बंगाल की खाड़ी में उपजे गहरे दबाव के चलते चक्रवात ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों से टकराकर भारी तबाही मचाई है। तट पार करने के दौरान हवा की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जिसके चलते तटीय इलाकों में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और निचले इलाकों में भीषण जलभराव हो गया है। हालांकि तटीय इलाकों से टकराने के बाद यह तूफान धीरे-धीरे गहरे अवदाब (Deep Depression) में तब्दील होकर ज़मीनी इलाकों की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इसके असर से उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत के कम से कम 16 राज्यों में मौसम का मिज़ाज अचानक बदल गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ और उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के दोहरे प्रभाव के कारण देश के एक बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां फिर से तेज़ हो गई हैं। उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड समेत 16 राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज़ अंधड़ और कई जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी जारी की गई है।
तटीय राज्यों में भारी तबाही: ओडिशा और आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट
तट से टकराते ही चक्रवात ‘अर्नब’ ने ओडिशा के मलकानगिरी, कोरापुट, गंजाम, गजपति और पुरी जिलों में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। मलकानगिरी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई नदियां और नाले उफान पर हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-326 (NH-326) पर पानी भर जाने और कई प्रमुख पुलों के डूब जाने से ओडिशा का पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से संपर्क टूट गया है।
- सुरक्षित निकासी और स्कूल बंद: तटीय इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से 8,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों (Relief Camps) में पहुंचाया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा सरकार ने 10 से अधिक प्रभावित जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया है।
- समुद्र में ऊंची लहरें: पुरी और विशाखापत्तनम के समुद्र तटों पर 10 से 15 फीट ऊंची लहरें उठ रही हैं। प्रशासन ने पर्यटकों के समुद्र में जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है और समुद्र तटों पर रेड फ्लैग (लाल झंडे) फहरा दिए हैं। मछुआरों को अगले निर्देश तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR में मौसम के तीखे तेवर
चक्रवाती तूफान की नमी और मध्य भारत की ओर इसके बढ़ते प्रवाह ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में मौसम को पूरी तरह बदल दिया है।
- उत्तर प्रदेश में 38 जिलों में अलर्ट: यूपी के लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, महाराजगंज और गोरखपुर समेत पूर्वी और मध्य भागों में अगले 48 से 72 घंटों तक झमाझम बारिश और गरज-चमक की चेतावनी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 23 जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 38 जिलों में आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की आशंका जताई है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा रह सकती है।
- दिल्ली-NCR में गिर सकता है पारा: दिल्ली में सुबह से ही काले बादलों का डेरा जमा हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद और गुरुग्राम में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज ठंडी हवाओं के कारण अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे तापमान 31-33 डिग्री के आसपास आ जाएगा।
16 राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि का प्रभाव
| राज्य | मौसम का अनुमान और अलर्ट | संभावित प्रभाव |
| ओडिशा व आंध्र प्रदेश | अत्यंत भारी बारिश, रेड अलर्ट | जलभराव, सड़कें बंद, बाढ़ जैसी स्थिति |
| उत्तर प्रदेश व बिहार | भारी से बहुत भारी बारिश, ऑरेंज अलर्ट | बिजली गिरने का खतरा, फसलों को नुकसान |
| दिल्ली, हरियाणा व पंजाब | तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश व ओलावृष्टि | तापमान में गिरावट, जलभराव |
| उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश | पहाड़ों पर आंधी-बारिश और ओलावृष्टि | भूस्खलन (Landslides) का खतरा |
| मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ | तेज अंधड़ और झमाझम बारिश | निचले इलाकों में पानी भरना |
कृषि और फसलों पर संकट: किसानों के लिए परामर्श
सितंबर के अंतिम सप्ताह में हो रही यह बेमौसम और भारी बारिश देश के किसानों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई है।
- धान और बाजरे की फसल को खतरा: उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा में खरीफ की फसलें (जैसे धान, मक्का, बाजरा और तिलहन) कटाई के कगार पर हैं या पक चुकी हैं। तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि से फसलों के बिछ जाने (Crop Lodging) का भारी खतरा पैदा हो गया है।
- मौसम विभाग की सलाह: आईएमडी ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित और सूखे स्थानों पर संग्रहित करें। खेतों में जल निकासी (Drainage) की व्यवस्था दुरुस्त रखें ताकि जड़ों में पानी न ठहरे। इसके अलावा, बारिश और आंधी के दौरान फसलों में किसी भी प्रकार के रासायनिक छिड़काव या उर्वरक डालने से बचें।
आपदा प्रबंधन टीम (NDRF/SDRF) अलर्ट पर
चक्रवात के असर को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की दर्जनों टीमों को तटीय राज्यों के साथ-साथ संवेदनशील मैदानी इलाकों में तैनात कर दिया गया है।
रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने भी संभावित जलभराव और पेड़ गिरने से यातायात बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पांस टीमें तैनात की हैं। कुछ प्रभावित रेल मार्गों पर एहतियातन ट्रेनों की रफ्तार धीमी कर दी गई है या उनके रूट डायवर्ट किए गए हैं।
नागरिकों के लिए सुरक्षा निर्देश
- आकाशीय बिजली से बचें: बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, खेतों या बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- बिजली के खंभों से दूरी: तेज हवाओं के कारण टूटकर गिरे हुए बिजली के तारों और खंभों से दूर रहें।
- यात्रा से बचें: पहाड़ी इलाकों (उत्तराखंड व हिमाचल) और जलभराव वाले मैदानी क्षेत्रों में गैर-जरूरी यात्रा से परहेज करें।
- आधिकारिक अपडेट पर ध्यान दें: मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का नियमित पालन करें।
यह भी पढ़ें: “हम वैलेंटाइन्स वाले लोग नहीं हैं”: यामी गौतम और आदित्य धर की सादगी भरी प्रेम कहानी