मेरठ की शिक्षिका प्रतिभा रानी को राज्य अध्यापक पुरस्कार, शिक्षा में नवाचार के लिए चयन

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025 (राज्यपाल पुरस्कार) के लिए चयनित प्रदेश भर के उत्कृष्ट 61 शिक्षकों की प्रतिष्ठित सूची जारी की गई है। इस सूची में मेरठ जिले के विकासखंड सरूरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय हर्रा की शिक्षिका प्रतिभा रानी भारती का नाम मुख्य रूप से शामिल है। प्रतिभा रानी को यह सम्मान प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व नवाचारों, शिक्षण विधियों में तकनीकी और प्रयोगात्मक बदलावों, तथा विद्यालय में बेहतर प्रबंधन एवं शिक्षण व्यवस्था स्थापित करने के लिए दिया जा रहा है।

शिक्षा में नवाचार और रचनात्मक शिक्षण

प्रतिभा रानी भारती ने पारंपरिक पठन-पाठन की प्रक्रिया को पूरी तरह आधुनिक और आनंददायक स्वरूप प्रदान किया है। उन्होंने छोटे बच्चों की समझ और रुचि को ध्यान में रखते हुए शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) का भरपूर उपयोग किया।

  • खेल-खेल में शिक्षा (Play-way Method): बच्चों को कठिन गणितीय और भाषा संबंधी अवधारणाओं को सिखाने के लिए गतिविधि-आधारित पद्धतियों को अपनाया गया।
  • तकनीकी समावेश (ICT in Education): कक्षा-कक्ष को जीवंत बनाने के लिए डिजिटल टूल्स, ऑडियो-वीडियो टीएलएम और नवाचारी गतिविधियों के जरिए पठन-पाठन को प्रभावी बनाया।
  • सुगम एवं आकर्षक पाठ्यक्रम: बच्चों को बोझमुक्त वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए स्थानीय परिवेश और रोजमर्रा की वस्तुओं के उदाहरणों से विषयों को समझाया।

नामांकन और उपस्थिति में ऐतिहासिक सुधार

सरकारी विद्यालयों में घटती छात्र संख्या और अनुपस्थिति की चुनौती से निपटते हुए प्रतिभा रानी ने अपनी निष्ठा और प्रयासों से विद्यालय का कायाकल्प किया।

  • नामांकन अभियान: घर-घर जाकर अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाया और अभिभावक-शिक्षक बैठकों (PTA) के जरिए ग्रामीणों का विश्वास जीता।
  • बाल-केंद्रित वातावरण: स्कूल में ऐसा सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार किया जिससे बच्चों का विद्यालय के प्रति जुड़ाव बढ़ा और दैनिक उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

राज्य अध्यापक पुरस्कार: चयन प्रक्रिया और मानकीकरण

उत्तर प्रदेश सरकार एवं बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा इस पुरस्कार के चयन के लिए कड़े नियम व बहुस्तरीय मापदंड तय किए गए थे।

  1. पारदर्शी चयन प्रक्रिया: ब्लॉक स्तर से लेकर जिला और फिर राज्य स्तरीय चयन समिति ने शिक्षकों द्वारा पिछले वर्षों में प्रस्तुत की गई उपलब्धियों, नवाचारों, टीएलएम प्रदर्शनी, छात्र-परिणाम और बुनियादी अवसंरचना के विकास की गहन समीक्षा की।
  2. सख्त मापदंड: विद्यालय में छात्रों के सीखने के स्तर (Learning Outcomes) को सुधारने, पर्यावरण संरक्षण, समावेशी शिक्षा और खेल-कूद गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे बिंदुओं पर विशेष अंक दिए गए।
  3. मेरठ का मान: प्रतिभा रानी भारती ने इन सभी कसौटियों पर खरा उतरते हुए राज्य स्तर पर मेरठ जिले का नाम रोशन किया।

5 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे सम्मानित

प्रतिभा रानी भारती को आगामी 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित भव्य राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

  • पुरस्कार स्वरूप सम्मान: उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, अंगवस्त्रम और नियमानुसार मानदेय/पुरस्कार धनराशि प्रदान की जाएगी।
  • विभाग का संदेश: बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने इस अवसर पर कहा कि समर्पित और नवाचारी शिक्षक ही शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। ऐसे उत्कृष्ट प्रयासों को सम्मानित करने से पूरे शिक्षक समुदाय को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

जिले में हर्ष की लहर

प्रतिभा रानी भारती के इस चयन की खबर मिलते ही मेरठ जिले के शिक्षा विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों, उनके साथी शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और साथी अध्यापकों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि प्रतिभा रानी की यह उपलब्धि जिले के अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी, जिससे वे अपने-अपने विद्यालयों में शैक्षणिक सुधार लाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

प्रतिभा रानी ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने विद्यार्थियों, साथी शिक्षकों और शिक्षा विभाग के सहयोग को दिया है। उनका कहना है कि यह पुरस्कार उनके दायित्वों को और अधिक बढ़ा देता है और वे भविष्य में भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करती रहेंगी।

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