उत्तर प्रदेश: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और गर्भवती यूट्यूबर पत्नी वैष्णवी चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या के मामले ने अभी नया मोड़ ले लिया है। अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद पति पर अदालत परिसर के बाहर कुछ अज्ञात बदमाशों ने दिनदहाड़े जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ चाकू से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
दिनदहाड़े और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई इस वारदात से पूरे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। कोर्ट परिसर के बाहर हुई इस घटना ने कानून व्यवस्था और बंदियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या था यूट्यूबर वैष्णवी चौधरी की हत्या का पूरा मामला?
वैष्णवी चौधरी सोशल मीडिया पर एक जाना-पहचाना नाम थीं। वह अपने पति के साथ व्लॉग्स और लाइफस्टाइल से जुड़े वीडियो बनाकर यूट्यूब व इंस्टाग्राम पर शेयर करती थीं। उनके लाखों फॉलोअर्स थे और सोशल मीडिया के जरिए वे एक खुशहाल शादीशुदा जिंदगी की तस्वीर पेश करते थे।
हालांकि, इस चमक-धमक वाली जिंदगी के पीछे का कड़वा सच कुछ और ही था। शादी के कुछ ही महीनों बाद दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई थी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि पति वैष्णवी के सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय रहने और उसके बढ़ते फॉलोअर्स को लेकर आए दिन शक और बहस करता था।
घटना के वक्त वैष्णवी कई महीनों की गर्भवती थीं। एक दिन अचानक वैष्णवी का शव उनके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि उनकी गला दबाकर हत्या की गई थी। वैष्णवी के परिजनों ने उसके पति पर दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और हत्या का गंभीर आरोप लगाया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
कोर्ट में पेशी के दौरान हुआ खूनी हमला
वैष्णवी की हत्या के बाद से ही आरोपी पति जेल में बंद था। मामले की सुनवाई के लिए पुलिस टीम आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से अदालत में पेशी के लिए लेकर आई थी।
अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद, जैसे ही पुलिसकर्मी आरोपी को वापस वैन में बिठाने के लिए कोर्ट परिसर से बाहर ला रहे थे, तभी पहले से घात लगाकर बैठे दो से तीन नकाबपोश बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों के हाथों में धारदार चाकू थे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं दिया और आरोपी पर सीधे हमला बोल दिया। आरोपी के पेट, छाती और गर्दन पर कई वार किए गए। जब तक सुरक्षाकर्मी अपनी बंदूकें संभालते और हमलावरों को दबोचते, तब तक आरोपी लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
वारदात के बाद कोर्ट परिसर में मची भगदड़
अदालत जैसी सुरक्षित जगह पर दिनदहाड़े हुई इस चाकूबाजी से वहां मौजूद वकीलों, फरियादियों और आम जनता के बीच अफ़रा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
पुलिस की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक हमलावर को मौके पर ही खदेड़कर दबोच लिया, जबकि उसके अन्य साथी भीड़ का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। पुलिस तुरंत घायल आरोपी को नजदीकी ट्रॉमा सेंटर ले गई, लेकिन डॉक्टरों ने अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसे मृत घोषित कर दिया।
पुरानी रंजिश और बदला लेने की आशंका
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के बाद पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई हैं। पुलिस शुरुआती जांच में इसे ‘बदले की कार्रवाई’ (Revenge Attack) मानकर चल रही है।
वैष्णवी एक गर्भवती महिला थीं और उनकी दर्दनाक मौत से उनके परिवार और चाहने वालों में भारी रोष था। पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या यह हमला वैष्णवी के किसी करीबी या भाड़े के शूटरों द्वारा रची गई साजिश का हिस्सा था।
पकड़े गए आरोपी से पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
अदालत परिसर, जहां मेटल डिटेक्टर और पुलिस का कड़ा पहरा होता है, वहां अपराधियों का इस तरह हथियार लेकर पहुंच जाना पुलिस सुरक्षा तंत्र पर गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय बार एसोसिएशन ने भी कोर्ट परिसर की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही की जांच के आदेश दे दिए हैं। पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
वैष्णवी चौधरी की हत्या से शुरू हुआ यह मामला अब एक और दर्दनाक मोड़ पर आकर खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां वैष्णवी के प्रशंसक उसकी मौत के सदमे से बाहर नहीं आ पाए थे, वहीं अब उसके आरोपी पति की हत्या ने इस पूरी कहानी को और ज्यादा उलझा दिया है। कानून को अपने हाथ में लेने की इस प्रवृत्ति से समाज और न्याय व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।
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