JPSC-JSSC विवाद: सरकार से सहमति के बावजूद क्यों जारी है छात्र आंदोलन

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के विरोध में छात्रों का उग्र आंदोलन 16वें दिन भी जारी है। राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच कई दौर की मैराथन वार्ता के बाद सरकार ने छात्रों की 98 प्रतिशत मांगों पर सहमति जता दी है। हालांकि, JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई (CBI) से जांच कराने की मांग पर पेंच फंसा हुआ है। इस गतिरोध के चलते अभ्यर्थियों ने आंदोलन जारी रखने और सोमवार (10 अगस्त) को झारखंड विधानसभा के शांतिपूर्ण घेराव का ऐलान किया है।

किन-किन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति?

झारखंड सरकार के मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों के दल के साथ हुई बैठक में राज्य सरकार ने छात्रों के हित में कई बड़े फैसले लिए हैं:

  • 3 प्रमुख परीक्षाएं रद्द: सरकार ने 14वीं JPSC कंबाइंड सिविल सर्विसेज की प्रारंभिक (PT) परीक्षा के साथ-साथ बैकलॉग-23 और बैकलॉग-25 परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति व्यक्त कर दी है।
  • ED और CID से जांच: परीक्षाओं में हुए वित्तीय घोटालों और आपराधिक अनियमितताओं की जांच के लिए दोहरी जांच प्रणाली तैयार की गई है। वित्तीय मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) करेगी, जबकि आपराधिक पहलुओं की तफ्तीश सीआईडी (CID) द्वारा की जाएगी।
  • निगरानी समिति (Monitoring Committee): सीआईडी जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने का प्रस्ताव दिया गया है।
  • परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ कमेटी: भविष्य की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए IIT-ISM (धनबाद), IIM (रांची) और XLRI (जमशेदपुर) के विशेषज्ञों को शामिल कर एक रिफॉर्म कमेटी बनाई जाएगी।
  • फास्ट ट्रैक कोर्ट और 90 दिनों की समयसीमा: परीक्षा धांधली से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा और 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की समयसीमा तय की गई है।
  • JPSC सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार: छात्रों के भारी दबाव के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों—अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा—ने इस्तीफा दे दिया है, जिसे राजभवन द्वारा स्वीकार भी कर लिया गया है।

गतिरोध की वजह: किन मुद्दों पर अटकी बात?

सरकार की ओर से अधिकतर मांगें स्वीकार किए जाने के बावजूद छात्र आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। विवाद के दो मुख्य केंद्र बिंदु हैं:

  1. JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग: अभ्यर्थियों का आरोप है कि JSSC-CGL परीक्षा प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार हुआ है, इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए। वहीं, सरकार का पक्ष है कि CGL परीक्षा प्रक्रिया हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में संपन्न हुई है, इसलिए कानूनी बंदिशों के कारण सरकार इसे सीधे रद्द करने में असमर्थ है।
  2. CBI जांच पर अड़े अभ्यर्थी: छात्र नेताओं का कहना है कि राज्य स्तरीय जांच एजेंसियों पर उनका भरोसा खत्म हो चुका है। वे पूरे परीक्षा घोटाले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।

आंदोलन की वर्तमान स्थिति और विधानसभा घेराव का ऐलान

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और बिरसा चौक के समीप हजारों की संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। आंदोलन का चेहरा बने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिनकी तबीयत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने लिखित सरकारी आदेश जारी होने तक अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया है।

छात्र प्रतिनिधियों ने साफ किया है कि जब तक JSSC-CGL को रद्द करने और CBI जांच की सिफारिश से जुड़ा स्पष्ट आदेश जारी नहीं होता, तब तक सत्याग्रह और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इसी रणनीति के तहत 10 अगस्त को राज्य विधानसभा घेराव का आह्वान किया गया है, जिसके मद्देनज़र रांची प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है।

JPSC-JSSC विवाद

सियासी गरमाहट और मुख्यमंत्री का बयान

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा है कि सरकार छात्रों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि युवा किसी के बहकावे में न आएं, क्योंकि समस्याओं का समाधान बातचीत से ही संभव है। दूसरी ओर, इस आंदोलन को कई राजनीतिक दलों, क्षेत्रीय संगठनों (जैसे JLKM) और हस्तियों का भी समर्थन मिल रहा है।

छात्रों और सरकार के बीच जारी इस रस्साकशी का अगला रुख इस बात पर निर्भर करेगा कि विधानसभा घेराव के दिन सरकार क्या नया प्रशासनिक कदम उठाती है।

झारखंड में JPSC व JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ छात्रों के इस आंदोलन और विधानसभा घेराव के फैसले से जुड़ी विस्तृत कवरेज देखने के लिए नीचे दिए गए वीडियो को देख सकते हैं।

यह वीडियो झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन, JPSC/JSSC भर्ती धांधली के विरोध और 10 अगस्त के प्रस्तावित विधानसभा घेराव के घटनाक्रम को प्रमुखता से दर्शाता है।

Author

  • Rahul Kaushik

    Senior Editor

    राहुल कौशिक एक युवा पत्रकार एवं मीडिया लेखक हैं, जो समसामयिक घटनाओं, तकनीक, शिक्षा, ऑटोमोबाइल, डिजिटल ट्रेंड्स और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष एवं प्रभावशाली लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें समाचार जगत में तेजी से बदलते विषयों को सरल और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में विशेष रुचि है।

    पत्रकारिता के क्षेत्र में राहुल कौशिक की लेखन शैली तथ्यात्मक, सहज और पाठकों को जानकारी के साथ जागरूक करने वाली मानी जाती है। वे विशेष रूप से युवा वर्ग, डिजिटल इंडिया, नई तकनीकों और सामाजिक मुद्दों से संबंधित विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य करते हैं।

    राहुल कौशिक का उद्देश्य विश्वसनीय, उपयोगी और सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाना तथा समाज में जागरूकता को बढ़ावा देना है।

Leave a Comment