महाराष्ट्र FDA का महा-एक्शन: मैकडॉनल्ड्स समेत 13 रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस निलंबित

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर राज्य भर में एक व्यापक और सख्त अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के तहत प्रसिद्ध फास्ट-फूड चेन मैकडॉनल्ड्स (McDonald’s) और 98 साल पुराने ऐतिहासिक बॉम्बे प्रेसिडेंसी रेडियो क्लब (Bombay Presidency Radio Club) समेत कुल 13 प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों और रेस्टोरेंट्स के FSSAI लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में चलाई गई इस विशेष जांच मुहिम से पूरे खाद्य एवं रेस्टोरेंट उद्योग में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

महाराष्ट्र एफडीए की टीमों ने राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित 89 होटलों, रेस्टोरेंट्स और ढाबों पर औचक छापेमारी और निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा, रसोई की स्वच्छता और भोजन पकाने की प्रक्रियाओं की गहन जांच की गई।

जांच के दौरान कई नामी प्रतिष्ठानों में स्वच्छता के बुनियादी नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। इसके बाद एफडीए ने त्वरित कार्रवाई करते हुए:

  • 13 प्रतिष्ठानों के फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए।
  • 71 प्रतिष्ठानों को सुधारात्मक नोटिस (Improvement Notices) जारी कर कमियों को दूर करने का अंतिम मौका दिया।

मैकडॉनल्ड्स (कोलाबा आउटलेट) पर क्यों गिरी गाज?

दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित मेट्रो हाउस में संचालित मैकडॉनल्ड्स (हार्डकैसल रेस्टोरेंट्स प्राइवेट लिमिटेड) के आउटलेट का लाइसेंस रद्द/निलंबित किया गया है।

जांच में पाई गईं प्रमुख कमियां:

  1. सुधार नोटिस की अनदेखी: एफडीए द्वारा पूर्व में जारी नोटिस के बावजूद 20 में से 18 गंभीर कमियों में कोई सुधार नहीं किया गया था।
  2. जीवित कॉकरोच व कीट: किचन और स्टोरेज एरिया में जीवित कॉकरोच और पेस्ट ट्रैप्स का अभाव पाया गया।
  3. गंभीर अस्वच्छता: प्रशीतन (Refrigeration) उपकरण सही तापमान पर कैलिब्रेट नहीं थे, फर्श पर सड़ा हुआ खाद्य कचरा पड़ा था, और रोशनी के उपकरणों पर धूल जमी थी।
  4. हाथ न धोने की लापरवाही: कर्मचारियों को गंदे कपड़े और जूते छूने के बाद बिना हाथ धोए सीधे रेडी-टू-ईट (पका हुआ) खाना छूते पाया गया।
  5. गलत अनुपालन रिपोर्ट: आउटलेट ने पहले 148 पन्नों की रिपोर्ट जमा कर सभी कमियां दूर करने का दावा किया था, लेकिन मौके पर जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा निकला।
महाराष्ट्र FDA का महा-एक्शन

रेडियो क्लब और अन्य नामी रेस्टोरेंट्स में मिले कॉकरोच और मक्खियां

मुंबई के प्रतिष्ठित बॉम्बे प्रेसिडेंसी रेडियो क्लब (कोलाबा) की रसोई में निरीक्षण के दौरान नॉन-कंप्लायंस (अस्वीकृति) स्कोर 47% दर्ज किया गया।

जांच अधिकारियों द्वारा पाई गई खामियां:

  • कीड़े-मकोड़े: रसोई में बड़ी संख्या में जीवित मक्खियां और मरे हुए कॉकरोच पाए गए।
  • केमिकल और खाना साथ में: खाना बनाने की जगह के ठीक ऊपर दीवार से प्लास्टर झड़ रहा था और डिटर्जेंट/केमिकल्स को खाद्य पदार्थों के पास रखा गया था।
  • अस्वच्छ रखरखाव: कच्चे नॉन-वेज भोजन को साफ-सुथरे रेफ्रिजरेटर में रखने के बजाय सीधे फर्श पर बर्तन रखे गए थे।
  • थॉइंग और डस्टबिन: जमे हुए भोजन को सही तरीके से थॉ (Thaw) नहीं किया जा रहा था और खाना पकाने वाले स्टोव के पास ही कचरे के डिब्बे रखे थे।

प्रमुख निलंबित प्रतिष्ठानों की सूची

एफडीए की कार्रवाई का शिकार बने कुछ प्रमुख नामी प्रतिष्ठान निम्नलिखित हैं:

  • मैकडॉनल्ड्स (कोलाबा, मुंबई)
  • बॉम्बे प्रेसिडेंसी रेडियो क्लब (कोलाबा, मुंबई)
  • स्टेटस रेस्टोरेंट (Status Restaurant, मुंबई)
  • नोवारा रेस्टोरेंट / इंजीनियस किचन (मलाड, मुंबई)
  • खार जिमखाना

(नोट: इनके अलावा पुणे, छत्रपति संभाजीनगर और मुंबई संभाग के अन्य 8 से अधिक होटल व ढाबों पर भी लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई है।)

आईएएस तुकाराम मुंडे का कड़ा संदेश

जब से आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे ने एफडीए आयुक्त का पदभार संभाला है, तब से मिलावटखोरी और अस्वच्छता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जा रही है। एफडीए ने स्पष्ट किया है कि ब्रांड नाम चाहे कितना भी बड़ा या पुराना क्यों न हो, आम जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सभी निलंबित प्रतिष्ठानों को आदेश दिया गया है कि वे निलंबन की अवधि के दौरान भोजन की खरीद, बिक्री और वितरण पूरी तरह से बंद रखें। जब तक ये प्रतिष्ठान सभी कमियों को दूर कर एफडीए से दोबारा मंजूरी प्राप्त नहीं कर लेते, तब तक इनके संचालन पर रोक रहेगी।

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  • Rahul Kaushik

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    राहुल कौशिक एक युवा पत्रकार एवं मीडिया लेखक हैं, जो समसामयिक घटनाओं, तकनीक, शिक्षा, ऑटोमोबाइल, डिजिटल ट्रेंड्स और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष एवं प्रभावशाली लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें समाचार जगत में तेजी से बदलते विषयों को सरल और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में विशेष रुचि है।

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