बिहार के पूर्णिया से निकलकर अंतरराष्ट्रीय कला मंच तक: ध्रुव की संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी
सपने किसी एक राह के मोहताज नहीं होते; जब कला और जुनून का संगम होता है, तो किस्मत खुद-ब-खुद नई दिशा तय कर लेती है। सीमांचल के छोटे से जिले पूर्णिया के रहने वाले ध्रुव की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। ध्रुव के पिता चाहते थे कि उनका बेटा पढ़-लिखकर एक बड़ा प्रशासनिक अधिकारी … Read more