नई दिल्ली: केंद्र सरकार और राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति के नियमों में ऐतिहासिक संशोधन किया है। सरकार के इस कदम से देश भर के लाखों स्कूली, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलने वाला है।
अगर आप भी किसी सरकारी स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने जा रहे हैं या नवीनीकरण (Renewal) की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए इन नए बदलावों को समझना बेहद जरूरी है।
1. ‘वन स्टूडेंट – वन स्कॉलरशिप’ नीति समाप्त: अब मिलेंगे दोहरे लाभ
अब तक नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर “एक छात्र – एक छात्रवृत्ति” (One Student – One Scholarship) का सख्त नियम लागू था। इसका मतलब यह था कि यदि कोई मेधावी छात्र किसी एक योजना के तहत स्कॉलरशिप प्राप्त कर रहा है, तो वह दूसरी किसी योजना के लिए अयोग्य हो जाता था।
नया ढांचा और वर्गीकरण
नए नियमों के तहत इस पुरानी प्रणाली को खत्म कर “एक छात्र – बहु छात्रवृत्ति” (One Student – Multiple Scholarships) की व्यवस्था शुरू की गई है। सरकार ने छात्रवृत्तियों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया है:
- मेरिट-बेस्ड (योग्यता आधारित) छात्रवृत्ति: यह आपकी शैक्षणिक प्रतिभा, परीक्षा के अंकों या प्रतियोगी परीक्षाओं में प्राप्त रैंक के आधार पर प्रदान की जाती है (उदा. NMMSS, INSPIRE, या सेंट्रल सेक्टर स्कीम)।
- वेलफेयर-बेस्ड (कल्याणकारी) छात्रवृत्ति: यह सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, जैसे SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों को वित्तीय राहत देने के लिए दी जाती है (उदा. प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप)।
मुख्य लाभ: शैक्षिक सत्र 2026-27 से कोई भी पात्र छात्र एक मेरिट-बेस्ड छात्रवृत्ति के साथ-साथ एक या अधिक वेलफेयर-बेस्ड छात्रवृत्ति का लाभ एक ही समय में उठा सकता है।
2. आवेदन प्रक्रिया में तकनीकी सुधार और सुगमता
छात्रों को बार-बार एक ही जानकारी दर्ज करने की परेशानी से बचाने के लिए आवेदन पोर्टल को पूरी तरह अपडेट किया गया है:
- वन-टाइम प्रोफाइल सेव: जब आप पहली बार अपना आवेदन भरेंगे, तो आपका नाम, आधार विवरण, बैंक खाता और संस्थान का विवरण सिस्टम में सुरक्षित हो जाएगा। दूसरी योजना के लिए आवेदन करते समय आपको केवल उस विशिष्ट योजना से जुड़े दस्तावेज और विवरण ही अपलोड करने होंगे।
- सुधार (Edit) की प्रक्रिया में बदलाव: यदि किसी विशिष्ट स्कॉलरशिप के आवेदन में कोई गलती होती है, तो आप पूरी प्रोफाइल को प्रभावित किए बिना केवल उसी फॉर्म में सुधार कर सकते हैं। हालांकि, मूल व्यक्तिगत या शैक्षणिक जानकारी बदलने के लिए आपको जमा किए गए आवेदनों को वापस (Withdraw) लेना होगा।
3. पारदर्शी सत्यापन और ‘रेड फ्लैग’ व्यवस्था
फर्जीवाड़े को रोकने और पात्र छात्रों तक तुरंत वित्तीय सहायता पहुँचाने के लिए संस्थागत (L1) और जिला/राज्य स्तरीय (L2) नोडल अधिकारियों के डैशबोर्ड को एकीकृत किया गया है।
अधिकारी अब एक ही स्थान पर छात्र द्वारा भरे गए सभी आवेदनों की जांच कर सकेंगे। यदि किसी छात्र की मूल जानकारी में कोई विसंगति पाई जाती है, तो प्रणाली स्वतः ही उसके अन्य आवेदनों को ‘रेड फ्लैग’ (Red Flag) श्रेणी में डाल देगी ताकि त्वरित सत्यापन किया जा सके।
4. OTR और DBT अनिवार्य
पोर्टल पर आवेदन करने के लिए वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) और आधार-आधारित चेहरा सत्यापन (Face Authentication) प्रक्रिया पूरी तरह अनिवार्य है। सभी प्रकार की छात्रवृत्ति राशि का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे छात्र के आधार-लिंक बैंक खाते में जमा किया जाएगा।
महत्वपूर्ण तिथियां (शैक्षणिक सत्र 2026-27)
| विवरण | अंतिम तिथि |
| प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 1 से 10) | 30 सितंबर 2026 |
| NMMSS (नेशनल मींस कम मेरिट) | 30 सितंबर 2026 |
| पोस्ट-मैट्रिक और उच्च शिक्षा छात्रवृत्तियां | 31 अक्टूबर 2026 |
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