैच में कुल 10 विकेट चटकाकर भारत को 165 रनों की शानदार जीत दिलाने वाले 24 वर्षीय सुथार की हर तरफ तारीफ हो रही है। भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने भी उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट का लंबा भविष्य बताया है। हालांकि, इस शानदार शुरुआत के बीच भारत के पूर्व टेस्ट विशेषज्ञ बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने मानव सुथार को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरदर्शी सलाह दी है।
सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर बातचीत के दौरान चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) और टीम प्रबंधन को मानव सुथार को टेस्ट प्रारूप के विशेषज्ञ के रूप में संवारना चाहिए और उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अत्यधिक प्रभाव या अपनी स्वाभाविक शैली से भटकने से बचाना चाहिए।
गॉल टेस्ट में रचा इतिहास और बने जीत के हीरो
मानव सुथार ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत बेहद धमाकेदार अंदाज में की है। जून 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले सुथार ने उस मैच में 7 विकेट झटके थे। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले गए दूसरे टेस्ट मुकाबले में उन्होंने अपनी फिरकी का ऐसा जाल बुना कि श्रीलंकाई बल्लेबाज पस्त नजर आए।
गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में 6 विकेट सहित मैच में कुल 10 विकेट लेकर उन्होंने भारतीय टीम की बड़ी जीत की नींव रखी। यह उनका महज दूसरा टेस्ट मैच था, लेकिन उनकी परिपक्वता और लाइन-लेंथ देखकर ऐसा लग रहा था मानो वह सालों से रेड बॉल क्रिकेट खेल रहे हों। गेंद को फ्लाइट देना, गति में मिश्रण करना और परिस्थितियों का सही इस्तेमाल करना उनकी सबसे बड़ी खूबी बनकर उभरा है। दिग्गजों का मानना है कि रवींद्र जडेजा के बाद भारत को एक ऐसा ही क्लासिक बाएं हाथ का फिंगर स्पिनर मिल गया है जो लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेवाएं दे सकता है।

चेतेश्वर पुजारा की बड़ी सलाह: “मूल ताकत को मत बदलो”
103 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके और टेस्ट क्रिकेट के दीवार कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा ने सुथार के प्रदर्शन की सराहना तो की, लेकिन साथ ही एक गंभीर चेतावनी भी दी। पुजारा ने कहा कि अक्सर युवा खिलाड़ी टी20 प्रारूप और आईपीएल की चकाचौंध व वित्तीय लाभ के प्रति आकर्षित हो जाते हैं, जिससे कई बार उनकी पारंपरिक गेंदबाजी शैली प्रभावित होती है।
“सुथार को सहेज कर रखने की जरूरत है। हर युवा खिलाड़ी छोटे फॉर्मेट में खेलना चाहता है, लेकिन भारत को उन्हें टेस्ट क्रिकेट के लिए बचाकर रखना चाहिए। अगर उन्हें आईपीएल में खेलने का मौका मिलता है तो कोई समस्या नहीं है, लेकिन उन्हें आईपीएल या टी20 के चक्कर में अपनी मूल गेंदबाजी ताकत को नहीं बदलना चाहिए।”
— चेतेश्वर पुजारा, पूर्व भारतीय क्रिकेटर
पुजारा ने आगे स्पष्ट किया कि सफेद गेंद के क्रिकेट (टी20 और वनडे) में सफल होने के लिए गेंदबाजों को अक्सर सीधी और तेज गति से (फ्लैट ट्रैजेक्टरी) गेंद फेंकनी पड़ती है ताकि बल्लेबाज बड़े शॉट न मार सकें। वहीं, लाल गेंद के क्रिकेट में सफलता की कुंजी गेंद को हवा में टर्न कराना, गति को धीमा रखना और फ्लाइट देकर बल्लेबाज को गलती करने पर मजबूर करना होता है।
आईपीएल में अब तक का सफर और जोखिम
मानव सुथार आईपीएल में गुजरात टाइटंस (GT) की टीम का हिस्सा हैं। हालांकि, उन्हें अब तक इस लीग में ज्यादा मुकाबले खेलने का मौका नहीं मिला है। उन्होंने अपने आईपीएल करियर में अब तक कुल 5 मैच खेले हैं और 2 विकेट हासिल किए हैं।
पुजारा का मानना है कि टी20 क्रिकेट खेलने में कोई बुराई नहीं है, बशर्ते खिलाड़ी अपनी तकनीक से समझौता न करे। यदि कोई स्पिनर आईपीएल में अधिक रन पड़ने के डर से अपनी गेंद की फ्लाइट और गति को बदलना शुरू कर देता है, तो उसकी रेड बॉल क्रिकेट की लय पूरी तरह बिगड़ सकती है। इतिहास गवाह है कि कई बेहतरीन उंगली के स्पिनर टी20 फॉर्मेट में रन रोकने की कोशिश में अपनी पारंपरिक कला खो बैठे हैं।
क्यों खास है मानव सुथार की गेंदबाजी?
पुजारा ने सुथार की तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण करते हुए बताया कि उनमें एक महान टेस्ट स्पिनर बनने के सभी गुण मौजूद हैं:
- हवा में फ्लाइट देना: सुथार गेंद को धीमी गति से डालने और हवा में तैरने देने से बिल्कुल नहीं हिचकिचाते। इससे बल्लेबाज गेंद की पिच तक पहुंचने में भ्रमित होता है।
- सटीक टप्पा (Line and Length): गॉल जैसी पिचों पर जहां गेंद नई हो या पुरानी, उन्होंने लगातार एक ही टप्पे पर गेंदबाजी की।
- धैर्य और चतुराई: टी20 के विपरीत टेस्ट में बल्लेबाज पर दबाव बनाकर विकेट हासिल करने का धैर्य उनमें साफ दिखाई देता है।
कप्तान शुभमन गिल और टीम प्रबंधन भी इस बात से भली-भांति वाकिफ हैं कि भारत में गुणवत्ता वाले टेस्ट स्पिनरों को तैयार करना कितना महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष: भारतीय टेस्ट क्रिकेट का भविष्य
चेतेश्वर पुजारा की इस टिप्पणी ने भारतीय क्रिकेट में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है। टी20 क्रिकेट के इस दौर में जहां खिलाड़ी तीनों प्रारूपों में खेलने की होड़ में लगे हैं, वहीं टेस्ट क्रिकेट के लिए विशेषज्ञों की पहचान करना और उन्हें बचाकर रखना अनिवार्य हो गया है। मानव सुथार के पास वह सभी कलाएं मौजूद हैं जो उन्हें विश्व स्तरीय गेंदबाज बना सकती हैं। यदि बीसीसीआई और टीम प्रबंधन पुजारा की सलाह पर अमल करते हुए सुथार के वर्कलोड और फॉर्मेट मैनेजमेंट पर सही ध्यान देता है, तो मानव सुथार निसंदेह आगामी दशक में भारतीय टेस्ट टीम के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक साबित होंगे।
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