मेरठ में शिक्षक की संदिग्ध मौत: मां ने जताई हत्या की आशंका, बहू समेत 4 के खिलाफ SSP से शिकायत

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक शिक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद सनसनी फैल गई है। इस दुखद घटना ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब मृतक शिक्षक की वृद्धा मां ने स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) का दरवाजा खटखटाया। पीड़ित मां का आरोप है कि उनके बेटे की मौत कोई सामान्य घटना या स्वाभाविक मृत्यु नहीं है, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या है। मां ने अपनी ही बहू यानी मृतक की पत्नी और उसके परिवार के तीन अन्य सदस्यों पर हत्या की साजिश रचने और घटना को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कार्यालय ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

क्या है पूरा मामला?

मेरठ के निवासी और पेशे से शिक्षक (टीचर) के रूप में कार्यरत व्यक्ति की अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती दौर में घटना को सामान्य मृत्यु या स्वास्थ्य बिगड़ने की वजह से हुई मौत के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि, शिक्षक की बुजुर्ग मां और उनके अन्य रिश्तेदारों का कहना है कि मौत के पीछे गहरा षड्यंत्र है।

पीड़ित मां के अनुसार, पिछले काफी समय से उनके बेटे और उसकी पत्नी के बीच घरेलू कलह चल रही थी। वैवाहिक जीवन में लगातार हो रहे विवादों और तनाव के कारण स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी। आरोप है कि घटना वाले दिन शिक्षक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही समय में उनकी मृत्यु हो गई। जब परिजनों ने शव को देखा, तो उन्हें कुछ संदिग्ध निशान और परिस्थितियां नज़र आईं, जिससे हत्या का संदेह गहरा गया।

बहू समेत 4 लोगों पर हत्या का आरोप

एसएसपी कार्यालय में दिए गए प्रार्थना पत्र (शिकायत पत्र) में मृतक की मां ने स्पष्ट रूप से 4 लोगों को नामजद किया है:

  • मृतक की पत्नी (बहू): मुख्य आरोपी के रूप में नामजद, जिसके साथ लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था।
  • ससुराल पक्ष के 3 रिश्तेदार: पत्नी के परिवार और रिश्तेदारों में से 3 अन्य लोग, जिन पर साजिश में शामिल होने का आरोप है।

पीड़िता का कहना है कि इन चार लोगों ने मिलकर षड्यंत्र रचा और शिक्षक की जान ले ली। आरोप है कि संपत्ति, पारिवारिक विवाद या किसी अन्य आपसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। मां ने बताया कि पहले भी उनके बेटे को धमकी दी जा रही थी, जिसकी जानकारी बेटे ने परिवार को दी थी।

स्थानीय थाना पुलिस पर लापरवाही का आरोप

एसएसपी के पास पहुँचने की मुख्य वजह स्थानीय थाना पुलिस की कार्यप्रणाली बताई जा रही है। पीड़ित मां का आरोप है कि जब उन्होंने घटना के तुरंत बाद स्थानीय थाने में जाकर प्राथमिक दर्ज कराने की कोशिश की, तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

पीड़ित मां का बयान:

“स्थानीय पुलिस हमारी बात सुनने को तैयार नहीं थी और मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास कर रही थी। जब स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो हमें इंसाफ के लिए सीधे एसएसपी साहब के पास आना पड़ा।”

परिजनों का दावा है कि यदि स्थानीय पुलिस शुरुआत से ही मामले की सही जांच करती और शव का पोस्टमार्टम या फोरेंसिक जांच समय पर कराती, तो कई सबूत मौके से ही मिल सकते थे।

SSP कार्यालय में दिया गया प्रार्थना पत्र

इंसाफ की आस में एसएसपी दफ्तर पहुंची रोती-बिलखती मां ने पुलिस कप्तान को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने मांग की है कि:

  1. FIR दर्ज हो: बहू और उसके तीनों साथियों के खिलाफ हत्या (IPC/BNS की संबंधित धाराओं) के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए।
  2. पोस्टमार्टम व फोरेंसिक जांच: यदि शव का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच की रिपोर्ट को निष्पक्षता से जांचा जाए।
  3. कठोर कार्रवाई: मामले की जांच किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में कराकर दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।

एसएसपी कार्यालय से आश्वासन मिलते ही अधिकारियों ने संबंधित थाना अध्यक्ष को तुरंत मामले की जांच करने और नियमानुसार विधिक कार्रवाई (Legal Action) के आदेश जारी कर दिए हैं।

पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच के बिंदु

एसएसपी के कड़े रुख के बाद अब पुलिस महकमा हरकत में आ गया है। इस मामले में पुलिस निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर अपनी जांच केंद्रित करेगी:

  • कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR): मृतक और आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली जाएगी ताकि घटना के दिन और उससे पहले हुई बातचीत का पता लगाया जा सके।
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि व गवाहों के बयान: पड़ोसियों और अन्य रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए जाएंगे ताकि पारिवारिक विवाद की गहराई को समझा जा सके।
  • मेडिकल व फोरेंसिक रिपोर्ट: मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय सबसे अहम भूमिका निभाएगी।

शिक्षा जगत से जुड़े व्यक्ति की इस प्रकार संदिग्ध मौत और परिवार के ही लोगों पर आरोप लगने से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। अब सभी की निगाहें पुलिस की आगामी जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या पीड़ित मां को न्याय मिल पाएगा या नहीं।

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  • Rahul Kaushik

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