PM मोदी ने कैप्टन स्मित मछार के परिजनों से की बातचीत, जताया गहरा शोक

देश के तटीय सुरक्षा अभियान और राष्ट्रीय सुरक्षा अभियानों के दौरान अपनी वीरता व कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले कैप्टन स्मित मछार के परिजनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेलीफोन पर सीधी बातचीत की। इस विशेष बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उनके योगदान को नमन करते हुए यह स्पष्ट किया कि संकट और दुख की इस घड़ी में केंद्र सरकार तथा पूरा देश उनके परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। प्रधानमंत्री ने बातचीत में भरोसा दिलाया कि राज्य व केंद्र सरकार की ओर से परिवार को हर संभव सहायता, राहत और मुआवजा तत्काल प्रभाव से उपलब्ध कराया जाएगा।

गुजरात से ताल्लुक रखने वाले कैप्टन स्मित मछार का जीवन और उनका सैन्य सेवा का सफर देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत रहा है। समुद्र और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में अपनी सेवा देने के दौरान उन्होंने सदैव अदम्य साहस, उच्च कोटि के नेतृत्व और देशभक्ति की मिसाल पेश की। उनके इस अचानक हुए नुकसान से न केवल उनके गृह राज्य गुजरात में बल्कि पूरे देश के सैन्य और सुरक्षा तंत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

परिजनों का बढ़ाया ढांढस, जताया गहरा दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित के पिता और परिवार के अन्य वरिष्ठ सदस्यों से बात करते हुए कहा कि एक सच्चे सपूत को खोने का दर्द शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। कैप्टन स्मित ने जिस निष्ठा और बहादुरी के साथ देश की रक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाली, वह भारतीय सेना और सुरक्षा बलों के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। प्रधानमंत्री ने परिजनों से उनका हाल-चाल जाना और उनसे धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया।

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि देश अपने वीर सैनिकों के बलिदान और उनकी सेवाओं को कभी नहीं भूलता। कैप्टन स्मित ने अपनी अंतिम सांस तक अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया, जो राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। देश का हर नागरिक उनके इस बलिदान और समर्पण का ऋणी रहेगा।

‘हर संभव मदद की जाएगी’ – केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश

प्रधानमंत्री मोदी ने दूरभाष पर हुई बातचीत में परिवार को आश्वस्त किया कि उन्हें किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संबंधित मंत्रालयों और गुजरात राज्य प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि परिवार को मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं, सहायता राशि और अन्य सहायता प्रक्रियाएं बिना किसी विलंब के पूरी की जा सकें।

इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन को भी निर्देश दिया गया है कि वे परिवार के निरंतर संपर्क में रहें और उनकी हर छोटी-बड़ी आवश्यकता का तत्काल ध्यान रखें। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है ताकि सहायता कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।

देश सेवा में कैप्टन स्मित का अनुकरणीय योगदान

कैप्टन स्मित मछार ने अपने करियर में हमेशा कठिन मोर्चों और चुनौतीपूर्ण अभियानों को प्राथमिकता दी। सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, वे एक अत्यंत अनुशासित, साहसी और अपनी टीम को साथ लेकर चलने वाले अधिकारी थे। तटीय सीमाओं की सुरक्षा, विशेष अभियानों और विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने कभी अपने कदम पीछे नहीं खींचे।

उनके गांव और स्थानीय क्षेत्र में कैप्टन स्मित को एक आदर्श युवा के रूप में देखा जाता था। उनके निधन या संकट की खबर मिलने के बाद से ही उनके पैतृक निवास पर स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है। पूरे क्षेत्र में एक ओर जहां गहरा शोक है, वहीं दूसरी ओर देश के लिए उनके योगदान पर गर्व की अनुभूति भी है।

देश भर से उमड़ी संवेदनाएं

प्रधानमंत्री की इस पहल के बाद रक्षा मंत्रालय और विभिन्न राज्य सरकारों के प्रमुख नेताओं ने भी कैप्टन स्मित मछार के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिवार के प्रति अपना सम्मान प्रकट करते हुए कहा कि कैप्टन स्मित जैसे जांबाज अधिकारियों के बल पर ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं।

स्थानीय प्रशासन ने भी परिजनों से मुलाकात कर उन्हें प्रधानमंत्री के संदेश से अवगत कराया और प्राथमिक सहायता संबंधी प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं। राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने भी स्पष्ट किया है कि वीरों के सम्मान और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

वीर सपूतों का सम्मान राष्ट्र का सर्वोपरि कर्तव्य

भारत की सुरक्षा व्यवस्था में समर्पित रहने वाले जांबाज जवानों और उनके परिवारों की देखभाल करना राष्ट्र का प्राथमिकता कर्तव्य है। कैप्टन स्मित मछार जैसे जांबाज अधिकारियों का जीवन हमें यह सिखाता है कि देश की रक्षा के लिए समर्पण की कोई सीमा नहीं होती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सीधे परिजनों से बात करना इस बात का प्रतीक है कि देश का शीर्ष नेतृत्व अपने जवानों और उनके परिवारों के प्रति कितना संवेदनशील है।

कैप्टन स्मित मछार की स्मृति और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव देशभक्ति और देश सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

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  • Rahul Kaushik

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