एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों और विशेष रूप से निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन निरंतर जारी है। शूटिंग रेंज में भारत के युवा स्टार्स ने अपनी अचूक निशानेबाजी से एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत (10m Air Rifle Individual) स्पर्धा के बेहद ही रोमांचक और दबाव भरे फाइनल मुकाबले में भारतीय निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों (Himanshu Dhillon) ने रजत पदक (Silver Medal) पर निशाना साधा, जबकि पूर्व विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष पाटिल (Rudrankksh Patil) ने कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल कर पोडियम पर भारत का दोहरा दबदबा कायम किया।
जापान में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स 2026 के इस दिन को भारतीय शूटिंग इतिहास में एक और ऐतिहासिक दिन के रूप में याद किया जाएगा, जहाँ दो भारतीय शूटरों ने एक ही इवेंट में दो मेडल भारत की झोली में डाले। चीन के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शेंग लिहाओ (Sheng Lihao) ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
10 मीटर एयर राइफल का रोमांचक फाइनल मुकाबला
सोमवार को आयोजित हुए पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल के फाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले। भारतीय निशानेबाज रुद्रांक्ष पाटिल ने मुकाबले की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की।
- शुरुआती दौर (First & Second Series): रुद्रांक्ष ने अपनी पहली सीरीज़ में 52.8 और दूसरी सीरीज़ में 53.2 का स्कोर करके शुरुआती दौर में ही 1.1 पॉइंट्स की बढ़त हासिल कर ली थी। हिमांशु ढिल्लों भी बहुत ही शांत और एकाग्र होकर लगातार 10 से ऊपर का स्कोर बनाते हुए पदक की दौड़ में मजबूती से बने हुए थे।
- मध्य दौर (12 से 16 शॉट्स): 12 शॉट्स के बाद रुद्रांक्ष 127.4 अंक के साथ शीर्ष पर थे, वहीं हिमांशु 126.6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर चल रहे थे। हालाँकि, इसके बाद चीन के शेंग लिहाओ ने अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू की और 16वें शॉट के बाद 168.8 अंक बनाकर पहला स्थान हासिल किया। इस समय रुद्रांक्ष और हिमांशु दोनों 168.6 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर थे।
- अंतिम चरण और एलिमिनेशन राउंड: प्रतियोगिता जब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँची, तब एक-एक शॉट पर प्रेशर बढ़ता चला गया। हिमांशु ने परफेक्ट 10.9 का शॉट लगाकर सबको चौंका दिया, लेकिन 22वें शॉट में रुद्रांक्ष पाटिल का एक शॉट 9.7 पर चला गया। यह मामूली सी चूक रुद्रांक्ष को तीसरे स्थान पर ले आई और वह कुल 230.9 अंक के स्कोर के साथ कांस्य पदक (Bronze Medal) विजेता बने।
अंतिम दो में हिमांशु और चीन के शेंग लिहाओ की जंग
रुद्रांक्ष के बाहर होने के बाद गोल्ड मेडल के लिए अंतिम दो शूटरों के बीच जंग शुरू हुई। एक तरफ एशियन गेम्स में डेब्यू कर रहे भारत के युवा सनसनी हिमांशु ढिल्लों थे और दूसरी तरफ चीन के अनुभवी निशानेबाज शेंग लिहाओ।
दोनों खिलाड़ियों ने अपने अंतिम शॉट में 10.6 का स्कोर दर्ज किया। हिमांशु ढिल्लों ने कुल 252.4 अंकों के साथ शानदार खेल दिखाते हुए रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया, जबकि चीन के शेंग लिहाओ ने एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। अपने पहले ही एशियन गेम्स में इस स्तर का संयम और कौशल दिखाना हिमांशु के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है।
टीम स्पर्धा में भी मिला सिल्वर मेडल
व्यक्तिगत वर्ग में झंडे गाड़ने से पहले ही, इसी दिन सुबह पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भी भारतीय तिकड़ी ने भारत का परचम लहराया।
भारत की टीम में रुद्रांक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ राकेश माने शामिल थे। तीनों शूटरों ने पूरे क्वालिफिकेशन राउंड में बेहतरीन तालमेल और निरंतरता दिखाई।
- भारतीय टीम का कुल स्कोर: 1890.1 अंक (सिल्वर मेडल)
- चीन की टीम का कुल स्कोर: 1899.0 अंक (गोल्ड मेडल)
- दक्षिण कोरिया की टीम का कुल स्कोर: 1841.4 अंक (ब्रॉन्ज़ मेडल)
इस टीम मेडल के साथ ही हिमांशु और रुद्रांक्ष दोनों ही खिलाड़ियों के नाम इस एशियन गेम्स 2026 में दो-दो मेडल (double medal winners) हो गए हैं।
हिमांशु और रुद्रांक्ष: भारत के दो अनमोल रत्न
1. हिमांशु ढिल्लों (Himanshu Dhillon)
जूनियर सर्किट पर अपनी छाप छोड़ने के बाद सीनियर स्तर पर हिमांशु का यह पहला बड़ा एशियन गेम्स मंच था। वर्ष 2026 की शुरुआत में ही उन्होंने नई दिल्ली में एशियाई जूनियर चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था। एशियन गेम्स 2026 में व्यक्तिगत सिल्वर और टीम सिल्वर जीतकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वे आने वाले ओलंपिक के लिए भारत के सबसे बड़े मेडल हॉप्स में से एक हैं।
2. रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल (Rudrankksh Patil)
रुद्रांक्ष पाटिल विश्व निशानेबाजी में पहले ही एक जाना-माना नाम हैं। वर्ष 2022 की काहिरा विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले रुद्रांक्ष ने एक बार फिर दबाव के पलों में अपनी विश्वस्तरीय तकनीक का प्रदर्शन किया। हालाँकि वे गोल्ड मेडल से थोड़े से चूक गए, लेकिन कांस्य और रजत पदक जीतकर उन्होंने पोडियम पर भारत की उपस्थिति दर्ज कराई।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटिंग दल की स्थिति
एशियन गेम्स 2026 में भारत को सबसे ज्यादा सफलता अब तक शूटिंग रेंज से ही मिली है। भारतीय निशानेबाजों ने साबित कर दिया है कि एयर राइफल कैटेगरी में भारत दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है।
- महिला 10 मीटर एयर राइफल (टीम): एलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदार्शा विनोद – सिल्वर मेडल
- महिला 10 मीटर एयर राइफल (व्यक्तिगत): एलावेनिल वलारिवन – सिल्वर मेडल
- पुरुष 10 मीटर एयर राइफल (टीम): रुद्रांक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ माने – सिल्वर मेडल
- पुरुष 10 मीटर एयर राइफल (व्यक्तिगत): हिमांशु ढिल्लों – सिल्वर मेडल
- पुरुष 10 मीटर एयर राइफल (व्यक्तिगत): रुद्रांक्ष पाटिल – कांस्य मेडल (Bronze)
देश भर में खुशी की लहर, दिग्गजों ने दी बधाई
भारतीय निशानेबाजों के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद खेल प्रेमियों, नेताओं और पूर्व खिलाड़ियों की तरफ से सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया है। राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) और खेल मंत्रालय ने खिलाड़ियों के समर्पण और कोचों की मेहनत की जमकर सराहना की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही भारत अभी शूटिंग में स्वर्ण पदक (Gold Medal) की तलाश में है, लेकिन जिस प्रकार का स्कोर हमारे युवा एथलीट हासिल कर रहे हैं, उससे आने वाली अन्य राइफल, पिस्टल और शॉटगन स्पर्धाओं में भारत के खाते में कई गोल्ड मेडल आने तय हैं। हिमांशु ढिल्लों की इस ऐतिहासिक रजत और रुद्रांक्ष की कांस्य जीत ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के मेडल अभियान को एक नई रफ़्तार और ऊर्जा प्रदान की है।
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