एक बाइक पर 5 बच्चे, कंधे पर सवार छात्र: वायरल वीडियो पर पुलिस का ₹25,000 का जुर्माना

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से एक ऐसा चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसने न केवल यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रसारित हो रहे इस वीडियो में एक ही दोपहिया वाहन पर करीब 5 नाबालिग स्कूली छात्र सवार नजर आ रहे हैं। हैरान कर देने वाली बात यह है कि बाइक पर जगह कम होने के कारण एक बच्चा पीछे बैठे अपने सहपाठी के कंधों पर बैठा हुआ है। इस जानलेवा लापरवाही का वीडियो जैसे ही पुलिस के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, मेरठ ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और वाहन का चालान काटकर ₹25,000 का भारी-भरकम जुर्माना आयद किया है।

सड़क पर जानलेवा स्टंट: क्या है पूरा वायरल वीडियो?

मेरठ जनपद के व्यस्त मार्ग पर रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्र स्कूल यूनिफॉर्म या सामान्य कपड़ों में एक छोटी मोटरसाइकिल पर ठंस-ठंसकर बैठे हुए हैं। चालक की सीट पर एक नाबालिग बच्चा हैंडल संभाले हुए है, जबकि उसके पीछे 3 से 4 अन्य बच्चे बैलेंस बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हद तो तब हो गई जब सीट पर जगह न होने की वजह से एक छात्र बाइक के सबसे पीछे बैठे साथी के कंधों पर चढ़कर बैठ गया।

तेज रफ्तार में चलती बाइक पर इस तरह का संतुलन बनाना किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसा था। यदि जरा सा भी संतुलन बिगड़ता या अचानक ब्रेक लगाने पड़ते, तो सभी बच्चे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो सकते थे या किसी भारी वाहन की चपेट में आ सकते थे। राह चलते किसी नागरिक ने इस पूरे दृश्य का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इसके बाद यह वीडियो तेजी से शेयर होने लगा और लोगों ने मेरठ पुलिस को टैग करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई: केस दर्ज और गाड़ी सीज

वीडियो के इंटरनेट पर वायरल होते ही उच्च अधिकारियों ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया। पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मेरठ के निर्देशों के बाद स्थानीय कोतवाली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम को जांच का जिम्मा सौंपा गया।

पुलिस ने सर्विलांस और गाड़ी के पंजीकरण नंबर के आधार पर वाहन मालिक की पहचान की। मेरठ के एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल वीडियो की जांच के बाद कोतवाली थाने में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत कार्रवाई करते हुए:

  • वाहन का ₹25,000 का चालान काटा है।
  • मोटरसाइकिल को सीज (Seize) करने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
  • वाहन का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रद्द करने तथा रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) निरस्त करने के लिए परिवहन विभाग (RTO) को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

नाबालिगों की ड्राइविंग पर अभिभावक भी कटघरे में

इस पूरी घटना में पुलिस ने केवल बच्चों की गलती मानने के बजाय अभिभावकों को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया है। एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि कानून के तहत नाबालिगों को वाहन सौंपना एक गंभीर अपराध है।

“अक्सर देखा जाता है कि छात्र और युवा सड़कों पर इस तरह का खतरनाक स्टंट या स्टंटबाजी करते हैं, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी और जोखिम भरा है। ऐसे मामलों में मूल रूप से अभिभावक ही जिम्मेदार हैं जो अपने नाबालिग बच्चों को गाड़ियां सौंप देते हैं। मोटर वाहन अधिनियम में नाबालिगों द्वारा गाड़ी चलाने पर अभिभावकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान है, और हम उसी के तहत कार्रवाई कर रहे हैं।”

— राजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक (मेरठ)

पुलिस प्रशासन ने मेरठ जनपद के सभी माता-पिता और अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें किसी भी स्थिति में दोपहिया या चार पहिया वाहन न चलाने दें।

सड़क सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी

मेरठ की यह घटना एक चेतावनी है कि थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। रोजाना देश भर में हजारों सड़क दुर्घटनाएं केवल इस वजह से होती हैं क्योंकि लोग यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। स्कूलों और अभिभावकों दोनों को मिलकर बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलानी होगी, ताकि बच्चे इस तरह के जानलेवा स्टंट से दूर रहें और अपनी व दूसरों की जिंदगी को खतरे में न डालें।

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  • Rahul Kaushik

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    राहुल कौशिक एक युवा पत्रकार एवं मीडिया लेखक हैं, जो समसामयिक घटनाओं, तकनीक, शिक्षा, ऑटोमोबाइल, डिजिटल ट्रेंड्स और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष एवं प्रभावशाली लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें समाचार जगत में तेजी से बदलते विषयों को सरल और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में विशेष रुचि है।

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