पंचकूला में आयोजित एक भव्य राज्य स्तरीय नागरिक अभिनंदन समारोह में हरियाणा सरकार ने ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में संपन्न हुए राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Commonwealth Games 2026) के पदक विजेताओं और प्रतिभागी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 24 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को कुल 13.97 करोड़ रुपये (लगभग 14 करोड़ रुपये) की नकद राशि का पुरस्कार देकर उनका सम्मान किया।
देश की कुल आबादी का मात्र 2 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद, भारत के 122 सदस्यीय दल में से 24 खिलाड़ी हरियाणा के थे। राज्य के एथलीटों ने देश के कुल 39 में से 11 पदक (7 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य) जीतकर कुल पदक तालिका में 28 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया।
इनाम की घोषित नीति और पुरस्कार राशि
राज्य की खेल नीति के तहत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार वितरित किए गए:
- स्वर्ण पदक विजेता: ₹1.50 करोड़
- रजत पदक विजेता: ₹75 लाख
- कांस्य पदक विजेता: ₹50 लाख
- प्रतिभागी खिलाड़ी: ₹7.5 लाख प्रति एथलीट
हरियाणा के चमकते सितारे और प्रमुख पदक विजेता
समारोह में प्रमुख स्वर्ण पदक विजेताओं में मुक्केबाज प्रीति पवार, जैस्मिन लम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया सांगवान, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल के अलावा पैरा-एथलीट शर्मिला ढाका शामिल रहीं। भारतीय मुक्केबाजी दल ने कुल 7 स्वर्ण जीते थे, जिनमें से 6 अकेले हरियाणा के मुक्केबाजों के नाम रहे।
इसके अलावा, भाला फेंक (Javelin Throw) में स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा और मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक हासिल किया, जबकि पहलवान सीमा कलीरामन और यशवीर सिंह ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

“हर दूसरा खिलाड़ी पदक लेकर लौटा” – मुख्यमंत्री सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों और उनके कोचों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्लासगो गए हरियाणा के लगभग हर दूसरे खिलाड़ी ने पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाया है। उन्होंने विशेष रूप से राज्य की महिला खिलाड़ियों की सराहना की, जिन्होंने हरियाणा के कुल 11 में से 6 पदक (जिनमें 5 स्वर्ण शामिल हैं) अपने नाम किए।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने अब तक खेल नीति के तहत 17,544 से अधिक खिलाड़ियों को ₹742 करोड़ रुपये की नकद सहायता बांटी है। इसके साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में समूह ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ की नौकरियां देने की व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
हरियाणा सरकार का लक्ष्य अब इन विश्वस्तरीय एथलीटों की प्रतिभा और अनुभव के बल पर आगामी लॉस एंजिल्स 2028 और ब्रिसबेन 2032 ओलंपिक खेलों में भारत का परचम लहराना है।
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