लखनऊ के हजरतगंज मर्डर मिस्ट्री: शिवा शर्मा मौत मामले में चौंकाने वाले खुलासे, फ्लैट से मिलीं दवाएं और संदिग्ध टॉयज

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow News) के पॉश इलाके हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में हुई 27 वर्षीय कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला दिन-प्रतिदिन बेहद उलझता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआत में इसे महज एक हादसे के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन अब इस मिस्ट्री में कई ऐसे ट्विस्ट आ चुके हैं जो इसे सोची-समझी साजिश और प्रताड़ना की ओर इशारा करते हैं।

फ्लैट की तलाशी में मिले आपत्तिजनक सामान और दवाएं

पुलिस और फॉरेंसिक टीम द्वारा जब उस फ्लैट की बारीकी से तलाशी ली गई, जहां शिवा शर्मा अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे के साथ रहता था, तो कई संदिग्ध चीजें बरामद हुईं। मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों के अनुसार, फ्लैट के अंदर से यौन क्षमता बढ़ाने वाली दवाएं (Energy Boosters and Supplements) और कुछ अन्य टॉयज बरामद किए गए हैं। इन तमाम चीजों को अब पुलिस इस पूरी मर्डर मिस्ट्री की कड़ियों से जोड़कर देख रही है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि फ्लैट के भीतर कुछ ऐसा घटित हुआ था, जो सामान्य स्थिति से बिल्कुल अलग था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन सप्लीमेंट्स और अन्य चीजों का इस्तेमाल किस प्रकार की परिस्थितियों या दबाव को बनाने के लिए किया जा रहा था।

सिर्फ अंडरवियर में मिला शव और शरीर पर दर्दनाक जख्म

शिवा शर्मा की मौत के बाद परिवार वालों ने जो आरोप लगाए थे, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। परिजनों का दावा है कि जब घटना के वक्त शिवा को देखा गया, तो उसके शरीर पर कपड़ों के नाम पर सिर्फ अंडरवियर थी। इसके अलावा उसके चेहरे पर लिपस्टिक जैसे अजीब निशान और पूरे शरीर पर सिगरेट से जलाने के कई गंभीर जख्म पाए गए।

परिजनों का आरोप है कि चौथी मंजिल से नीचे गिराने या फेंकने से पहले शिवा को बंधक बनाकर घंटों तक बेरहमी से टॉर्चर किया गया था। उसकी दोनों आंखों, जबड़े, पसलियों और पैरों में गंभीर चोटों के निशान थे, जो इस बात की गवाही दे रहे थे कि मौत से पहले उसे भारी शारीरिक प्रताड़ना दी गई थी।

ब्लैकमेलिंग और पुरानी आपराधिक पृष्ठभूमि का एंगल

इस हाई-प्रोफाइल मामले में शिवा का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी एक अहम पहलू बनकर उभरा है। कुछ समय पहले गोमतीनगर इलाके में हुई एक फायरिंग की घटना में शिवा का नाम सामने आया था और वह जेल भी जा चुका था। परिवार का आरोप है कि इसी पुराने मामले और दोबारा जेल जाने के डर का फायदा उठाकर श्रद्धा दुबे और उसके करीबी उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।

मां रंजना शर्मा द्वारा पुलिस को सौंपी गई व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल सबूतों से यह बात सामने आई है कि श्रद्धा कथित तौर पर अपनी ऊंची पहुंच, बड़े राजनेताओं, नौकरशाहों और मशहूर हस्तियों से संपर्कों का हवाला देकर शिवा को डराया करती थी। शिवा को झूठे मामलों में फंसाने और बदनाम करने की धमकियां देकर उसे मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया गया था।

शिवा शर्मा मौत मामले में चौंकाने वाले खुलासे

सीसीटीवी फुटेज और रहस्यमयी ‘ऑडी’ कार ने बढ़ाए सवाल

घटना वाली रात के सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने इस केस की गुत्थी को और उलझा दिया है। फुटेज में कुछ लोग अपार्टमेंट से नीचे जाते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। इसके ठीक करीब 15 मिनट बाद परिसर में एक सफेद रंग की ऑडी कार दाखिल होती है, जिस पर सचिवालय का पास लगा हुआ था।

कार कुछ देर वहां रुकने के बाद वापस चली जाती है। पुलिस अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रही है कि वह ऑडी कार किसकी थी, उसमें कौन सवार था और घटना के तुरंत बाद उसका वहां पहुंचना महज इत्तेफाक था या किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा।

पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश और आगे की कार्रवाई

शिवा की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, आदिल और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दिल्ली, नेपाल और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

यह मामला अब केवल एक साधारण हादसे या आत्महत्या का नहीं रह गया है, बल्कि यह ऑन-कैमरा और डिजिटल सबूतों के घेरे में एक गंभीर आपराधिक साजिश बनता जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स के आधार पर जल्द ही इस मामले के सभी राज से पर्दा उठा लिया जाएगा और दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

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  • Rahul Kaushik

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