जनसमाज संवाददाता,मुंबई/पालघर: पश्चिम भारत में मानसूनी आफत थमने का नाम नहीं ले रही है। महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में पिछले 72 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक प्रकोप का सबसे घातक असर मुंबई और गुजरात को जोड़ने वाले सबसे प्रमुख आर्थिक तंत्र—मुंबई-गुजरात राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर देखने को मिल रहा है। हाईवे पर पिछले दो दिनों से करीब 40 किलोमीटर लंबा महाजाम लगा हुआ है, जिसमें छोटी-बड़ी हजारों गाड़ियां और उनमें सवार लाखों लोग फंसे हुए हैं।
बारिश के कारण सड़कों पर जलजमाव, गड्ढों की भरमार और कई जगहों पर भूस्खलन (Landslide) जैसी स्थिति पैदा होने से यातायात पूरी तरह से ठप पड़ गया है। स्थिति इतनी विकराल हो चुकी है कि हाईवे एक विशाल पार्किंग लॉट में तब्दील नजर आ रहा है।
72 घंटे की बारिश और सड़कों पर समंदर जैसा नजारा
मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी रेड अलर्ट के बीच पालघर, वाडा, मनोर और ठाणे से सटे इलाकों में बीते तीन दिनों से बिना रुके भारी बारिश हो रही है। इस लगातार बारिश की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर पानी का भराव इतना बढ़ गया है कि कई जगहों पर दो से तीन फीट तक पानी तैर रहा है।
पानी के तेज बहाव और सड़कों के कटने की वजह से वाहनों की रफ्तार जो पहले धीमी हुई थी, वह अब पूरी तरह थम चुकी है। पालघर जिले के मनोर और घोटण इलाके के पास जाम की स्थिति सबसे ज्यादा भयावह है। यहाँ गाड़ियों की कतारें 40 किलोमीटर से भी अधिक पीछे तक फैल गई हैं।
सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे इस मुसीबत को और बढ़ा रहे हैं। पानी भरा होने के कारण वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पा रहा है, जिससे कई भारी ट्रक और कमर्शियल गाड़ियां बीच सड़क पर ही खराब हो गई हैं। एक बार गाड़ी खराब होने के बाद हाईवे का पूरा लेन ब्लॉक हो जाता है, जिससे पीछे आ रही गाड़ियों के पास रुकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

भूखे-प्यासे फंसे यात्री: हाईवे पर मचा हाहाकार
इस भीषण महाजाम में सबसे ज्यादा मार आम जनता, चालकों और यात्रियों पर पड़ रही है। पिछले 24 से 36 घंटों से फंसे लोगों के लिए पानी और भोजन जुटाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
- महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बेहाल: जाम में फंसी बसों और निजी गाड़ियों में सवार छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। हाईवे के आसपास कोई बड़ा ढाबा या रेस्टोरेंट न होने के कारण स्थिति और विकट हो गई है।
- जरूरी दवाओं की किल्लत: कई ऐसे यात्री भी हैं जो किसी इलाज या आपातकालीन काम से मुंबई या सूरत जा रहे थे, लेकिन इस जाम ने उनके सारे प्लान ध्वस्त कर दिए हैं।
- स्थानीय लोगों की मदद: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई स्थानीय सामाजिक संस्थाएं और ग्रामीण बारिश के बावजूद हाईवे पर उतरकर फंसे यात्रियों को बिस्कुट, ब्रेड और पीने का पानी बांटने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, बारिश का तेज दौर इसमें भी बाधा डाल रहा है।
सप्लाई चेन पर पड़ा भारी असर, करोड़ों के नुकसान की आशंका
मुंबई-गुजरात हाईवे देश के सबसे व्यस्त व्यापारिक गलियारों में से एक है। इस हाईवे के ठप होने से न केवल आम यात्री परेशान हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
- सब्जियां और दूध की सप्लाई ठप: मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र से आने वाली ताजी सब्जियों, दूध, फल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो गई है। सैकड़ों ट्रक जो दूध और सब्जियां लादकर मुंबई की तरफ आ रहे थे, वे पिछले दो दिनों से हाईवे पर खड़े हैं, जिससे सामान सड़ने का खतरा बन गया है।
- इंडस्ट्रियल माल अटका: वापी, अंकलेश्वर और सूरत के औद्योगिक क्षेत्रों से मुंबई पोर्ट (JNPT) जाने वाले कंटेनर और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट का माल हाईवे पर फंसा हुआ है। इससे व्यापारियों को करोड़ों रुपये के नुकसान का अंदेशा है।
प्रशासन और पुलिस के हाथ-पांव फूले, राहत कार्य में बारिश बनी रोड़ा
महाजाम की खबर मिलते ही पालघर पुलिस, हाईवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। हालांकि, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और सड़कों पर जलजमाव के कारण राहत और बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- क्रेन और बुलडोजर तैनात: हाईवे अथॉरिटी (NHAI) और पुलिस ने खराब पड़ी गाड़ियों को हटाने के लिए क्रेन और बुलडोजर तैनात किए हैं, लेकिन जाम इतना ज्यादा है कि क्रेन का मौके पर पहुंचना ही एक बड़ा काम बन गया है।
- रूट डायवर्जन की कोशिश: ट्रैफिक पुलिस ने मुंबई और गुजरात की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को मनोर, वाडा और अन्य वैकल्पिक राज्य राजमार्गों (State Highways) की तरफ मोड़ने का प्रयास किया है, लेकिन अंदरूनी सड़कें भी बारिश के कारण खस्ताहाल हैं और वहां भी धीमा जाम लग रहा है।
- प्रशासन की अपील: पालघर और ठाणे जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक कोई बहुत जरूरी या इमरजेंसी काम न हो, तब तक मुंबई-गुजरात हाईवे पर यात्रा करने से बचें।
मौसम विभाग की चेतावनी: अभी राहत के आसार कम
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कोंकण क्षेत्र, मुंबई, ठाणे और पालघर में भारी से अत्यंत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और हाईवे के आसपास रहने वाले लोगों के लिए ‘ऑरेंज’ और ‘रेड’ अलर्ट जारी रखा है।
जब तक बारिश की रफ्तार धीमी नहीं होती और हाईवे से पानी की निकासी नहीं की जाती, तब तक इस 40 किलोमीटर लंबे महाजाम से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। हाईवे प्रशासन पानी निकालने के लिए पंपों का सहारा ले रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेर रही है।
यात्रियों के लिए सलाह:
- यात्रा स्थगित करें: यदि आप अगले 24-48 घंटों में मुंबई से सूरत/अहमदाबाद या इसके विपरीत यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो इसे तुरंत टाल दें।
- रेल सेवा का लें सहारा: हाईवे की स्थिति को देखते हुए लंबी दूरी की ट्रेनें एक सुरक्षित विकल्प हो सकती हैं, हालांकि भारी बारिश के कारण रेल यातायात भी आंशिक रूप से प्रभावित है।
- आपातकालीन नंबरों पर संपर्क करें: यदि आप हाईवे पर फंसे हैं, तो स्थानीय पुलिस हेल्पलाइन नंबर (112) या एनएचएआई (NHAI) के हेल्पलाइन नंबर 1033 पर संपर्क करें।
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