जनसमाज संवाददाता,मेरठ । उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित सोहराब गेट बस अड्डे पर आयोजित एक विदाई समारोह इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, एक रोडवेज चालक के सेवानिवृत्त (रिटायरमेंट) होने के अवसर पर बस अड्डे परिसर के भीतर ही एक ग्रैंड विदाई पार्टी का आयोजन किया गया था। हालांकि, यह सादा या पारंपरिक विदाई समारोह न रहकर उस समय विवादों में घिर गया, जब कार्यक्रम में मनोरंजन के लिए महिला डांसरों को बुला लिया गया।
स्टेज पर बजते तेज तर्रार फिल्मी गानों के बीच महिला डांसरों ने जमकर ठुमके लगाए, जबकि वहां मौजूद रोडवेज के कुछ कर्मचारियों और लोगों ने न केवल डांसरों के साथ डांस किया बल्कि उन पर जमकर नोट भी उड़ाए। सार्वजनिक स्थान पर हुए इस पूरे घटनाक्रम का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो देखते ही देखते तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
बस अड्डे पर उड़ाए गए नोट, कर्मचारियों ने लगाए जमकर ठुमके
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को सोहराब गेट डिपो पर तैनात एक रोडवेज चालक का कार्यकाल पूरा होने पर उनके विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। इस दौरान बस स्टैंड परिसर के अंदर ही एक अस्थायी मंच (स्टेज) तैयार किया गया था।
कार्यक्रम की शुरुआत तो सामान्य रही, लेकिन धीरे-धीरे माहौल बदल गया। मंच पर तेज आवाज में डीजे और साउंड सिस्टम पर फिल्मी गाने बजने लगे और महिला डांसरों ने नृत्य पेश करना शुरू कर दिया। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों और मेहमानों का उत्साह इस कदर बढ़ा कि कई लोग खुद भी डांसरों के साथ मंच पर और नीचे नाचने लगे। इतना ही नहीं, डांस कर रही महिलाओं पर खुलेआम करेंसी नोट भी बरसाए गए और जमकर हूटिंग हुई।
यात्रियों ने जताई कड़ी आपत्ति, सुरक्षा और माहौल पर उठाए सवाल
बस अड्डे पर रोजाना हजारों की संख्या में यात्री, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे आवाजाही करते हैं। सरकारी बस स्टैंड जैसे व्यस्त और संवेदनशील सार्वजनिक स्थान पर इस तरह के आयोजन और अश्लील गानों पर डांस को लेकर वहां मौजूद आम यात्रियों ने गहरा आक्रोश जताया।
यात्रियों का कहना था कि:
- बस अड्डा एक सार्वजनिक और सरकारी परिसर है, कोई निजी मैरिज होम नहीं।
- दिन-दिहाड़े यात्रियों की मौजूदगी में तेज आवाज में गाने बजाना, डांसरों के ठुमके और हुड़दंग मचाना बेहद असहज करने वाला था।
- इस तरह के कृत्यों से बस अड्डे का माहौल खराब होता है और यात्रा करने वाली महिलाओं तथा पारिवारिक यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, विभाग की साख पर उठे सवाल
पार्टी के दौरान किसी प्रत्यक्षदर्शी ने अपने मोबाइल कैमरे से इस पूरे वाक्ये को रिकॉर्ड कर लिया। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर शेयर हुआ, लोगों ने यूपी रोडवेज प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिससे परिवहन विभाग की छवि को गहरा धक्का पहुंचा है।
वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह से सरकारी परिसर के नियमों और मर्यादाओं को दरकिनार कर मनोरंजक कार्यक्रम चलाए जा रहे थे।
विवाद बढ़ने पर रोडवेज यूनियन और एआरएम ने दी सफाई
मामले के तूल पकड़ते ही उत्तर प्रदेश रोडवेज एम्प्लाइज यूनियन और डिपो अधिकारियों को अपनी सफाई पेश करनी पड़ी।
- यूनियन का पक्ष:यूपी रोडवेज एम्प्लाइज यूनियन के प्रतिनिधियों ने सफाई देते हुए स्पष्ट किया कि विदाई समारोह का आयोजन परंपरा के अनुसार किया गया था, लेकिन डांसरों को बुलाने में यूनियन की कोई भूमिका नहीं थी। यूनियन का दावा है कि डांसरों को सेवानिवृत्त होने वाले ड्राइवर और उनके गांव से आए कुछ निजी लोगों द्वारा बुलाया गया था। जैसे ही इस बात की जानकारी वरिष्ठ पदाधिकारियों को हुई, कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया गया।
- डिपो प्रशासन (ARM) का बयान:सोहराब गेट डिपो के एआरएम (Assistant Regional Manager) ने बताया कि उन्हें ड्राइवर की सेवानिवृत्ति की जानकारी तो थी, परंतु जिस समय यह डांस पार्टी चल रही थी, उस समय वे आधिकारिक बैठक (मीटिंग) में व्यस्त थे। डिपो प्रशासन का इस प्रकार के किसी भी अनधिकृत मनोरंजक कार्यक्रम या डांसरों को बुलाने से कोई संबंध नहीं है।
जांच और कार्रवाई की आशंका
एक जिम्मेदार सरकारी संस्थान के परिसर में इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार सामने आने के बाद अब वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने की संभावना है। स्थानीय लोगों और यात्रियों की मांग है कि सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी मर्यादा का उल्लंघन करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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