थाने में बिलखते रहे मां-बाप, लेकिन बेटी ने नहीं मानी बात; महाराष्ट्र से मेरठ आकर हलवाई संग रचाई शादी

प्यार में सीमाएं और बंदिशें बेमानी हो जाती हैं, लेकिन जब यह फैसला परिजनों की मर्जी के खिलाफ हो, तो रिश्तों में दरार और आंसुओं का सैलाब आ जाता है। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसा ही चौंकाने वाला और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां महाराष्ट्र से मेरठ पहुंची एक युवती ने अपने माता-पिता के आंसुओं और मिन्नतों को दरकिनार करते हुए एक स्थानीय हलवाई के साथ लव मैरिज (प्रेम विवाह) कर ली। थाने के भीतर घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान मां-बाप बिलख-बिलख कर रोते रहे, अपनी बेटी से घर वापस लौटने की गुहार लगाते रहे, लेकिन प्यार में अड़ी बेटी का दिल नहीं पसीजा। आखिरकार, कानून और बेटी के बालिग होने के अधिकार के आगे बेबस मां-बाप को खाली हाथ और भारी मन से वापस लौटना पड़ा।

सोशल मीडिया से शुरू हुई थी प्रेमकहानी

बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र की रहने वाली इस युवती की पहचान कुछ समय पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मेरठ के एक कस्बे में हलवाई का काम करने वाले युवक से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर अटूट प्यार में बदल गई। दोनों के बीच घंटों फोन पर बातें होने लगीं। युवक मेरठ में एक मिठाई की दुकान पर काम करता है, जबकि युवती महाराष्ट्र के एक शिक्षित और संपन्न परिवार से ताल्लुक रखती है।

दोनों के बीच प्यार जब परवान चढ़ा, तो उन्होंने शादी करने का फैसला किया। हालांकि, जब युवती ने इस बारे में अपने परिजनों को संकेत दिए, तो उन्होंने इस रिश्ते को साफ तौर पर खारिज कर दिया। सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक दूरी के चलते परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे। लेकिन युवती ने अपने परिजनों की मर्जी के बिना जीवनसाथी चुनने का मन बना लिया था।

घर छोड़कर मेरठ पहुंची युवती, मची अफरा-तफरी

कुछ दिन पहले युवती बिना किसी को बताए अचानक महाराष्ट्र स्थित अपने घर से लापता हो गई। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटी, तो परेशान परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और युवती के सर्विलांस तथा फोन लोकेशन को ट्रैक किया।

लोकेशन मेरठ में मिलने के बाद, युवती के माता-पिता तुरंत पुलिस टीम के साथ महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के संबंधित थाने पहुंचे। उधर, प्रेमी जोड़ा पहले से ही जानता था कि परिजन उनका पीछा कर रहे हैं, इसलिए सुरक्षा की गुहार लगाने और कानूनी रूप से साथ रहने का बयान दर्ज कराने के लिए दोनों खुद थाने पहुंच गए।

थाने में घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा

जैसे ही मां-बाप ने थाने के भीतर अपनी बेटी को हलवाई युवक के साथ देखा, माहौल बेहद भावुक और तनावपूर्ण हो गया। मां अपनी बेटी को देखते ही लिपट गई और फूट-फूटकर रोने लगी। पिता ने भी अपनी बेटी के पैरों में गिरकर अपनी इज्जत और परिवार की दुहाई दी। थाने के मुंशी, दरोगा और अन्य पुलिसकर्मियों के सामने घंटों तक मां-बाप अपनी बेटी को समझाने का प्रयास करते रहे।

मां बार-बार कह रही थी, “बेटी, हमने तुझे पाल-पोसकर बड़ा किया, पढ़ाया-लिखाया। तू इस तरह हमें छोड़कर मत जा, हमारी समाज में कोई इज्जत नहीं रह जाएगी।” लेकिन युवती अपनी बात पर पूरी तरह अडिग रही। उसने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह बालिग है, अपना भला-बुरा अच्छी तरह समझती है और उसने अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ रहने का फैसला किया है। उसने अपने माता-पिता के साथ वापस महाराष्ट्र जाने से साफ इनकार कर दिया।

कानून के आगे बेबस हुए परिजन

पुलिसकर्मियों ने भी दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने युवती के उम्र संबंधी दस्तावेजों (आधार कार्ड और हाईस्कूल प्रमाणपत्र) की जांच की। जांच में यह पुष्टि हुई कि युवती की उम्र 18 वर्ष से अधिक है और वह भारतीय कानून के अनुसार पूरी तरह से बालिग (Adult) है।

संविधान के तहत किसी भी बालिग नागरिक को अपनी पसंद से अपना जीवनसाथी चुनने और अपनी मर्जी से रहने का पूर्ण कानूनी अधिकार है। जब पुलिस ने युवती से एकांत में बात की और उसका बयान दर्ज किया, तो उसने लिखित रूप में यह बयान दिया कि वह बिना किसी दबाव के अपनी स्वेच्छा से प्रेमी के साथ आई है और उसी के साथ शादी करके रहना चाहती है।

कोर्ट मैरिज के बाद आर्य समाज मंदिर में रचाई शादी

कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने और युवती के कड़े रुख को देखते हुए पुलिस ने भी हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद प्रेमी जोड़े ने स्थानीय आर्य समाज मंदिर और कानूनी प्रक्रिया के तहत अपने विवाह की रस्में पूरी कीं। विवाह के बाद दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और हमेशा साथ निभाने का वचन दिया।

थाने के बाहर निकलते ही बेबस माता-पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्होंने भारी मन से कहा कि उनकी बेटी ने उनके सारे संस्कारों और प्यार को एक झटके में भुला दिया। आखिरकार, परिजन भारी दिल के साथ बिना अपनी बेटी के ही महाराष्ट्र वापस लौट गए।

समाज और बदलती पीढ़ी का बड़ा सवाल

यह घटना केवल एक लव मैरिज या पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आज की पीढ़ी और पुराने समाज के बीच बढ़ते वैचारिक अंतर को भी दर्शाती है। सोशल मीडिया के इस दौर में युवा अपने फैसले खुद लेने में हिचकिचा नहीं रहे हैं, लेकिन कई बार इन फैसलों के कारण बरसों से बने पारिवारिक रिश्ते टूट कर बिखर जाते हैं। मेरठ की यह घटना वर्तमान में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

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  • Rahul Kaushik

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