तेलंगाना सरकार में एक मंत्री द्वारा एक वरिष्ठ अधिकारी को ऐन वक्त पर ‘कार्डियोपुलमोनरी रिससिटेशन’ (CPR) देकर उनकी जान बचाने का एक मामला सामने आया है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री महोदय को बिना एक सेकंड गंवाए एक मेडिकल इमरजेंसी में समझदारी और फुर्ती दिखाते हुए देखा जा सकता है। इस खबर के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर मंत्री के इस त्वरित और साहसिक प्रयास की चारों तरफ सराहना हो रही है।
अचानक बिगड़ी अधिकारी की तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, एक सार्वजनिक कार्यक्रम और समीक्षा बैठक के दौरान अचानक माहौल उस समय चिंताजनक हो गया, जब मंच या सभा में मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी अचानक असहज महसूस करने लगे और कुछ ही सेकंड में बेहोश होकर नीचे गिर पड़े। उन्हें अचानक दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ा था। वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और हर कोई समझ नहीं पा रहा था कि तुरंत क्या कदम उठाया जाए।
मंत्री महोदय की समझदारी और त्वरित कार्रवाई
कार्यक्रम में मौजूद तेलंगाना के मंत्री ने परिस्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जरा भी देर नहीं की। उन्होंने तुरंत अधिकारी के पास पहुंचकर उनकी नब्ज और सांसों की जांच की। स्थिति को बेहद नाजुक समझते हुए मंत्री ने बिना किसी झिझक के अधिकारी को जमीन पर सीधा लिटाया और तुरंत सीपीआर (CPR) देना शुरू कर दिया।
उन्होंने अधिकारी की छाती पर सही गति और दबाव के साथ कम्प्रेशन (Chast Compressions) देना शुरू किया ताकि उनके दिल की धड़कन दोबारा शुरू हो सके और मस्तिष्क व अन्य अंगों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद न हो। कुछ समय तक लगातार सीपीआर देने के बाद अधिकारी को होश आने लगा और उनकी सांसें धीरे-धीरे वापस लौटने लगीं।
एंबुलेंस से अस्पताल रवाना
मंत्री द्वारा दिए गए इस प्राथमिक उपचार से अधिकारी की स्थिति थोड़ी स्थिर हुई, जिससे उन्हें अस्पताल पहुंचाने तक का बेहद कीमती समय (गोल्डन आवर) मिल गया। इस दौरान मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई। अधिकारी को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका विशेषज्ञ इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर सीपीआर मिलने की वजह से ही अधिकारी की जान बच सकी, अन्यथा परिणाम गंभीर हो सकते थे।
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
घटनास्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से देखा और साझा किया जा रहा है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह मंत्री बिना किसी औपचारिकता या हिचकिचाहट के एक आम नागरिक और एक जिम्मेदार नागरिक की तरह जमीन पर बैठकर अधिकारी की जान बचाने में जुटे हुए हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को देखकर मंत्री के शांत स्वभाव, त्वरित सोच और मेडिकल आपातकाल से निपटने की क्षमता की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जहां अक्सर लोग ऐसी स्थिति में घबरा जाते हैं, वहीं मंत्री ने एक मिसाल कायम की है।
सीपीआर (CPR) की अहमियत और संदेश
इस घटना ने एक बार फिर समाज में बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा, विशेष रूप से सीपीआर (CPR) की जानकारी होने के महत्व को उजागर किया है। कार्डियक अरेस्ट जैसी आपातकालीन स्थितियों में एंबुलेंस या मेडिकल मदद पहुंचने में कुछ मिनटों का समय लग सकता है। ऐसे में यदि आसपास मौजूद लोगों को सीपीआर देना आता हो, तो मरीज की जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं लोगों को सीपीआर सीखने के लिए प्रेरित करती हैं। अगर हर नागरिक इस बुनियादी जीवन रक्षक तकनीक को सीख ले, तो हर साल आपात स्थिति में हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है।
तेलंगाना के मंत्री के इस कार्य की न केवल राजनीतिक गलियारों में बल्कि आम जनता और मेडिकल बिरादरी द्वारा भी सराहना की जा रही है। फिलहाल अस्पताल में भर्ती अधिकारी की हालत स्थिर बताई जा रही है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
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