बॉलीवुड में शोक: रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का निधन

जनसमाज संवाददाता, मुंबई: भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री रानी मुखर्जी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी मां और पूर्व प्लेबैक सिंगर कृष्णा मुखर्जी का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने मुंबई में अंतिम सांस ली। कृष्णा मुखर्जी लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं और पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत अधिक खराब चल रही थी। उनकी मृत्यु की खबर से पूरे बॉलीवुड उद्योग और मुखर्जी परिवार के प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

कृष्णा मुखर्जी न केवल रानी मुखर्जी की मां थीं, बल्कि वे उनके जीवन का सबसे मजबूत स्तंभ और उनके करियर की दिशा तय करने वाली मार्गदर्शक थीं। रानी मुखर्जी ने कई साक्षात्कारों में इस बात को गर्व से स्वीकार किया है कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने के पीछे उनकी मां का अटूट विश्वास और मार्गदर्शन ही सबसे बड़ी वजह रहा है।

एक संगीतमय पृष्ठभूमि और परिवार

कृष्णा मुखर्जी खुद कला और संगीत की दुनिया से गहराई से जुड़ी हुई थीं। वे अपने जमाने की जानी-मानी प्लेबैक सिंगर रह चुकी थीं और उन्होंने बंगाली सिनेमा में कई लोकप्रिय गानों में अपनी आवाज दी थी। संगीत उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा था, जिसे उन्होंने अपने बच्चों में भी पिरोया।

कृष्णा मुखर्जी का विवाह बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्माता और निर्देशक स्व. राम मुखर्जी से हुआ था, जो ‘फिल्मालय स्टूडियो’ के संस्थापकों में से एक थे। कला और सिनेमा से भरे इस वातावरण में पली-बढ़ी रानी मुखर्जी और उनके भाई राजा मुखर्जी को बचपन से ही एक सांस्कृतिक माहौल मिला। वर्ष 2017 में रानी मुखर्जी के पिता राम मुखर्जी का निधन हो गया था, जिसके बाद से कृष्णा मुखर्जी ही पूरे परिवार को एक साथ जोड़े हुए थीं।

रानी मुखर्जी के करियर में कृष्णा मुखर्जी का योगदान

रानी मुखर्जी को अभिनेत्री बनाने के पीछे उनकी मां कृष्णा मुखर्जी का ही सबसे बड़ा हाथ था। जब रानी बहुत छोटी थीं, तो उनकी रुचि अभिनय में नहीं थी। वे अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहती थीं और किसी अन्य क्षेत्र में अपना करियर बनाने का विचार कर रही थीं। हालांकि, कृष्णा मुखर्जी की दूरदर्शी नजरों ने रानी के अंदर छुपी अभिनय क्षमता को बहुत पहले ही पहचान लिया था।

जब रानी मुखर्जी को उनकी पहली बंगाली फिल्म ‘बियेर फूल’ और फिर हिंदी फिल्म ‘राजा की आयेगी बारात’ का ऑफर मिला, तब रानी थोड़ी हिचकिचा रही थीं। उस समय उनकी मां ने ही उन्हें प्रोत्साहित किया और फिल्म उद्योग में कदम रखने के लिए प्रेरित किया। कृष्णा मुखर्जी जानती थीं कि उनकी बेटी में एक बेहतरीन कलाकार बनने के सभी गुण मौजूद हैं।

शुरुआती दिनों से लेकर रानी के करियर के शिखर तक, कृष्णा मुखर्जी हमेशा एक ‘स्ट्रिक्ट मदर’ और ‘केयरिंग मैनेजर’ की तरह उनके साथ खड़ी रहीं। फिल्मों के चयन से लेकर सेट पर रानी की सुरक्षा और सुविधा तक, कृष्णा मुखर्जी हर चीज का बारीकी से ध्यान रखती थीं। 90 के दशक में, जब रानी मुखर्जी ने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनानी शुरू की थी, तब हर शूटिंग और इवेंट में कृष्णा मुखर्जी उनके साथ साए की तरह नजर आती थीं।

मां और बेटी का अटूट रिश्ता

रानी मुखर्जी और उनकी मां कृष्णा मुखर्जी का रिश्ता केवल मां-बेटी तक सीमित नहीं था, बल्कि वे दोनों एक-दूसरे की सबसे अच्छी दोस्त भी थीं। रानी ने हमेशा अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया है।

रानी मुखर्जी अक्सर अपने साक्षात्कारों में कहती थीं, “मेरी मां मेरी सबसे बड़ी आलोचक भी हैं और मेरी सबसे बड़ी प्रशंसक भी। जब भी मैं कोई फिल्म चुनती हूं या अभिनय करती हूं, तो मेरी नजर हमेशा मेरी मां के रिएक्शन पर होती है। अगर वे मेरे काम से संतुष्ट हैं, तो मुझे लगता है कि मैंने अपना काम सही तरीके से किया है।”

रानी मुखर्जी जब भी किसी कठिनाई से गुजरती थीं, तो कृष्णा मुखर्जी उनका हौसला बढ़ाती थीं। चाहे करियर का उतार-चढ़ाव हो या व्यक्तिगत जीवन के फैसले, कृष्णा मुखर्जी हमेशा एक ढाल बनकर अपनी बेटी के आगे खड़ी रहीं। रानी के जीवन में उनकी मां की भूमिका एक मेंटॉर, एक सुरक्षा कवच और एक सच्चे मित्र की रही।

बॉलीवुड गलियारों में शोक की लहर

कृष्णा मुखर्जी के निधन की खबर सामने आते ही पूरी हिंदी और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में शोक व्यक्त किया जा रहा है। बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों, निर्माताओं और निर्देशकों ने मुखर्जी परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

अमिताभ बच्चन, शाहरुख़ खान, काजोल, करण जौहर, और आदित्य चोपड़ा के परिवार के करीबी सदस्यों ने इस दुखद घड़ी में रानी मुखर्जी और उनके भाई राजा मुखर्जी से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। बंगाली सिनेमा जगत की हस्तियों ने भी कृष्णा मुखर्जी के निधन पर गहरा दुख जताया है और संगीत व सिनेमा में उनके योगदान को याद किया है।

फैंस और सिनेमा प्रेमी भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रिय अभिनेत्री रानी मुखर्जी को सांत्वना दे रहे हैं और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि

कृष्णा मुखर्जी का अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले स्थित श्मशान घाट में किया गया, जहां परिवार के सदस्यों के साथ-साथ बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियां उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचीं। रानी मुखर्जी अपने पति आदित्य चोपड़ा के साथ इस भावुक पल में अपनी मां को याद करती नजर आईं।

कृष्णा मुखर्जी का निधन मुखर्जी परिवार के लिए एक कभी न पूरी होने वाली क्षति है। वे एक ऐसी महिला थीं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा, दृढ इच्छाशक्ति और ममता से अपने परिवार को न केवल संभाला, बल्कि अपनी बेटी को भारतीय सिनेमा की सबसे बेहतरीन और सफल अभिनेत्रियों में से एक बनाया।

रानी मुखर्जी के जीवन में उनकी मां की जगह कोई नहीं ले सकता, लेकिन कृष्णा मुखर्जी द्वारा दिए गए संस्कार, सीख और यादें हमेशा रानी के साथ रहेंगी और उन्हें जीवन के हर मोड़ पर प्रेरणा देती रहेंगी।

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