एशियन पैरा गेम्स: भारतीय तैराक महिला से छेड़खानी के आरोप में जापान से डिपोर्ट

खेल जगत से एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। जापान के नागोया शहर में आयोजित हो रहे एशियन पैरा गेम्स (Asian Para Games) के दौरान देश का नाम रोशन करने गए एक वरिष्ठ भारतीय पैरा तैराक पर होटल की महिला कर्मचारी के साथ यौन उत्पीड़न और छेड़खानी करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को करारा झटका लगा है। आरोपी खिलाड़ी को जापानी पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया और कानूनी कार्रवाई व लिखित माफी के बाद उसे वापस भारत डिपोर्ट (Deport) कर दिया गया है। इस घटना के बाद पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए खिलाड़ी पर आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना उस होटल की है जहां नागोया में भारतीय पैरा तैराकी दल को ठहराया गया था। आरोपी भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख (Mohammad Shams Aalam Shaikh) पर आरोप है कि जब होटल की एक महिला हाउसकीपिंग कर्मचारी उनके कमरे में अपने नियमित साफ-सफाई के काम के सिलसिले में गई थी, तब खिलाड़ी ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। आरोप है कि तैराक ने महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की, अश्लील इशारे किए और जबरदस्ती करने का प्रयास किया।

इस अप्रत्याशित और डरावनी घटना से घबराई महिला कर्मचारी तुरंत कमरे से बाहर आई और दौड़कर अपने वरिष्ठ अधिकारियों व होटल प्रबंधन को इस बारे में सूचित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए होटल प्रबंधन और स्थानीय आयोजन समिति (LOC) ने तुरंत सख्त कदम उठाया और इसकी सूचना स्थानीय जापानी पुलिस के साथ-साथ भारतीय दल के अधिकारियों को दी।

जापानी पुलिस की कार्रवाई और भारतीय अधिकारियों का हस्तक्षेप

शिकायत मिलने के तुरंत बाद जापानी पुलिस हरकत में आई और होटल पहुंचकर भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख को हिरासत में ले लिया। पुलिस खिलाड़ी को अपने साथ स्थानीय थाने ले गई और कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश करने की तैयारी कर रही थी।

मामले के तूल पकड़ने और कानूनी पचड़े में फंसने की खबर मिलते ही भारतीय दल के अधिकारियों के होश उड़ गए। भारतीय अधिकारियों को खेलों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को छोड़कर घंटों पुलिस थाने और होटल के चक्कर काटने पड़े। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए स्थानीय आयोजन समिति और भारतीय प्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद भारतीय दल की ओर से होटल प्रबंधन और पीड़ित महिला कर्मचारी को औपचारिक रूप से लिखित माफीनामा सौंपा गया। माफीनामा मिलने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देश के बाद पुलिस ने कानूनी औपचारिकताओं के बीच खिलाड़ी को छोड़ा, जिसके तुरंत बाद उसे सुरक्षित रूप से दूसरे होटल में शिफ्ट किया गया और घटना के अगले ही दिन उसे भारत के लिए वापस भेज दिया गया।

बिना एक भी मुकाबला खेले लौटना पड़ा वापस

40 वर्षीय मोहम्मद शम्स आलम शेख इस बार के एशियन पैरा गेम्स में देश के प्रमुख पैरा तैराकों में शामिल थे। वह प्रतियोगिता के दौरान अपने निर्धारित इवेंट्स में हिस्सा लेने वाले थे, लेकिन इस लज्जास्पद हरकत के कारण उन्हें बिना एक भी स्पर्धा में उतरे ही प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया और वापस स्वदेश डिपोर्ट कर दिया गया। इस घटना की वजह से ना केवल भारतीय दल बल्कि पूरे देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है।

पैरालंपिक कमेटी (PCI) ले सकती है कड़ा एक्शन, आजीवन प्रतिबंध का खतरा

इस पूरे प्रकरण पर पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) और खेल मंत्रालय ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। पीसीआई के सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि एशियन पैरा गेम्स के समाप्त होने और भारतीय दल के देश लौटने के बाद एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में खिलाड़ी के इस गैर-जिम्मेदाराना और अनुचित आचरण की औपचारिक समीक्षा की जाएगी।

माना जा रहा है कि भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और खेल मंत्रालय को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में मोहम्मद शम्स आलम शेख पर खेल से आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाने की सिफारिश की जा सकती है। हालांकि, इस पर अंतिम मुहर खेलों के समापन के बाद ही लगेगी, परंतु तय माना जा रहा है कि इस प्रकार के कदाचार के बाद उनका करियर अब लगभग समाप्त हो चुका है।

कौन हैं मोहम्मद शम्स आलम शेख?

बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले मोहम्मद शम्स आलम शेख भारत के एक जाने-माने और अनुभवी पैरा तैराक रहे हैं। उन्होंने इससे पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व किया था। यहां तक कि उन्होंने वर्ष 2025 में रेक्याविक इंटरनेशनल गेम्स (Reykjavik International Games) के दौरान 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय और एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए थे। नागोया एशियन पैरा गेम्स में यह उनका तीसरा लगातार एशियन पैरा गेम्स का सफर होने वाला था, लेकिन उनकी एक घिनौनी हरकत ने उनकी सारी खेल उपलब्धियों पर हमेशा के लिए पानी फेर दिया।

खेल जगत में पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहला मौका नहीं है जब किसी अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन के दौरान भारतीय दल के किसी सदस्य पर विदेश में इस तरह के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा हो। इससे पहले नागोया में ही आयोजित हुए मुख्य एशियन गेम्स के दौरान भी भारतीय हॉकी दल से जुड़े एक तकनीकी अधिकारी व अंपायर गुरिंदर सिंह सांघा को मलेशियाई अधिकारी और होटल स्टाफ द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के शिकायतों के बाद आनन-फानन में स्वदेश वापस भेज दिया गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं भारतीय खेल प्रशासकों और देश की प्रतिष्ठा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

फिलहाल, इस ताज़ा मामले ने खेल प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है और देश भर में इस प्रकार के अनुशासनहीन और आपराधिक कृत्यों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की मांग उठाई जा रही है।

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