‘पूजा मेरी जान’ रिव्यू: जुनून, खौफ और अदालत के कटघरे में फंसी एक बेबस लड़की की कहानी
सिनेमा जगत में स्टॉकिंग (पीछा करना), एकतरफा प्यार और सनक पर कई फिल्में बनी हैं, लेकिन जब कोई कहानी सामाजिक बंधनों, मानसिक प्रताड़ना और कानूनी दांव-पेचों के उलझे हुए जाल को एक साथ पर्दे पर लाती है, तो वह महज मनोरंजन न रहकर समाज का एक कड़वा सच बन जाती है। निर्देशक नवजोत गुलाटी और … Read more