भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्डधारकों के लिए नाम अपडेट और संशोधन की प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से नए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किए हैं। आधार में धोखाधड़ी और गलत डेटा प्रविष्टियों को रोकने के लिए UIDAI ने नाम में बदलाव करने की श्रेणियों को विभाजित कर दिया है। अब हर प्रकार के नाम परिवर्तन—चाहे वह मामूली स्पेलिंग सुधार हो या विवाह के बाद सरनेम बदलना या फिर पूरा नाम बदलना—के लिए अलग-अलग दस्तावेज, फॉर्म और शर्तें अनिवार्य कर दी गई हैं।
1. क्यों पड़े नए नियमों की आवश्यकता?
आधार कार्ड वर्तमान समय में भारत का सबसे महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज बन चुका है। बैंक खाता खोलने, पासपोर्ट बनवाने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा टैक्स फाइलिंग तक सभी कार्यों में आधार अनिवार्य है। पूर्व में नाम बदलने की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल करके पहचान बदलने या वित्तीय धोखाधड़ी करने के मामले सामने आ रहे थे। इन्हीं गड़बड़ियों को रोकने के उद्देश्य से UIDAI ने अब सख्त सत्यापन (Verification) व्यवस्था लागू की है। अब आवेदकों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों, शपथ पत्रों (Affidavits) और राजपत्र (Gazette) अधिसूचनाओं का सत्यापन करने के बाद ही नाम अपडेट के आवेदन को मंजूरी दी जाएगी।
2. नाम परिवर्तन की 5 मुख्य श्रेणियां और आवश्यक दस्तावेज
UIDAI ने नाम परिवर्तन के मामलों को निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा है:
क. मामूली नाम सुधार (Minor Name Change)
यदि आपके आधार कार्ड में कोई छोटी गलती है—जैसे नाम के अक्षरों की स्पेलिंग में सुधार, मिडिल नेम या सरनेम जोड़ना या हटाना, या नाम का क्रम सही करना (उदा. ‘Ram’ को ‘Rama’ करना)—तो इसे माइनर नेम चेंज माना जाएगा।
- आवश्यक दस्तावेज: इसके लिए किसी मान्य पहचान पत्र (Proof of Identity – PoI) जैसे पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता होगी। यदि 18 वर्ष से कम आयु का बच्चा है, तो परिवार के मुखिया के आधार पर संबंध का प्रमाण (Proof of Relationship – PoR) देना होगा।
ख. डेटा एंट्री ऑपरेटर की गलती (Operator Error)
यदि आपके पास जमा किए गए पुराने वैध दस्तावेज सही थे, लेकिन आधार केंद्र पर डेटा एंट्री ऑपरेटर की गलती के कारण नाम गलत दर्ज हो गया, तो इसके लिए अतिरिक्त दस्तावेज देना होगा।
- आवश्यक दस्तावेज:
- 18 वर्ष से अधिक आयु के वयस्कों के लिए: निर्धारित फॉर्म Annexure B एफिडेविट के साथ PoI या PoR देना अनिवार्य होगा।
- नाबालिगों (Minors) के लिए: माता-पिता या अभिभावक द्वारा प्रस्तुत Annexure C एफिडेविट के साथ जरूरी पहचान का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।
ग. शादी या तलाक के बाद सरनेम में बदलाव (Marriage or Divorce)
विवाह या तलाक के पश्चात महिलाओं द्वारा सरनेम या नाम बदलने की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया गया है।
- आवश्यक दस्तावेज:
- पहचान पत्र (PoI) के साथ Annexure D का विशेष एफिडेविट जमा करना अनिवार्य है। इस एफिडेविट में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए कि नाम में परिवर्तन केवल विवाह या तलाक के कारण किया जा रहा है और व्यक्ति की मूल पहचान वही है।
- विकल्प के तौर पर पंजीकृत मैरिज सर्टिफिकेट (Registered Marriage Certificate) भी मान्य होगा।

घ. बिना दस्तावेज के होने वाले सुधार (No Document Required)
कुछ बेहद मामूली तकनीकी गलतियों को सुधारने के लिए किसी भी प्रकार का दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
- उदाहरण: यदि नाम में गलती से कैपिटल लेटर्स गलत जगह दर्ज हो गए हों (जैसे ‘RaMesh’ को ‘Ramesh’ करना) या नाम के बीच के अवांछित डॉट्स हटाने हों, तो यह बिना दस्तावेज के सुधारा जा सकता है।
ङ. पूरा नाम बदलना (Major Name Change)
यदि कोई व्यक्ति अपना पूरा नाम बदलना चाहता है, जिससे उसकी पूरी पहचान बदल जाती है (Major Change), तो इसके नियम काफी सख्त रखे गए हैं।
- आवश्यक दस्तावेज: ऐसे मामलों में भारत सरकार या राज्य सरकार का राजपत्र नोटिफिकेशन (Gazette Notification) प्रस्तुत करना अनिवार्य है। बिना गजट नोटिफिकेशन के पूरा नाम बदलने का आवेदन खारिज कर दिया जाएगा।
3. आधार में नाम कितनी बार बदला जा सकता है?
UIDAI के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोई भी नागरिक अपने जीवनकाल में आधार कार्ड में अपना नाम अधिकतम दो (2) बार ही अपडेट करा सकता है। दो बार की सीमा समाप्त होने के बाद नाम में किसी भी प्रकार के संशोधन के लिए विशेष अनुमति (UIDAI Regional Office Exception Processing) की आवश्यकता होती है, जो केवल दुर्लभ और जायज मामलों में ही स्वीकार की जाती है।
4. आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (How to Apply)
- दस्तावेज़ तैयार करें: अपनी श्रेणी के अनुसार मान्य पहचान प्रमाण (PoI), एफिडेविट (Annexure B, C, D) अथवा गजट नोटिफिकेशन तैयार रखें।
- अपॉइंटमेंट बुक करें: UIDAI के आधिकारिक पोर्टल (
myaadhaar.uidai.gov.in) पर जाएं और नजदीकी आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Seva Kendra) के लिए स्लॉट बुक करें। - आधार केंद्र पर जाएं: तय समय पर अपने मूल दस्तावेजों (Original Documents) के साथ आधार केंद्र पहुंचे।
- बायोमेट्रिक एवं डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: केंद्र पर ऑपरेटर आपके दस्तावेजों को स्कैन करेगा और बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन) करेगा।
- रसीद (Acknowledgement Slip) प्राप्त करें: प्रक्रिया पूरी होने पर आपको 14 अंकों का अपडेट रिक्वेस्ट नंबर (URN) मिलेगा, जिसके जरिए आप ऑनलाईन स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
आधार कार्ड में नाम बदलवाते समय ध्यान रखें कि जमा किया जा रहा कोई भी दस्तावेज जाली या एडिटेड न हो। गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने पर आपका आवेदन न केवल निरस्त किया जाएगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। किसी भी अनाधिकृत एजेंट या दलाल के बहकावे में न आएं और केवल आधिकारिक UIDAI केंद्रों के माध्यम से ही अपने विवरण अपडेट कराएं।
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