जॉर्डन: चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी, 7 की मौत; सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, हमलावरों की तलाश तेज

जॉर्डन के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत करक (Karak) के हमूद गांव स्थित ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च (Greek Orthodox Church) में उस समय मातम पसर गया, जब एक अंतिम संस्कार समारोह के दौरान नकाबपोश आतंकवादियों ने अचानक गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस भीषण हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 34 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

पूरी वारदात चर्च परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है। जॉर्डन के लोक सुरक्षा निदेशालय (Public Security Directorate) और गृह मंत्रालय ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे एक “आतंकवादी और चरमपंथी हमला” करार दिया है। फिलहाल जॉर्डन की सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर फरार बंदूकधारियों की धरपकड़ के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

कैसे घटी दिल दहला देने वाली वारदात?

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार के दिन हमूद गांव के ऐतिहासिक चर्च में स्थानीय लोग एक दिवंगत परिजन की अंतिम यात्रा और प्रार्थना सभा (Funeral Procession) के लिए एकत्र हुए थे। लगभग 150 से 200 लोग चर्च परिसर और उसके आसपास मौजूद थे।

इसी बीच एक वाहन चर्च के मुख्य प्रवेश द्वार के पास आकर रुका। वाहन से उतरे हथियारबंद उग्रवादियों ने बिना कोई चेतावनी दिए सीधे भीड़ पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावरों ने लगभग पांच मिनट तक लगातार अंधाधुंध गोलीबारी की, जिससे वहां भगदड़ मच गई। प्रार्थना सभा में आए बुजुर्ग और महिलाएं खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन खुले स्थान पर होने के कारण कई लोग सीधे गोलियों की चपेट में आ गए।

सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में क्या दिखा?

जॉर्डन के राष्ट्रीय टेलीविजन और सोशल मीडिया पर सामने आए सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि संदिग्ध हमलावर फुटपाथ और पेड़ों की ओट में छिपकर चर्च की ओर लगातार गोलियां चला रहे थे।

  • हमलावरों के पास हथियार: फुटेज के आधार पर जांच अधिकारियों ने बताया कि हमलावर नागरिक कपड़ों में थे। उनमें से कुछ के पास ऑटोमैटिक राइफलें थीं, जबकि अन्य के पास पिस्तौलें थीं।
  • योजनाबद्ध हमला: जिस तरीके से हमलावरों ने चर्च के प्रवेश द्वार को निशाना बनाया और पांच मिनट के भीतर तबाही मचाकर मौके से फरार हो गए, उससे यह साफ प्रतीत होता है कि इस हमले की पूरी रेकी और योजना पहले से तैयार की गई थी।

हताहतों की स्थिति और आपातकालीन सहायता

घटना की सूचना मिलते ही जॉर्डन की एम्बुलेंस और सुरक्षा बल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।

  • मृतकों की संख्या: लोक सुरक्षा निदेशक मेजर जनरल अब्दुल्ला अल-मायता (Major General Abdallah al-Maaytah) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि हमले में 7 निर्दोष नागरिकों की जान गई है। मारे गए अधिकांश लोगों की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच थी।
  • घायलों का इलाज: हमले में घायल हुए 34 से अधिक लोगों को करक के सरकारी और नजदीकी सैन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है।

जॉर्डन सरकार का कड़ा रुख और जांच का दायरा

जॉर्डन के सरकारी संचार मंत्री मोहम्मद अल-मोमानी (Mohammed Al-Momani) और गृह मंत्री माजिन अल-फ़रायह (Mazin Al Farrayeh) ने इस कृत्य की तीव्र भर्त्सना की है।

गृह मंत्री ने कहा कि यह हमला “अंधे चरमपंथ” और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगड़ने की साजिश का हिस्सा है। हालांकि, अभी तक किसी भी अंतरराष्ट्रीय या स्थानीय उग्रवादी संगठन ने इस हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि क्या इन हमलावरों का कोई संबंध विदेशी आतंकी गुटों से था या वे स्थानीय स्तर पर कट्टरपंथ का शिकार हुए उग्रवादी थे।

जॉर्डन के सुरक्षा बलों ने करक प्रांत के सभी निकास मार्गों को सील कर दिया है और संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

शांतिपूर्ण देश में दुर्लभ आतंकी घटना

जॉर्डन को मध्य पूर्व (Middle East) के बेहद अशांत क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और धार्मिक सद्भाव का प्रतीक माना जाता है। देश में ईसाई समुदाय की आबादी कुल 1.15 करोड़ की जनसंख्या का एक छोटा लेकिन ऐतिहासिक हिस्सा (लगभग 3 लाख) है। वहां ईसाई और मुस्लिम समुदाय लंबे समय से शांतिपूर्वक एक साथ रहते आए हैं।

जॉर्डन में इस तरह के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमले अत्यंत दुर्लभ हैं। इससे पहले वर्ष 2016 में करक के ऐतिहासिक किले के पास उग्रवादियों ने हमला किया था, जिसमें 10 लोग मारे गए थे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले की व्यापक निंदा हो रही है। पड़ोसी देशों और वैश्विक नेताओं ने जॉर्डन की सरकार और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं तथा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जॉर्डन के साथ एकजुटता दोहराई है।

Author

  • Rahul Kaushik

    Senior Editor

    राहुल कौशिक एक युवा पत्रकार एवं मीडिया लेखक हैं, जो समसामयिक घटनाओं, तकनीक, शिक्षा, ऑटोमोबाइल, डिजिटल ट्रेंड्स और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष एवं प्रभावशाली लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें समाचार जगत में तेजी से बदलते विषयों को सरल और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में विशेष रुचि है।

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