एशियाई खेल 2026: तीरंदाजी और गोल्फ में भारत को स्वर्ण, पदक तालिका में पांचवें स्थान पर

एशियाई खेल 2026 (Asian Games 2026) का 15वां दिन भारतीय खेल इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। जापान के आइची-नागोया (Aichi-Nagoya) में आयोजित इस महाकुंभ में भारतीय एथलीटों का शानदार और अभूतपूर्व प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को भारत की बेटियों ने तीरंदाजी (Archery) और गोल्फ (Golf) जैसे दो अलग-अलग प्रतिस्पर्धी खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर एक नया इतिहास रच दिया।

तीरंदाजी में 17 वर्षीय युवा खिलाड़ी कुमकुम अनिल मोहड़ (Kumkum Anil Mohod) ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण दिलाया। दूसरी ओर, गोल्फ के मैदान पर मैसूर की 23 वर्षीय स्टार गोल्फर प्रणवी शरद उर्स (Pranavi Sharath Urs) ने महिला व्यक्तिगत गोल्फ में भारत का पहला एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगा फहराया। इन दो शानदार स्वर्ण पदकों और प्रणवी के प्रदर्शन की बदौलत मिली महिला टीम रजत पदक (Silver Medal) के साथ भारत पदक तालिका में 5वें स्थान पर अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है।

कुमकुम मोहड़ ने तीरंदाजी में रचा इतिहास

एशियाई खेलों में तीरंदाजी की महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा को हमेशा से दक्षिण कोरिया और चीन जैसी वैश्विक महाशक्तियों का गढ़ माना जाता रहा है। लेकिन 17 वर्षीय भारतीय तीरंदाज कुमकुम मोहड़ ने इस मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया। फाइनल मुकाबले में कुमकुम का सामना दक्षिण कोरिया की अनुभवी और दिग्गज तीरंदाज ओह येजिन (Oh Yejin) से हुआ।

यह मुकाबला बेहद रोमांचक और अंतिम क्षणों तक सांसें थाम देने वाला रहा। दोनों तीरंदाजों के बीच 5 सेटों के बाद मुकाबला 5-5 की बराबरी पर छूटा। इसके बाद स्वर्ण पदक का फैसला ‘शूट-आउट’ (Shoot-out) के जरिए हुआ। बेहद दबाव भरे इस क्षण में कुमकुम ने अटूट मानसिक दृढ़ता और अपने सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 6-5 से जीत दर्ज की।

इस ऐतिहासिक जीत के साथ कुमकुम एशियाई खेलों के इतिहास में महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बन गई हैं। इससे पहले प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में कुमकुम ने ओलंपिक और विश्व चैंपियन कांग चाए-यंग (Kang Chae-young) तथा सेमीफाइनल में चीन की झू जिंगयी को हराकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया था।

गोल्फ के मैदान पर प्रणवी उर्स का स्वर्णिम प्रदर्शन

गोल्फ कोर्स पर मैसूर से आने वाली 23 वर्षीय प्रणवी उर्स ने भारत के लिए एक और अविश्वसनीय इतिहास रचा। एशियाई खेलों की महिला व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में प्रणवी ने चारों दौर में धैर्य और निरंतरता का अद्भुत मिश्रण दिखाया। अंतिम राउंड में 3-स्ट्रोक की बढ़त के साथ उतरी प्रणवी को शुरुआती होल पर थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने तुरंत वापसी करते हुए तीन बर्डीज (Birdies) लगाईं और 15-अंडर 265 के कुल स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर स्वर्ण अपने नाम किया।

यह एशियाई खेलों के इतिहास में महिला गोल्फ में भारत का अब तक का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक है। इससे पहले पुरुष वर्ग में अंतिम बार साल 2002 में शिव कपूर ने भारत के लिए गोल्फ का व्यक्तिगत गोल्ड जीता था। प्रणवी की इस स्वर्णिम सफलता का लाभ भारत को टीम स्पर्धा में भी मिला। अदिति अशोक (Aditi Ashok) और दीक्षा डागर (Diksha Dagar) के साथ मिलकर प्रणवी ने भारत को महिला टीम गोल्फ में रजत पदक भी दिलाया।

पदक तालिका में भारत पांचवें स्थान पर बरकरार

तीरंदाजी और गोल्फ में मिले इन ऐतिहासिक पदकों के दम पर भारत की पदक तालिका में स्थिति और अधिक मजबूत हो गई है। भारतीय दल ने अब तक कुल 78 पदक अपने नाम कर लिए हैं, जिसमें:

  • 18 स्वर्ण पदक (Gold Medals)
  • 25 रजत पदक (Silver Medals)
  • 35 कांस्य पदक (Bronze Medals) शामिल हैं।

चीन, दक्षिण कोरिया, जापान और उज्बेकिस्तान के बाद भारत कुल पदकों की रेस में 5वें स्थान पर बना हुआ है। दिन का खेल खत्म होने से पहले पुरुषों के क्रिकेट फाइनल (भारत बनाम पाकिस्तान) और पुरुष हॉकी के स्वर्ण पदक मुकाबले (भारत बनाम मलेशिया) से भी भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में और इजाफा होने की पूरी उम्मीद है।

इन दोनों युवा खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन न केवल भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि देश की आने वाली पीढ़ी की महिला एथलीटों के लिए भी एक बड़ा प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।

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