उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक एवं व्यावसायिक शहर मेरठ आज विभिन्न मांगों और स्थानीय मुद्दों के विरोध में बुलाए गए ‘मेरठ बंद’ और महापंचायत के आह्वान के कारण व्यापक हलचल का गवाह बन रहा है। स्थानीय आंदोलनों, व्यापारिक और सामाजिक संगठनों के आह्वान पर शहर की गतिविधियों पर मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां निजी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं ने बंद का समर्थन करते हुए ओपीडी सेवाएं स्थगित रखने का फैसला लिया है, वहीं दूसरी ओर शहर के कुछ बड़े व्यापारिक संगठनों के तटस्थ रहने या पीछे हटने से बंद का मिला-जुला असर नज़र आ रहा है। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
1. बंद का मुख्य कारण और पृष्ठभूमि
मेरठ में इस व्यापक प्रदर्शन का मुख्य कारण हाल के दिनों में शास्त्री नगर और आसपास के इलाकों में आवास विकास परिषद द्वारा की गई सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर पनपा जनआक्रोश है। ‘मेरठ बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति’ के बैनर तले विभिन्न स्थानीय संगठनों और प्रभावित व्यापारियों ने इस कार्रवाई के विरोध में मोर्चा खोल रखा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासनिक और स्थानीय निकायों की इस कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों की आजीविका और व्यापार पर सीधा असर पड़ा है। इसी के विरोध में आज शहर में महापंचायत आयोजित करने और मेरठ बंद का आह्वान किया गया है।
2. स्वास्थ्य सेवाओं पर असर: निजी ओपीडी रहेंगी बंद
स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और नर्सिंग होम एसोसिएशन से जुड़े निजी चिकित्सकों और निजी अस्पतालों ने आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
- ओपीडी (OPD) और रूटीन सेवाएं: निजी अस्पतालों, क्लिनिकों, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी सेंटरों में नियमित ओपीडी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इससे नियमित जांच व रूटीन चेकअप के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
- इमरजेंसी सेवाएं बहाल: आम जनता की सुविधा और मानवीय आधार को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाओं और आईसीयू को बंद से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। भर्ती मरीजों के इलाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- सरकारी अस्पताल खुले: लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज, प्यारे लाल शर्मा जिला अस्पताल और अन्य प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC/PHC) पूरी क्षमता के साथ सामान्य दिनों की तरह काम कर रहे हैं।
3. स्कूलों में छुट्टी की स्थिति और शैक्षणिक संस्थान
बंद की घोषणा के मद्देनजर कई निजी स्कूल प्रबंधनों और अभिभावक संघों ने सुरक्षात्मक रुख अपनाया है:
- निजी स्कूल: सुरक्षा की दृष्टि से और परिवहन में किसी भी संभावित व्यवधान से बचने के लिए शहर के कई प्रमुख निजी स्कूलों ने आज ऑफलाइन कक्षाओं का अवकाश घोषित कर दिया है या ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प दिया है।
- सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालय: बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा आधिकारिक तौर पर पूरे जिले में कोई सर्वव्यापी अवकाश घोषित नहीं किया गया है। सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालय अपने निर्धारित समय सारणी के अनुसार खुले हैं, हालांकि छात्रों की उपस्थिति पर थोड़ा असर देखा जा सकता है।
4. बड़े व्यापारिक संगठनों की भूमिका: बाजार में मिला-जुला असर
व्यापारिक गतिविधियों के मामले में इस बंद का असर मुख्य रूप से दो धड़ों में बंटा हुआ दिख रहा है:
- बड़े व्यापारिक संगठन दूर: शहर के कई शीर्ष व्यापारिक परिसंघों, सर्राफा एसोसिएशन और थोक दवा विक्रेता संघ (केमिस्ट एसोसिएशन) ने खुद को इस बंद से अलग रखने या समर्थन न देने की घोषणा की है। उनका मानना है कि बातचीत के जरिए मसले का हल निकाला जाना चाहिए और दैनिक व्यापार को बाधित करना उचित नहीं है।
- प्रभावित इलाकों में दुकानें बंद: शास्त्री नगर, जागृति विहार, एल-ब्लॉक और सेंट्रल मार्केट से सटे इलाकों में व्यापारियों ने बंद को पूरा समर्थन दिया है। यहां दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं और स्थानीय व्यापारी महापंचायत में हिस्सा ले रहे हैं।
- आवश्यक वस्तुएं मुक्त: दूध, फल-सब्जी और राशन जैसी दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को बंद से बाहर रखा गया है ताकि आम नागरिकों को दैनिक जीवन में भारी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
5. पुलिस और प्रशासन की सतर्कता
आंदोलन और महापंचायत के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेरठ पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
- सुरक्षा बल की तैनाती: संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौराहों, शास्त्री नगर गुरुद्वारा रोड क्षेत्र और सरकारी कार्यालयों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी (PAC) और त्वरित कार्य बल (RAF) की तैनाती की गई है।
- सड़क जाम और टेंट पर रोक: पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सूरत में मुख्य सड़कों को जाम करने या बिना अनुमति के सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बीती रात भी पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों के साथ वार्ता कर यातायात सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं।
- सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी: पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से शहर के प्रमुख मार्गों की सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अवांछित घटना पर तुरंत काबू पाया जा सके।
6. आम जनजीवन और यातायात की स्थिति
शहर में कुल मिलाकर स्थिति नियंत्रण में है और दैनिक गतिविधियां आंशिक रूप से संचालित हो रही हैं। सिटी बसें, ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं चालू हैं, हालांकि महापंचायत वाले क्षेत्रों में यातायात को डायवर्ट किया जा सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
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