वर्ल्ड कप हार नहीं पचा पाए अर्जेंटीना के खिलाड़ी, स्पेनिश प्लेयर्स से की हाथापाई; अब FIFA लगा सकता है बैन

नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में स्पेन के हाथों मिली करारी हार के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों का आपा खोने का मामला सामने आया है। खिताबी मुकाबले में 1-0 से मिली पराजय को अर्जेंटीना के खिलाड़ी स्वीकार नहीं कर पाए और मैच की अंतिम सीटी बजते ही मैदान पर ही स्पेनिश खिलाड़ियों के साथ तीखी बहस और धक्का-मुक्की करने लगे।

देखते ही देखते यह विवाद हिंसक झड़प और हाथापाई में बदल गया। इस बेहद शर्मनाक घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (FIFA) ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है, जिसके तहत दोषी खिलाड़ियों पर भारी जुर्माना और कई मैचों का प्रतिबंध (बैन) लगाया जा सकता है।

अंतिम सीटी के बाद भड़की हिंसा: पंचेस और कॉलर पकड़ने तक पहुंची बात

मैच के एक्स्ट्रा टाइम में स्पेन के फेरान टोरेस द्वारा 106वें मिनट में दागे गए निर्णायक गोल की बदौलत स्पेन ने विश्व कप ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया। हालांकि, जैसे ही रेफरी ने मैच समाप्ति की सीटी बजाई, स्पेनिश टीम जश्न मनाने लगी, लेकिन अर्जेंटीना के खेमे में निराशा और भारी गुस्सा साफ नजर आया।

मैदान पर हुए घटनाक्रम के अनुसार:

  • लिएंड्रो पारेडेस की हरकत: अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पारेडेस स्पेनिश खिलाड़ियों से भिड़ गए और उन्होंने स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया तथा युवा खिलाड़ी गावी की गर्दन पकड़ ली। पारेडेस की इस अमर्यादित हरकत के लिए उन्हें मैच खत्म होने के बाद रेड कार्ड भी दिखाया गया।
  • नाहुएल मोलिना और रोड्री का झगड़ा: अर्जेंटीना के नाहुएल मोलिना स्पेन के मिडफील्डर रोड्री के साथ धक्का-मुक्की करते और पेट में मुक्का (पंच) मारते दिखाई दिए।
  • दिग्गजों की कहासुनी: अनुभवी डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी और सपोर्ट स्टाफ भी स्पेनिश खिलाड़ियों तथा अधिकारियों से तीखी बहस करते नजर आए।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दोनों टीमों के सपोर्ट स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों को बीच-बचाव करते हुए मामला शांत कराने का प्रयास करते देखा जा सकता है।

FIFA का कड़ा रुख: अनुच्छेद-14 के तहत हो सकती है कड़ी कार्रवाई

फुटबॉल जगत में खेल भावना को ठेस पहुंचाने वाली इस घटना को फीफा ने बेहद गंभीरता से लिया है। फीफा अनुशासन समिति ने मैच अधिकारियों की रिपोर्ट और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर जांच (Disciplinary Investigation) शुरू कर दी है।

यदि जांच में यह साबित हो जाता है कि अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने पूर्व-नियोजित तरीके से या गंभीर हिंसा की मंशा से हमला किया था, तो उन पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों स्तरों पर लंबा बैन भी लगाया जा सकता है।

अर्जेंटीना फुटबॉल संघ (AFA) पर भी गिर सकती है गाज

इस विवाद का असर न केवल व्यक्तिगत खिलाड़ियों पर पड़ेगा, बल्कि अर्जेंटीना फुटबॉल संघ (AFA) पर भी फीफा भारी वित्तीय जुर्माना लगा सकता है। इसके अलावा, टीम को भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अनुशासनात्मक चेतावनी दी जा सकती है।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व स्तर के मंच पर इस तरह का हिंसक आचरण खेल की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाता है। अर्जेंटीना जैसी चैंपियन टीम से हार के बाद संयम और खेल भावना की अपेक्षा की जाती है, लेकिन मैदान पर हुए इस दृश्य ने फुटबॉल प्रशंसकों को निराश किया है।

आगे क्या होगा?

फीफा अनुशासन समिति अगले कुछ दिनों में अपनी अंतिम रिपोर्ट और फैसला सुना सकती है। यदि पारेडेस, मोलिना और अन्य शामिल खिलाड़ियों पर बैन लगता है, तो वे आगामी फीफा विश्व कप क्वालिफायर और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से बाहर हो सकते हैं, जो अर्जेंटीना की टीम के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा।

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