प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर साईं बाबा के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और सेहत के साथ खिलवाड़ करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मंदिर परिसर के बाहर प्रसाद और मेवे बेचने वाले एक दुकानदार को नकली यानी ‘प्लास्टिक के बादाम’ बेचने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया है। घटना का खुलासा तब हुआ जब एक सतर्क श्रद्धालु ने खरीदे गए बादाम की गुणवत्ता पर संदेह जताया और उसकी जांच की। इस घटना के बाद से ही श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है और स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और प्रसाद की जांच तेज कर दी है।
कैसे हुआ मामले का पर्दाफाश?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक श्रद्धालु ने साईं बाबा के दरबार के बाहर बनी एक दुकान से ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे) खरीदे थे। घर जाकर जब उसने बादाम का सेवन करने की कोशिश की, तो उसे उसका स्वाद और बनावट असामान्य लगी। शक होने पर जब बादाम को दबाया गया और आग के पास ले जाया गया, तो वह प्राकृतिक मेवे की तरह टूटने या जलने के बजाय पिघलने लगा और उससे प्लास्टिक जैसी दुर्गंध आने लगी।
पीड़ित श्रद्धालु तुरंत मंदिर परिसर स्थित सुरक्षा चौकी पहुंचा और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकान पर छापेमारी की। शुरुआती पूछताछ और दुकान में रखे सामान की प्रथम दृष्टया जांच के बाद पुलिस ने आरोपी दुकानदार को हिरासत में ले लिया और दुकान में मौजूद बादाम के स्टॉक को जब्त कर लिया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की टीम को भी सूचित किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जब्त किए गए बादामों के सैंपल सील कर दिए हैं, जिन्हें विस्तृत वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला (Food Testing Lab) भेजा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही यह पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगा कि यह शुद्ध प्लास्टिक है या फिर इसमें किसी नुकसानदेह रासायनिक पदार्थ या सिंथेटिक कोटिंग का इस्तेमाल किया गया था। यदि रिपोर्ट में मिलावट या हानिकारक सामग्री की पुष्टि होती है, तो आरोपी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम और धोखाधड़ी की सख्त धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और प्रशासन की सतर्कता
धार्मिक स्थलों पर प्रतिदिन हजारों-लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और बाबा के प्रसाद के रूप में मेवे व मिठाइयां खरीदते हैं। ऐसे में आस्था के केंद्र पर इस तरह की मिलावटखोरी न केवल जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है, बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंचाती है।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र के आसपास की अन्य दुकानों पर भी औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि श्रद्धालुओं की सेहत और आस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यापारी को बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय दुकानदारों पर असर और अपील
इस घटना के सामने आने के बाद से क्षेत्र के अन्य ईमानदार व्यापारियों में भी निराशा है। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों का कहना है कि चंद मुनाफाखोरों की वजह से पूरे बाजार और साईं दरबार की साख पर सवाल उठते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का दुस्साहस न कर सके।
प्रशासन ने मंदिर आने वाले सभी भक्तों और आम जनता से अपील की है कि वे प्रसाद या अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहें। यदि किसी भी सामान में मिलावट, अजीब गंध या असामान्यता दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या मंदिर सुरक्षा अमले को दें। फिलहाल आरोपी दुकानदार से पूछताछ जारी है और पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि इस नकली सामान की सप्लाई चैन कहां से जुड़ी हुई है।
यह भी पढ़ें: राधिका मदान का खुलासा: इंटीमेट सीन में हुई थीं असहज