भारतीय क्रिकेट के सबसे शांत, सौम्य और भरोसेमंद बल्लेबाजों में शुमार अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से संन्यास की घोषणा कर दी है। लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम की रीढ़ रहे रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक नोट साझा करते हुए खेल के इस खूबसूरत सफर को विराम देने का आधिकारिक ऐलान किया। उनके इस फैसले के साथ ही भारतीय क्रिकेट के उस स्वर्णिम दौर का एक और अध्याय समाप्त हो गया, जिसने विदेश में भारत को जीतना सिखाया।
रहाणे के इस अचानक आए फैसले से पूरे क्रिकेट जगत में भावुकता का माहौल है। प्रशंसकों, साथी खिलाड़ियों और पूर्व दिग्गजों ने इस दिग्गज़ खिलाड़ी को उनकी शानदार सेवाओं और निस्वार्थ खेल भावना के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
सोशल मीडिया पर शेयर किया इमोशनल पोस्ट
अजिंक्य रहाणे ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर अपने बचपन से लेकर भारतीय टीम की नीली और सफेद जर्सी पहनने तक के सफर की कुछ यादगार तस्वीरें साझा कीं। इसके साथ उन्होंने एक बेहद भावुक पत्र लिखा।
रहाणे ने आगे लिखा, “हर अच्छी चीज का एक अंत होता है। आज मैं भारी लेकिन संतुष्ट मन से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और IPL सहित सभी तरह के प्रतिस्पर्धी क्रिकेट को अलविदा कह रहा हूं। मेरे माता-पिता, मेरी पत्नी राधिका, मेरी बेटी और बेटे, जिन्होंने मेरे हर उतार-चढ़ाव में मेरा साथ दिया, उनके बिना यह संभव नहीं था। मेरे सभी कोच, साथी खिलाड़ियों, BCCI और खासकर उन लाखों प्रशंसकों का दिल से शुक्रिया, जिन्होंने मुझे ‘जिंक्स’ बनाया और हर मुश्किल वक्त में मुझ पर भरोसा जताया। अब वक्त नए अध्याय की ओर कदम बढ़ाने का है।”
मुंबई की तंग गलियों से लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड तक का सफर
6 जून 1988 को महाराष्ट्र के अहमदनगर में जन्मे अजिंक्य रहाणे की क्रिकेट यात्रा आसान नहीं थी। डोम्बिवली से मुंबई के आजाद मैदान तक भारी-भरकम किट बैग उठाकर लोकल ट्रेन में सफर करना रहाणे के अनुशासन और जुनून की मिसाल था। प्रवीण आमरे जैसे दिग्गजों के मार्गदर्शन में अपनी तकनीक को निखारने वाले रहाणे ने घरेलू क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी के दौरान रनों का अंबार लगा दिया।
मुंबई के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें साल 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू का मौका मिला। हालांकि, उनका असली जलवा टेस्ट क्रिकेट में देखने को मिला। 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले रहाणे ने बहुत ही कम समय में विदेशी सरजमीं पर भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज की छवि बना ली।
विदेशी पिचों का ‘असली बादशाह’
अजिंक्य रहाणे की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि जब-जब भारतीय टीम कठिन परिस्थितियों में फंसी, उनका बल्ला गरज उठा। कठिन और तेज पिचों पर, जहां अन्य बल्लेबाज संघर्ष करते दिखते थे, रहाणे अपनी शानदार तकनीक और धैर्य के साथ चट्टान बनकर खड़े हो जाते थे।
- लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक (2014): इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स की हरी-भरी पिच पर उनका 103 रनों का शतक भारतीय टेस्ट इतिहास के सबसे बेहतरीन शतकों में गिना जाता है, जिसकी बदौलत भारत ने लॉर्ड्स में 28 साल बाद ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।
- मेलबर्न की दीवार (2014 & 2020): ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों पर रहाणे का रिकॉर्ड शानदार रहा। 2014 में मेलबर्न में 147 रन हों या 2020 के गाबा/मेलबर्न दौरे की कप्तानी वाली पारी, उन्होंने हर बार कंगारुओं को उनकी ही धरती पर जवाब दिया।
- दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज में दबदबा: जोहान्सबर्ग की कठिन और खतरनाक पिच पर उनके द्वारा खेली गई अर्धशतकीय पारियां जीत का मुख्य कारण बनी थीं।
गाबा का इतिहास और वह ‘कैप्टेंसी’ जो कोई नहीं भूल सकता
अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे सुनहरा पल 2020-21 का बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी दौरा रहा। एडिलेड टेस्ट में भारतीय टीम महज 36 रनों पर ऑलआउट हो गई थी और नियमित कप्तान विराट कोहली पितृत्व अवकाश के कारण स्वदेश लौट आए थे। इसके अलावा टीम के कई मुख्य खिलाड़ी चोटिल हो चुके थे।
ऐसी बेहद निराशाजनक स्थिति में रहाणे ने कप्तानी की कमान संभाली। उन्होंने अपनी शांत और संयमित लीडरशिप से बिखरी हुई टीम को एकजुट किया। मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट में उनके शानदार शतक ने टीम में नया जीवन फूंका और भारत ने वहां से वापसी करते हुए गाबा का किला फतह किया और सीरीज 2-1 से अपने नाम की। रहाणे की कप्तानी की सबसे खास बात उनका निस्वार्थ रवैया था; ट्रॉफी जीतने के बाद उन्होंने युवा नेट गेंदबाजों (जैसे टी नटराजन) को आगे कर दिया, जिसने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया।
रहाणे ने टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी करते हुए कभी कोई मैच नहीं हारा, जो उनकी कप्तानी की क्षमता का प्रमाण है।
IPL में भी छोड़ा गहरा प्रभाव
अजिंक्य रहाणे केवल रेड-बॉल क्रिकेट तक सीमित नहीं थे। IPL में भी उनका सफर बेहद आकर्षक रहा। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स, दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए खेला।
- राजस्थान रॉयल्स के कप्तान: राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए उन्होंने कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं और टीम की कप्तानी भी संभाली।
- CSK में नया अवतार: अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर जब लोगों ने उन्हें केवल टेस्ट बल्लेबाज मान लिया था, तब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में शामिल होकर रहाणे ने एक नया अवतार दिखाया। 2023 के IPL में उन्होंने 170+ के स्ट्राइक रेट से ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए CSK को विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई।
IPL में रहाणे ने 4,000 से अधिक रन बनाए, जिसमें 2 शानदार शतक शामिल हैं।
अजिंक्य रहाणे के करियर के आंकड़े (Career Stats)
| प्रारूप (Format) | मैच (Matches) | रन (Runs) | औसत (Average) | शतक/अर्धशतक (100s/50s) |
| टेस्ट (Test) | 85 | 5,077 | 38.46 | 12 / 26 |
| वनडे (ODI) | 90 | 2,962 | 35.26 | 3 / 24 |
| टी20 अंतरराष्ट्रीय | 20 | 375 | 20.83 | 0 / 1 |
| IPL | 185 | 4,600+ | 30.50 | 2 / 30 |
क्रिकेट जगत ने दी भावुक विदाई
रहाणे के संन्यास की खबर सामने आते ही भारतीय क्रिकेट जगत में प्रतिक्रियाओं का तांता लग गया।
- सचिन तेंदुलकर: “जिंक्स, मुंबई की सड़कों से लेकर दुनिया भर के मैदानों तक तुम्हारा सफर प्रेरणादायक रहा है। कठिन समय में तुम्हारी धैर्यवान बल्लेबाजी और शांत नेतृत्व हमेशा याद रखा जाएगा। जीवन की दूसरी पारी के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं।”
- विराट कोहली: “आपके साथ कई सालों तक बल्लेबाजी की साझेदारियां करना और मैदान पर कठिन परिस्थितियों का मिलकर सामना करना एक शानदार अनुभव रहा। ऑस्ट्रेलिया में आपकी कप्तानी भारतीय क्रिकेट का एक अमर अध्याय है।”
- BCCI: “अजिंक्य रहाणे का भारतीय क्रिकेट में योगदान अमूल्य है। संकट की घड़ी में उनके संयम और ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक सीरीज जीत में उनके नेतृत्व को हमेशा याद रखा जाएगा। हम उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हैं।”
एक युग का अंत
अजिंक्य रहाणे एक ऐसे खिलाड़ी रहे जिन्होंने कभी शोर-शराबा नहीं किया, न ही वे कभी मैदान पर किसी विवाद में पड़े। वे बिना किसी पब्लिसिटी के केवल अपने बल्ले और प्रदर्शन से जवाब देने में विश्वास रखते थे। स्लिप में उनके कैच पकड़ने की कला हो या दबाव में मैच बचाने वाली पारियां, रहाणे ने हमेशा टीम के हित को सर्वोपरि रखा।
अब जब अजिंक्य रहाणे ने अपने पैड टांग दिए हैं, तो भारतीय क्रिकेट फैंस उनके द्वारा दी गई अनगिनत यादों को सहज कर रखेंगे। ‘अजिंक्य’ का अर्थ होता है जिसे जीता न जा सके, और क्रिकेट के मैदान पर अपनी खेल भावना और निस्वार्थ निष्ठा से उन्होंने वाकई हर क्रिकेट प्रेमी का दिल जीत लिया है।
यह भी पढ़ें: मानसून का तांडव: केदारनाथ रूट बंद, 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट