वैश्विक टेक जगत और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बीच एक बड़ा नया विवाद सामने आया है। दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स में से एक, टेलीग्राम (Telegram) के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पावेल दुरोव (Pavel Durov) के खिलाफ रूस सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। रूस की प्रमुख घरेलू सुरक्षा और खुफिया एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) ने दुरोव पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और आतंकी गतिविधियों में सहायता करने का केस दर्ज करते हुए उन्हें अंतर्राष्ट्रीय वॉन्टेड लिस्ट (International Wanted List) में डाल दिया है।
इस कदम के साथ ही रूस में टेलीग्राम ऐप पर पूर्ण प्रतिबंध (Complete Ban) की संभावना काफी बढ़ गई है।
खबर के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- गंभीर कानूनी धाराएं: FSB ने पावेल दुरोव के खिलाफ रूसी आपराधिक संहिता की धारा 205.1 (आतंकवादी गतिविधियों में सहायता प्रदान करना) के तहत मामला दर्ज किया है।
- इंटरनेशनल अरेस्ट वारंट: रूसी अदालत से वारंट हासिल करने के बाद दुरोव को वैश्विक वॉन्टेड सूची में शामिल किया गया है, जिसके आधार पर प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
- ‘डेटिंग बॉट्स’ का दुरुपयोग: FSB का दावा है कि यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों ने टेलीग्राम के बॉट्स और चैनल्स का इस्तेमाल कर रूसी युवाओं को बहलाया और उनसे देश के भीतर आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं करवाईं।
- दुरोव का पलटवार: पावेल दुरोव ने इन आरोपों को राजनीतिक से प्रेरित और फर्जी करार देते हुए कहा कि रूसी अधिकारी अभिव्यक्ति की आजादी और निजता के अधिकार को खत्म करने का बहाना ढूंढ रहे हैं।
- ऐप पर बैन की आहट: इस कार्रवाई के बाद रूस में टेलीग्राम सेवा को पूरी तरह से ब्लॉक किए जाने की संभावना गहरा गई है।
FSB का आरोप: सुरक्षा में भारी चूक और यूक्रेनी खुफिया एजेंसी का नेटवर्क
रूसी खुफिया एजेंसी FSB द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, टेलीग्राम प्रशासन उन कई संदिग्ध चैनल्स, चैट्स और ऑटोमेटेड बॉट्स को हटाने में विफल रहा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी सुरक्षा एजेंसियां और चरमपंथी संगठन रूस के खिलाफ कर रहे हैं।
1. तोड़फोड़ और मास-मर्डर का तालमेल
FSB का आरोप है कि टेलीग्राम नेटवर्क के माध्यम से रूस के विभिन्न हिस्सों में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले, रेलवे ट्रैक पर आगजनी, साइबर फ्रॉड और ड्रोन मैपिंग का काम संचालित किया जा रहा था। एजेंसी के अनुसार, इन गतिविधियों के कारण नागरिक जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है और देश को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है।
2. डेटिंग बॉट के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश
जांच में सबसे सनसनीखेज दावा टेलीग्राम पर मौजूद ‘डेटिंग बॉट्स’ (Dating Chatbots) को लेकर किया गया है। FSB का कहना है कि यूक्रेनी गुर्गों ने फर्जी प्रोफाइल बनाकर 12 से 22 वर्ष के युवाओं को पैसे और अन्य प्रलोभन दिए। इन युवाओं को उकसाकर पुलिस स्टेशनों, सरकारी इमारतों और बुनियादी ढांचों पर पेट्रोल बम फेंकने जैसी आतंकी घटनाओं को अंजाम दिलाया गया। रूस के 16 से अधिक क्षेत्रों से ऐसे 46 युवाओं को हिरासत में लिया गया है।
पावेल दुरोव का रुख: “फ्री स्पीच दबाने की कोशिश”
पावेल दुरोव ने रूस सरकार के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। दुरोव का कहना है कि रूस लगातार ऐसे मनगढ़ंत आरोप लगाकर टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने और नागरिकों के निजता के अधिकार (Right to Privacy) को छीनने का प्रयास कर रहा है।
“डिजिटल युग में नागरिकों की गोपनीयता और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना जरूरी है, लेकिन किसी सरकार के दबाव में आकर यूज़र्स का निजी डेटा देना टेलीग्राम की नीति के खिलाफ है।”
— पावेल दुरोव (पूर्व बयानों के आधार पर)
दुरोव का रुख हमेशा से यही रहा है कि टेलीग्राम किसी भी देश की सरकार के साथ यूज़र्स की चैट का डेटा शेयर नहीं करेगा। उन्होंने पहले भी कहा था कि वे डेटा सौंपने के बजाय ऐप पर प्रतिबंध झेलना पसंद करेंगे।

पावेल दुरोव का इतिहास: VKontakte से टेलीग्राम और फ्रांस की गिरफ्तारी तक
पावेल दुरोव की यह पहली ऐसी कानूनी लड़ाई नहीं है। उनका इतिहास हमेशा से सरकारी हस्तक्षेप का विरोध करने का रहा है।
| वर्ष | घटना/उपलब्धि |
| 2006 | रूस का सबसे बड़ा सोशल नेटवर्क VKontakte (VK) बनाया। |
| 2014 | रूसी अधिकारियों को यूक्रेनी प्रदर्शनकारियों का डेटा देने से इनकार किया; VK में हिस्सेदारी बेचकर रूस छोड़ दिया। |
| 2013 | भाई निकोलाई दुरोव के साथ मिलकर Telegram मैसेजिंग ऐप लॉन्च किया। |
| 2024 | पेरिस (फ्रांस) एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हुए; फ्रांस ने भी ऐप पर चाइल्ड एब्यूज कंटेंट और ड्रग्स की तस्करी रोकने में ढिलाई का आरोप लगाया। |
| 2026 | रूस द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाकर अंतर्राष्ट्रीय वॉन्टेड सूची में डाला गया। |
41 वर्षीय पावेल दुरोव के पास अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और फ्रांस की नागरिकता है और वे ज्यादातर दुबई से अपना काम संचालित करते हैं।
रूस में टेलीग्राम का भविष्य और डिजिटल सेंसरशिप
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से क्रेमलिन (रूस सरकार) ने इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी पकड़ अत्यधिक मजबूत की है। रूस में पहले ही Facebook, Instagram और X (ट्विटर) पर पूरी तरह बैन लगाया जा चुका है, जबकि YouTube की स्पीड को धीमा कर दिया गया है।
क्या टेलीग्राम पूरी तरह बैन हो जाएगा?
रूस में टेलीग्राम का उपयोग सेना, पत्रकारों, राजनेताओं और आम जनता द्वारा व्यापक रूप से जानकारी साझा करने के लिए किया जाता है। इसलिए इसका विकल्प ढूंढना रूस के लिए आसान नहीं रहा है। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय अरेस्ट वारंट और आतंकवाद के गंभीर आरोपों के बाद, रूसी टेलीकॉम रेगुलेटर द्वारा बहुत जल्द टेलीग्राम के सर्वर्स को ब्लॉक करने या ऐप पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा की जा सकती है।
यूज़र्स और टेक जगत पर प्रभाव
इस घटनाक्रम से पूरी दुनिया में यह बहस छिड़ गई है कि किसी मैसेजिंग ऐप के मंच पर होने वाली आपराधिक या संदिग्ध गतिविधियों के लिए ऐप के मालिक/डेवलपर को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है या नहीं। एक तरफ पश्चिमी देश और फ्रांस उन पर आपराधिक सहयोग न करने का आरोप लगा चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ रूस उन पर आतंकवाद का मुकदमा चला रहा है।
रूस द्वारा टेलीग्राम के संस्थापक पावेल दुरोव को वॉन्टेड सूची में शामिल करना यह दर्शाता है कि सरकारों और स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बीच का टकराव अब अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है। सुरक्षा और स्वतंत्रता के बीच जारी इस जंग में टेलीग्राम के 100 करोड़ से अधिक वैश्विक यूज़र्स की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दुरोव इस दोहरे कानूनी व कूटनीतिक संकट से खुद को और अपने प्लेटफॉर्म को कैसे बाहर निकालते हैं।
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