मुजफ्फरनगर में मैक्लॉरेन कांवड़ की धूम: 8 लाख में बनी अनोखी झांकी

मुजफ्फरनगर। श्रावण मास के पावन अवसर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के राष्ट्रीय राजमार्ग शिवभक्तों के जयकारों से गुंजायमान हैं। इस वर्ष की कांवड़ यात्रा केवल पारंपरिक आस्था और भक्ति तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आधुनिकता, रचनात्मकता और तकनीक का अद्भुत संगम भी देखने को मिल रहा है। हरिद्वार से जल भरकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे लाखों कांवड़ियों के बीच इस समय 2026 की सबसे चर्चित और वायरल कांवड़ मुजफ्फरनगर पहुंच चुकी है। लग्जरी स्पोर्ट्स कार ‘मैक्लॉरेन’ (McLaren) थीम पर आधारित यह विशेष कांवड़ हाईवे पर जिस ओर से भी गुजर रही है, वहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।

लगभग ₹5.5 करोड़ की ऑन-रोड कीमत वाली ब्रिटिश सुपरकार मैक्लॉरेन की तर्ज पर बनाई गई इस प्रतिकृति (Replica) में स्वयं देवाधिदेव महादेव विराजमान हैं। इस भव्य और अनोखी झांकी को तैयार करने में शिवभक्तों ने दिन-रात मेहनत की है और इसे बनाने में करीब 7 से 8 लाख रुपये का खर्च आया है। यह कांवड़ इस समय सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है और मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा व शिव चौक से गुजरते समय इसे देखने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गईं।

आस्था और आधुनिक स्पोर्ट्स कार का अनोखा संगम

हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली और हरियाणा की ओर बढ़ रहे शिवभक्तों के इस जत्थे ने कांवड़ यात्रा में एक नया इतिहास रच दिया है। आमतौर पर कांवड़ यात्रा में मटका कांवड़, खड़ा कांवड़, झांकी कांवड़ या डीजे कांवड़ देखने को मिलती हैं। लेकिन इस बार युवाओं के एक समूह ने भगवान शिव के प्रति अपनी अनन्य भक्ति को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करने का फैसला किया।

शिवभक्तों द्वारा तैयार की गई इस मैक्लॉरेन कार वाली कांवड़ में हर छोटी-बड़ी बारीकी का खास ध्यान रखा गया है। कार के आकर्षक बटरफ्लाई डोर्स, एरोडायनामिक डिजाइन, स्पोर्ट्स व्हील्स और चमकदार फिनिशिंग को बिल्कुल असली सुपरकार जैसी रंगत दी गई है। कार के अंदरूनी हिस्से में भगवान शिव की अत्यंत मनमोहक और भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। रात के समय जब इस कार में लगी रंग-बिरंगी एलईडी लाइट्स और फॉग मशीन जलती हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो महादेव खुद किसी दिव्य स्पोर्ट्स वाहन पर सवार होकर अपने भक्तों को दर्शन देने निकले हों।

7 से 8 लाख रुपये का बजट और महीनों की कड़ी मेहनत

इस कांवड़ को तैयार करने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि वे हर साल कुछ न कुछ नया करने का प्रयास करते हैं। इस बार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल जगत की सबसे चर्चित कार ‘मैक्लॉरेन’ को अपना मॉडल चुना। असली मैक्लॉरेन कार की भारतीय बाजार में एक्स-शोरूम और ऑन-रोड कीमत ₹5 करोड़ से ₹5.5 करोड़ के बीच होती है।

कार की हूबहू प्रतिकृति (Replica) तैयार करने के लिए फाइबर, स्टील फ्रेम, विशेष थर्माकोल, उच्च गुणवत्ता वाली लाइटिंग और साउंड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।

  • निर्माण अवधि: इस भव्य कांवड़ को बनाने में कारीगरों और शिवभक्तों को लगभग 2 से 3 महीने का समय लगा।
  • कुल लागत: फाइबर बॉडी, लाइटिंग, व्हील्स, शिव प्रतिमा और इसे ले जाने वाले ट्रॉली बेस को मिलाकर कुल खर्च ₹7 लाख से ₹8 लाख के बीच आया है।
  • विशेषताएं: इसमें पावरफुल साउंड सिस्टम, लाइटिंग इफेक्ट्स और वाटर-प्रूफ कोटिंग की गई है ताकि बारिश के दौरान भी झांकी को कोई नुकसान न पहुंचे।

मुजफ्फरनगर की सड़कों पर उमड़ी देखने वालों की भीड़

जैसे ही यह मैक्लॉरेन कार वाली कांवड़ हरिद्वार से चलकर मुजफ्फरनगर सीमा में दाखिल हुई, हाईवे का नजारा ही बदल गया। रुड़की रोड और रामपुर तिराहा से लेकर शहर के बीचों-बीच स्थित ऐतिहासिक शिव चौक तक, हर कोई अपनी गाड़ियों को रोककर इस खूबसूरत कांवड़ को अपने कैमरों में कैद करता नजर आया।

स्थानिय नागरिकों और दूर-दराज से आए अन्य कांवड़ियों ने इस अनोखी कलाकृति की जमकर प्रशंसा की। कई जगहों पर पुष्पवर्षा करके इस कांवड़ का स्वागत किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी मुजफ्फरनगर हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर इस बड़ी झांकी को सुरक्षित रूप से गुजरने के लिए विशेष मार्ग प्रदान किया।

सोशल मीडिया पर जमकर हो रही रील्स और वीडियो वायरल

वर्ष 2026 की कांवड़ यात्रा में तकनीक और सोशल मीडिया का प्रभाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। जैसे ही हरिद्वार के बैरागी कैंप और गंगनहर पटरी मार्ग से इस ‘मैक्लॉरेन कांवड़’ के वीडियो इंटरनेट पर अपलोड हुए, वे देखते ही देखते वायरल हो गए।

इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर लाखों लोग इस कांवड़ के वीडियो को देख रहे हैं और लाइक कर रहे हैं। यूजर्स इसे “आस्था और लग्जरी का अद्भुत संगम” और “आधुनिक युग की सबसे क्रिएटिव कांवड़” बता रहे हैं। इंटरनेट पर इस कांवड़ को देखकर लोग विशेष रूप से मुजफ्फरनगर और मेरठ के हाईवे पर इसे लाइव देखने के लिए सड़कों के किनारे इंतजार करते पाए गए।

एक शिवभक्त का संदेश: “हमारा उद्देश्य किसी धन-दौलत का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि आज की युवा पीढ़ी को यह दिखाना है कि हम अपनी आस्था और परंपराओं को आधुनिक सोच और कलात्मकता के साथ भी आगे बढ़ा सकते हैं। महादेव हर रूप में पूजनीय हैं।”

कांवड़ मेले में दिखा श्रद्धा और रचनात्मकता का नया दौर

इस बार की कांवड़ यात्रा में केवल मैक्लॉरेन कार ही नहीं, बल्कि कई अन्य अनोखे प्रयोग भी देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर भारतीय नोटों से सजी कांवड़ श्रद्धालुओं के बीच कौतुहल का विषय बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाली ईको-फ्रेंडली कांवड़ें भी ध्यान खींच रही हैं। लेकिन इन सब के बीच ₹5.5 करोड़ की सुपरकार की थीम पर बनी इस ₹8 लाखी कांवड़ ने बाजी मार ली है और यह 2026 के कांवड़ मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बन चुकी है।

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  • Rahul Kaushik

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