भारतीय शेयर बाजार में जब भी किसी बड़े स्टार या मशहूर शख्सियत के दांव की चर्चा होती है, तो निवेशक उस पर बारीक नजर रखते हैं। क्रिकेट जगत के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने जिस तरह क्रिकेट के मैदान पर अपनी टाइमिंग से बड़े-बड़े रिकॉर्ड बनाए, ठीक उसी तरह उन्होंने शेयर बाजार में भी एक ऐसा ‘मास्टरस्ट्रोक’ खेला है, जिसकी मिसाल आज हर जगह दी जा रही है। हैदराबाद स्थित प्रीसिजन इंजीनियरिंग कंपनी आजाद इंजीनियरिंग (Azad Engineering Ltd) में सचिन तेंदुलकर द्वारा किया गया महज ₹5 करोड़ का शुरुआती निवेश आज बढ़कर लगभग ₹130 करोड़ के आसपास पहुंच चुका है।
अब इस मल्टीबैगर स्टॉक पर दिग्गज डोमेस्टिक ब्रोकरेज हाउस ICICI सिक्योरिटीज (ICICI Securities) ने फिर से भरोसा जताते हुए इसका टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹3,200 प्रति शेयर कर दिया है। आइए विस्तार से समझते हैं कि कैसे सचिन का यह निवेश 26 गुना तक बढ़ा और क्यों ब्रोकरेज इस शेयर पर आगे भी भारी तेजी की उम्मीद जता रहे हैं।
₹5 करोड़ से ₹130 करोड़ का शानदार सफर
सचिन तेंदुलकर ने मार्च 2023 में कंपनी के शेयर बाजार में लिस्ट होने से काफी पहले यानी प्री-आईपीओ (Pre-IPO) चरण में आजाद इंजीनियरिंग के बिजनेस मॉडल पर भरोसा जताया था। उन्होंने महज ₹114 प्रति शेयर के भाव पर bulk deal के जरिए लगभग 4.38 लाख (4,38,210) शेयर खरीदे थे, जिसमें उनका कुल निवेश ₹5 करोड़ था।
- आईपीओ और लिस्टिंग का समय: जब दिसंबर 2023 में कंपनी आईपीओ लेकर आई, तो इसका इश्यू प्राइस ₹524 प्रति शेयर तय हुआ। लिस्टिंग के दिन ही शेयर ₹720 पर पहुंचा, जिससे सचिन की होल्डिंग का मूल्य ₹31.55 करोड़ से ज्यादा हो गया।
- वर्तमान वैल्यूएशन: हाल के महीनों में शेयर में आई तूफानी तेजी के चलते आजाद इंजीनियरिंग का भाव ₹2,800 से ₹2,900 प्रति शेयर के दायरे में पहुंच चुका है। इस भाव पर सचिन तेंदुलकर के उस ₹5 करोड़ के शुरुआती निवेश का कुल मूल्य लगभग ₹130 करोड़ बन चुका है, जो उनके निवेश पर 26 गुना से अधिक (26x) का भारी-भरकम रिटर्न दर्शाता है।
ICICI सिक्योरिटीज ने दिया ₹3,200 का नया टार्गेट
बाजार में अपने हालिया ऑल-टाइम हाई स्तर से मामूली करेक्शन के बाद भी आजाद इंजीनियरिंग का शेयर विश्लेषकों का पसंदीदा बना हुआ है। ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज ने इस स्टॉक पर अपनी ‘BUY’ (खरीदने की सलाह) रेटिंग बरकरार रखी है।
- टार्गेट प्राइस में बड़ा इजाफा: ब्रोकरेज ने पहले आजाद इंजीनियरिंग का टार्गेट प्राइस ₹1,900 तय किया था, जिसे अब सीधे बढ़ाकर ₹3,200 प्रति शेयर कर दिया है।
- वैल्यूएशन का आधार: ब्रोकरेज फर्म ने अपने वैल्यूएशन मॉडल को वित्तीय वर्ष 2029 (FY29) की अनुमानित कमाई (Earnings) पर शिफ्ट किया है और FY29 के ईपीएस (EPS) के 55x टार्गेट मल्टीपल के आधार पर यह नया लक्ष्य तय किया है।
- तेजी के पीछे मुख्य कारण: ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, ऑर्डर बुक में आ रही जबरदस्त मजबूती और आने वाले वर्षों में शानदार रेवेन्यू ग्रोथ इस शेयर को नए उच्च स्तरों पर ले जाएगी।
कैसा है कंपनी का फंडामेंटल और तिमाही प्रदर्शन?
आजाद इंजीनियरिंग कोई साधारण मैन्युफैक्चरिंग कंपनी नहीं है। यह एरोस्पेस, डिफेंस, और एनर्जी सेक्टर्स के लिए हाई-प्रिसिजन कंपोनेंट्स (जैसे टरबाइन ब्लेड्स, क्रिटिकल नोजल आदि) तैयार करती है। इसके क्लाइंट्स की लिस्ट में जनरल इलेक्ट्रिक (GE Vernova), सीमेंस (Siemens), और मित्सुबिशी (Mitsubishi) जैसे वैश्विक दिग्गज नाम शामिल हैं।
हाल ही में समाप्त हुई 30 जून 2026 की तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे भी कंपनी की मजबूत स्थिति को बयां करते हैं:
- नेट प्रॉफिट (खुदरा मुनाफा): सालाना आधार पर कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 20.2% बढ़कर ₹35.7 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹30 करोड़ के करीब था।
- रेवेन्यू (आय): ऑपरेशन्स से रेवेन्यू सालाना आधार पर 26% की बढ़त के साथ ₹137 करोड़ से बढ़कर ₹172.5 करोड़ तक पहुंच गया।
- एबिटा और मार्जिन: कंपनी का EBITDA 31% बढ़कर ₹64.3 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 37.3% (पिछले साल 35.8%) पर आ गया।
- कैपेसिटी एक्सपेंशन: कंपनी ने हाल ही में जीई (GE) के लिए समर्पित अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स शुरू की हैं। सात नियोजित विशेष यूनिट्स में से छह अब चालू स्थिति में हैं, जो भविष्य में बड़े ऑर्डर संभालने में मददगार साबित होंगी।
शेयर परफॉर्मेंस का रिकॉर्ड
यदि इस शेयर की हालिया परफॉर्मेंस की बात करें, तो इसने लंबी और कम अवधि दोनों में निवेशकों को बंपर रिटर्न दिए हैं:
- पिछले 6 महीनों में शेयर में करीब 85% की भारी उछाल देखी गई है।
- वहीं, 3 महीनों में इस स्टॉक ने 38% और पिछले 1 साल में लगभग 77% का रिटर्न अपने निवेशकों को दिया है।
रिटेल निवेशकों के लिए सीख
सचिन तेंदुलकर का आजाद इंजीनियरिंग में किया गया यह सफल दांव आम रिटेल निवेशकों के लिए भी कुछ अहम सबक छोड़ता है:
- ग्रोथ सेक्टर की पहचान: निवेश हमेशा उन सेक्टर्स और कंपनियों में करना चाहिए जिनका भविष्य अगले 5-10 वर्षों में मजबूत दिखाई दे (जैसे डिफेंस, एरोस्पेस और क्लीन एनर्जी)।
- धैर्य और लॉन्ग टर्म विज़न: लिस्टिंग के तुरंत बाद मुनाफा वसूल कर निकल जाने के बजाय अच्छे बिजनेस में लंबे समय तक बने रहना ही असली दौलत (Wealth) बनाने का जरिया है।