मेरठ (उत्तर प्रदेश)। क्रांतिक्षेत्र मेरठ में ज्ञानयोगी और संस्कार प्रणेता दिगंबराचार्य श्री १०८ सौरभ सागर जी महाराज का भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में मंगल प्रवेश संपन्न हुआ। शहर के फूल बाग कॉलोनी में आयोजित धार्मिक प्रवास एवं धर्म सभा के दौरान पूज्य मुनिराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से उपस्थित जनसमूह को धर्म, संस्कृति और सामाजिक दायित्वों का मार्ग दिखाया।
इस अवसर पर पूज्य महाराज श्री ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राचीन जैन मंदिरों और तीर्थ स्थलों की देख-रेख एवं संरक्षण पर गहरा जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांव और दूर-दराज के क्षेत्रों में स्थित हमारे देवस्थान धर्म की वास्तविक जड़ें हैं, जिनकी सुरक्षा और सेवा करना प्रत्येक श्रावक का प्रथम कर्तव्य है।
फूलों की वर्षा और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य अगवानी
महामुनिराज सौरभ सागर जी महाराज के मेरठ आगमन को लेकर श्रद्धालुओं और सकल जैन समाज में कई दिनों से अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा था। फूल बाग कॉलोनी में महाराज श्री के पद-विहार कर पहुँचने पर श्रद्धालुओं ने उन पर पुष्पवर्षा कर और जयकारों के साथ उनका मंगल अभिनंदन किया।
- पाद प्रक्षालन एवं आरती: कॉलोनी के मुख्य मार्ग से लेकर मंदिर प्रांगण तक कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के पाद प्रक्षालन (चरण धोने) किए और आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
- भक्तिमय वातावरण: संपूर्ण मार्ग ‘सौरभ सागर जी महाराज की जय’ और ‘जैन धर्म दिवाकर की जय’ के नारों से गुंजायमान रहा।
- सांस्कृतिक स्वागत: विभिन्न धार्मिक मंडलों एवं महिला मंडलों ने मांगलिक गीत गाकर मुनिराज की भक्तिभाव से अगवानी की।
धर्मसभा एवं मुख्य प्रवचन: “गांवों के मंदिरों की देख-रेख पर ध्यान दें”
फूल बाग कॉलोनी में आयोजित विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए दिगंबर जैन मुनि श्री सौरभ सागर जी महाराज ने अपने अमृत वचनों से धर्मानुरागियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
१. ग्रामीण जैन मंदिरों और धरोहरों का संरक्षण
प्रवचन के दौरान मुनिराज ने समाज का ध्यान एक अत्यंत संवेदनशील विषय की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा:
“आज के आधुनिक दौर में लोग बड़े शहरों के भव्य मंदिरों के निर्माण पर तो ध्यान दे रहे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हमारे प्राचीन जिन मंदिर उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। गांवों के मंदिरों में नियमित पूजा-अर्चना, साफ-सफाई और उनकी उचित देख-रेख सुनिश्चित करना पूरे जैन समाज की नैतिक जिम्मेदारी है।”
उन्होंने समाज के प्रबुद्ध और सक्षम लोगों से आह्वान किया कि वे गांवों के मंदिरों की स्थिति का जायजा लें, वहां धूप-दीप और पूजा की सुचारू व्यवस्था करें तथा वहां की संपत्तियों और प्राचीन मूर्तियों की सुरक्षा के कड़े प्रबंध करें।
२. संस्कारों की नींव मजबूत करने का संदेश
महाराज श्री ने आगे कहा कि किसी भी समाज और परिवार का अस्तित्व उसके मूल्यों और संस्कारों पर टिका होता है। यदि नई पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से नहीं जोड़ा गया, तो भौतिक समृद्धि भी निष्फल साबित होगी। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन मंदिर जाने, स्वाध्याय करने और बड़ों का आदर करने के संस्कार दें।
३. अहिंसा, करुणा और सेवा का भाव
मुनिराज ने जीवन में संयम और सादगी अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अहिंसा और जीवदया केवल सिद्धांतों में नहीं, बल्कि हमारे दैनिक व्यवहार में दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और असहाय जीवों की रक्षा के लिए सभी को प्रेरित किया।
सकल जैन समाज और स्थानीय निवासियों में उत्साह
इस मंगल प्रवेश कार्यक्रम में मेरठ शहर के कोने-कोने से तथा आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। कार्यक्रम के आयोजकों और स्थानीय प्रबंध समिति के सदस्यों ने मुनिराज के प्रवास के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।
- विशेष उपस्थिति: जैन समाज के अनेक वरिष्ठ समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने मुनिराज के समक्ष श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया।
- भंडारा एवं वात्सल्य भोजन: आयोजन के उपरांत सभी श्रद्धालुओं के लिए वात्सल्य भोजन की व्यवस्था की गई।
फूल बाग कॉलोनी में मुनिराज के दो दिवसीय धार्मिक प्रवास के दौरान प्रतिदिन सुबह अभिषेक, शांतिधारा, प्रवचन और सायं कालीन आरती एवं तत्व चर्चा के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
महामुनिराज सौरभ सागर जी महाराज का मेरठ आगमन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक चेतना के जागरण के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। उनके द्वारा ग्रामीण मंदिरों की देखभाल और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण का दिया गया संदेश समाज को एक नई दिशा प्रदान करेगा।
यह भी पढ़ें: संजय मिश्रा का सादगी भरा अंदाज: नेशनल अवॉर्ड के बाद लुंगी-टीशर्ट में जमीन पर बैठे दिखे एक्टर, वीडियो वायरल
1 thought on “विशेष समाचार: महामुनिराज सौरभ सागर जी महाराज का मेरठ में भव्य मंगल प्रवेश”