नई दिल्ली: दिल्ली की जीवनरेखा कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गई है। एम्स (AIIMS) मेट्रो स्टेशन के पास चलती ट्रेन में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान पर महिला यात्री की बिना सहमति के तस्वीरें खींचने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के दौरान यात्रियों द्वारा पूछताछ किए जाने पर हंगामा बढ़ गया और एक जोरदार बहस शुरू हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद सीआईएसएफ प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित जवान को निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं।
घटना का घटनाक्रम: एम्स मेट्रो स्टेशन के पास का वाकया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात दिल्ली मेट्रो के कोच में घटी। कोच में सफर कर रही एक महिला यात्री को शक हुआ कि पास में तैनात CISF का जवान अपने मोबाइल फोन से उसकी तस्वीरें खींच रहा है।
- तस्वीरें खींचने का आरोप: महिला ने तुरंत हिम्मत दिखाते हुए जवान से सवाल-जवाब किए और अपना फोन दिखाने को कहा।
- शुरुआती इनकार: जवान ने पहले किसी भी तरह की फोटो खींचने की बात से इनकार किया।
- गैलरी जांचने पर हुआ खुलासा: डिब्बे में मौजूद अन्य सह-यात्रियों ने जब हस्तक्षेप किया और जवान का फोन चेक कराया, तो फोन की गैलरी में महिला की तस्वीरें मौजूद मिलीं।
यात्रियों का गुस्सा और हाथापाई की नौबत
तस्वीरें सामने आने के बाद मेट्रो कोच के भीतर यात्रियों का आक्रोश बढ़ गया। यात्रियों ने जवान से तुरंत उन तस्वीरों को हटाने की मांग की। इस दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि जवान ने डिब्बे से बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन यात्रियों ने उसे रोकने की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
| घटना के मुख्य बिंदु | विवरण |
| स्थान | दिल्ली मेट्रो (एम्स स्टेशन के समीप) |
| मुख्य आरोप | महिला यात्री की बिना अनुमति फोटो खींचना |
| हथियार तानने का दावा | यात्रियों का आरोप, हालांकि पुलिस ने इस दावे का खंडन किया |
| प्रशासनिक कार्रवाई | CISF द्वारा जवान का तत्काल निलंबन |
पिस्तौल तानने के आरोपों पर स्थिति
विवाद के दौरान कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि जवान ने बहस बढ़ने पर अपनी सर्विस पिस्टल निकाल ली और सह-यात्रियों की तरफ तान दी। हालांकि, दिल्ली मेट्रो पुलिस ने इस दावे को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हथियार का गलत इस्तेमाल या तानने जैसी घटना नहीं हुई है, हालांकि स्थिति तनावपूर्ण जरूर हो गई थी।
सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद कंट्रोल रूम को पीसीआर कॉल (PCR Call) द्वारा सूचित किया गया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
- आधिकारिक निलंबन: वायरल वीडियो और प्राथमिक सूचना के आधार पर CISF के वरिष्ठ अधिकारियों ने जवान को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
- आंतरिक जांच शुरू: मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए विभागीय जांच का गठन कर दिया गया है।
- लिखित शिकायत की स्थिति: पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने मामले में कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
सुरक्षा बलों के जवानों से जुड़े ऐसे मामले सुरक्षा और यात्रियों के भरोसे पर सवाल खड़े करते हैं, यही वजह है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीआईएसएफ ने तुरंत कड़े कदम उठाए हैं।