उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर से एक अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। शहर के एक इलाके में कचरे के ढेर पर फेंकी गई एक्सपायर्ड (समय सीमा समाप्त) चॉकलेट्स को उठाने और लूटने के लिए स्थानीय लोगों और राहगीरों के बीच भारी होड़ मच गई। मामला इतना बढ़ गया कि लोग अपने-अपने घरों से बैग, पन्नियां और बोरे तक उठाकर ले आए और कचरे के ढेर से चॉकलेट के डिब्बे व पैकेट भरने लगे। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
घटना का पूरा विवरण
कानपुर के एक व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र के पास खाली पड़े मैदान/कचरे के डंपिंग यार्ड में किसी स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर या व्यापारी ने एक्सपायरी डेट पूरी हो चुकी सैकड़ों किलो चॉकलेट्स और कन्फेक्शनरी सामान चुपचाप फेंक दिया। बताया जा रहा है कि कंपनी या वितरक के पास भारी मात्रा में ऐसा स्टॉक जमा हो गया था, जिसकी बिक्री की समय सीमा समाप्त हो चुकी थी। इसे विधिवत नष्ट (dispose) करने के बजाय, संबंधित व्यापारी ने रात या तड़के के समय इसे कचरे के ढेर में डंप कर दिया।
सुबह जैसे ही सफाई कर्मचारियों और स्थानीय राहगीरों की नजर इन ब्रांडेड चॉकलेट्स के रंग-बिरंगे पैकेजों पर पड़ी, खबर आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते मौके पर आसपास के लोग, बच्चे, और राहगीर जुटने लगे। शुरुआती दौर में कुछ बच्चों ने चॉकलेट उठानी शुरू की, लेकिन जल्द ही बड़े-बुजुर्ग और महिलाएं भी इस होड़ में शामिल हो गए।
बैग और बोरों में भरी गई चॉकलेट
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कचरे के ढेर पर खड़े होकर लोग इस तरह चॉकलेट्स बीन रहे थे जैसे कोई कीमती सामान बंट रहा हो। लोग यह भी भूल गए कि वे जिस चीज को उठा रहे हैं, वह कचरे की बदबूदार जगह पर पड़ी है और खाने योग्य है भी या नहीं।
कुछ ही देर में स्थिति यह हो गई कि लोग अपने घरों से बड़े-बड़े कैरी बैग, थैले और प्लास्टिक के बोरे लेकर पहुंच गए। कई लोग अपनी साइकिलों और दोपहिया वाहनों पर बोरे लादकर ले जाते दिखे। इस दौरान लोगों के बीच आपस में धक्का-मुक्की और छीना-झपटी का माहौल भी देखने को मिला। हर कोई अधिक से अधिक पैकेट अपने कब्जे में कर लेना चाहता था।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की गंभीर चेतावनी
इस घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने गंभीर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों, विशेषकर दूध और कोको से बनी चॉकलेट्स का सेवन सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
- फूड प्वाइजनिंग का खतरा: समय सीमा समाप्त होने के बाद चॉकलेट में मौजूद वसा (fat) और डेयरी उत्पाद खराब होने लगते हैं, जिससे बैक्टीरिया और फंगस पनपने का जोखिम बढ़ जाता है। इसका सेवन करने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द और गंभीर फूड प्वाइजनिंग हो सकती है।
- संक्रमण का डर: कचरे के ढेर पर पड़े होने के कारण इन पैकेजों पर बाहरी बैक्टीरिया, नाली की गंदगी और आवारा जानवरों के संपर्क में आने से कई तरह के घातक वायरस और जीवाणु चिपक जाते हैं।
- बच्चों की सेहत पर असर: इस तरह की मुफ्त में मिली चॉकलेट्स अक्सर बच्चों को दी जाती हैं। बच्चों का पाचन तंत्र संवेदनशील होता है, जिससे वे तुरंत बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग (FSDA) की कार्यप्रणाली पर सवाल
कानपुर की इस घटना ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की कार्यशैली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के अनुसार:
- सुरक्षित निस्तारण का नियम: यदि किसी व्यापारी या कंपनी के पास एक्सपायर्ड या खराब खाद्य सामग्री होती है, तो उसे खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी में या वैज्ञानिक तरीके से बायोडिग्रेडेबल प्रोसेस के जरिए नष्ट किया जाना चाहिए।
- लापरवाही पर कार्रवाई: खुले में कचरे के ढेर पर खाद्य सामग्री फेंकना कानूनी रूप से अपराध है। ऐसा करने से न केवल पर्यावरण दूषित होता है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी होता है।
घटना की जानकारी मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि वे आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि उस वाहन और व्यापारी की पहचान की जा सके, जिसने यह माल कचरे में फेंका था। दोषी पाए जाने वाले डिस्ट्रीब्यूटर या व्यक्ति पर खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।
जागरूकता की भारी कमी
यह घटना समाज में खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता की भारी कमी को दर्शाती है। कचरे के ढेर से मिली चीजों को बिना सोचे-समझे घर ले जाना और उनका सेवन करना किसी बड़े स्वास्थ्य संकट को दावत देने जैसा है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि जिन लोगों ने भी वहां से चॉकलेट उठाई हैं, वे उसका सेवन बिल्कुल न करें और न ही किसी बच्चे को दें। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई इन एक्सपायर्ड चॉकलेट्स को दुकानों पर या अवैध रूप से बेचने की कोशिश करेगा, तो उस पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।