झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में कथित धांधली और भ्रष्टाचार को लेकर अभ्यर्थियों और छात्रों का आंदोलन लगातार उग्र रूप धारण करता जा रहा है। रांची के ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब पूरे प्रदेश में फैल चुका है। आंदोलन के 23वें दिन आक्रोशित छात्रों ने राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक समेत प्रदेश के तमाम जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के पुतले फूंके।
छात्रों के बढ़ते गुस्से और 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव के ऐलान को देखते हुए राज्य प्रशासन हरकत में आया है। राज्य सरकार ने चौथे दौर की वार्ता के लिए छात्र प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है।
पुतला दहन और छात्रों की प्रमुख मांगें
JPSC-JSSC सुधार मंच के बैनर तले विरोध प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार और उसके सत्ताधारी सहयोगी दलों (झामुमो, कांग्रेस और राजद) ने युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज किया है।
छात्रों की तीन मुख्य मांगें हैं:
- परीक्षाओं को रद्द करना: JSSC CGL परीक्षा और 11वीं-13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षाओं को तुरंत रद्द किया जाए।
- CBI जांच: भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक के आरोपों की सीबीआई (CBI) से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- मुख्यमंत्री का इस्तीफा: यदि सरकार इन भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पद से इस्तीफा दें।
छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनसे फोन पर बातचीत के दौरान मदद का आश्वासन दिया था। छात्रों का कहना था कि राहुल गांधी ने 15 अगस्त तक समस्या का समाधान न होने पर झामुमो सरकार से समर्थन वापस लेने की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। इसी वादे से मुकरने के विरोध में छात्रों ने राहुल गांधी का भी पुतला दहन किया।
20 अगस्त को CM आवास घेराव की चेतावनी
छात्र संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 18 अगस्त तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का पूर्ण घेराव करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब वे केवल शांतिपूर्ण ‘गांधीवादी’ तरीकों तक सीमित नहीं रहेंगे। छात्र नेता पीयूष कुमार और रवींद्र पासवान ने कहा, “यह अब अनुरोध नहीं बल्कि आर-पार की लड़ाई है। ‘नौकरी चोर, गद्दी छोड़’ के नारे के साथ राज्यभर से हजारों युवा रांची में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।”

सरकार का रुख और चौथे दौर की वार्ता की पहल
आंदोलन के उग्र होते ही रांची के उप-विकास आयुक्त और प्रशासनिक अधिकारियों (SDO एवं ADM) ने धरना स्थल पर पहुंचकर छात्र प्रतिनिधियों से मुलाकात की। सरकार की ओर से राज्य के गेस्ट हाउस में छात्र नेताओं को चौथे दौर की वार्ता के लिए औपचारिक न्योता दिया गया है।
छात्र प्रतिनिधियों ने वार्ता में शामिल होने की पुष्टि की है, हालांकि उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अपने कानूनी सलाहकारों की मौजूदगी में ही बातचीत करेंगे।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा था कि परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए वार्षिक कैलेंडर व नई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। हालांकि, छात्र केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं और ठोस व त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विपक्ष का हमला
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 22 से अधिक दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के सब्र का बांध टूट चुका है। गठबंधन सरकार का “छात्र विरोधी चेहरा” अब सामने आ चुका है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों का हिसाब राज्य की जनता मांगेगी।
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