शहर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति दिन-प्रतिदिन भयावह होती जा रही है। फैक्ट्रियों की चिमनियों से चौबीसों घंटे निकल रहा ज़हरीला धुआं अब सीधे लोगों की सांसों में घुल रहा है। इस महीने हवा की गुणवत्ता का सूचकांक यानी AQI कई बार 500 के पार दर्ज किया जा चुका है, जो ‘अत्यंत गंभीर’ श्रेणी में आता है। हवा में फैले इस प्रदूषण के कारण आम नागरिकों का जीना दूभर हो गया है।
2. सेहत पर सीधा प्रहार: 20 सिगरेट पीने जितना नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार, 500 से ऊपर AQI वाली हवा में सांस लेना एक दिन में 20 से 25 सिगरेट पीने के बराबर नुकसान पहुंचाता है। धुएं में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और अति-सूक्ष्म कण (PM 2.5) फेफड़ों के गहरे हिस्सों तक पहुंचकर खून में घुल रहे हैं। इसके कारण लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, सीने में जकड़न और लगातार खांसी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

3. नियमों की अनदेखी और रात में धुआं छोड़ने का खेल
स्थानीय निवासियों और पर्यावरणविदों का आरोप है कि अधिकांश औद्योगिक इकाइयां प्रदूषण नियंत्रण मानकों की धज्जियां उड़ा रही हैं। लागत बचाने के चक्कर में फैक्ट्रियां अपनी चिमनियों में लगे फिल्टर (स्क्रबर) बंद रखती हैं और रात के अंधेरे में बिना ट्रीट किया गया ज़हरीला धुआं हवा में छोड़ देती हैं। सुबह के समय दिखने वाला घना कोहरा वास्तव में ज़हरीला औद्योगिक स्मोग (Smog) होता है।
4. अस्पतालों में मरीजों की बढ़ी कतारें
प्रदूषण के इस आपातकाल का सबसे बुरा असर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों पर पड़ रहा है। शहर के प्रमुख अस्पतालों की ओपीडी में सांस और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या में 40% से 50% तक का इजाफा हुआ है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो यह स्थिति लंबी बीमारी और दिल के दौरों का कारण बन सकती है।
5. सुरक्षा के उपाय: मास्क और सावधानी ज़रूरी
जब तक प्रशासन इन फैक्ट्रियों पर कड़ा रुख नहीं अपनाता, तब तक नागरिकों को स्वयं सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:
- N95 मास्क पहनें: बाहर निकलते समय साधारण कपड़े के बजाय केवल N95 या N99 मास्क का प्रयोग करें।
- सुबह-शाम की सैर से बचें: जब वायु प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा हो, तब बाहर टहलने या कसरत करने न जाएं।
- खान-पान में बदलाव: शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने के लिए भरपूर पानी पीएं और गुड़, अदरक व तुलसी का सेवन करें।
यह भी पढ़ें: जन्नत जुबैर का बड़ा बयान: सोशल मीडिया का दिखावा है सेलेब्स का विरोध