BRICS समिट 2026: गलवान सीमा विवाद के बाद पहली बार भारत दौरे पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग

नई दिल्ली में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के लिए राजनयिक हलचलों का दौर तेज हो चुका है। इस सम्मेलन का सबसे बड़ा अपडेट चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत आगमन माना जा रहा है। जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच बने तनावपूर्ण संबंधों के बीच शी जिनपिंग का यह पहला भारत दौरा होगा। अक्टूबर 2019 में तमिलनाडु के मामल्लापुरम में हुए अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के सात साल बाद चीनी राष्ट्राध्यक्ष भारतीय सरजमीं पर कदम रख रहे हैं।

बैठक का एजेंडा और मुख्य बिंदु

  • प्रतिनिधिमंडल का आकार: चीनी राष्ट्रपति के साथ लगभग 400 अधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल आ रहा है, जो राजनयिक संबंधों को दोबारा सामान्य करने के बीजिंग के प्रयासों की गंभीरता को दर्शाता है।
  • द्विपक्षीय वार्ता की संभावना: ब्रिक्स मंच के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की संभावना जताई जा रही है।
  • मुख्य मुद्दे: वार्ता में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर गश्त व्यवस्था, सैन्य वापसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना, सीधे वाणिज्यिक उड़ानों की बहाली और व्यापारिक प्रतिबंधों में ढील जैसे विषयों पर चर्चा संभावित है।
  • सम्मेलन की थीम: 18वें ब्रिक्स सम्मेलन का मुख्य ध्यान “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता” (Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) पर केंद्रित है।

भारत-चीन संबंध: 2020 से अब तक का सफर

जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे और चीनी सेना को भी भारी क्षति पहुंची थी। इस घटना ने दोनों देशों के बीच दशकों से बने भरोसे को गहराई से प्रभावित किया। इसके बाद भारत ने सीमा सुरक्षा को कड़ा करते हुए कई चीनी डिजिटल ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया और निवेश संबंधी नियमों को सख्त किया।

पिछले कुछ महीनों में दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर (WMCC और विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता) पर निरंतर बातचीत हुई है। सीमा पर पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर बनी सहमतियों ने इस बहुपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं के आमने-सामने आने का मार्ग प्रशस्त किया है।

पैरामीटरविवरण
कार्यक्रम18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026)
स्थाननई दिल्ली, भारत
प्रमुख प्रतिभागीभारत, चीन, रूस, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई
चीन का प्रतिनिधिमंडललगभग 400 सदस्य
कूटनीतिक महत्व2020 गलवान घटनाक्रम के बाद पहला भारत दौरा

वैश्विक व आर्थिक दृष्टिकोण

ग्लोबल साउथ के संदर्भ में भारत और चीन के बीच स्थिरता संपूर्ण एशियाई क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में निरंतरता और आर्थिक मोर्चे पर स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों का यह जुड़ाव रणनीतिक रूप से अहम है। हालांकि, भारतीय रक्षा और विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि केवल शिखर सम्मेलनों या बैठकों से सीमा विवाद रातों-रात हल नहीं होंगे, लेकिन यह कदम दोनों देशों के बीच संवादहीनता को समाप्त करने और रणनीतिक जोखिमों को कम करने की दिशा में एक जरूरी शुरुआत है।

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  • Rahul Kaushik

    Senior Editor

    राहुल कौशिक एक युवा पत्रकार एवं मीडिया लेखक हैं, जो समसामयिक घटनाओं, तकनीक, शिक्षा, ऑटोमोबाइल, डिजिटल ट्रेंड्स और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष एवं प्रभावशाली लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें समाचार जगत में तेजी से बदलते विषयों को सरल और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में विशेष रुचि है।

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