तमिलनाडु की थेनी जेल से 17 कैदी फरार: पुलिसकर्मियों पर किया हमला; 4 गिरफ्तार, तलाश में जुटीं 17 टीमें

जनसमाज संवाददाता, थेनी (तमिलनाडु): तमिलनाडु के थेनी जिले स्थित थेक्कमपल्ली उप-जेल (Theni Sub-Jail) से सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए 17 विचाराधीन कैदी (Undertrial Prisoners) फरार हो गए। कैदियों ने सुरक्षाकर्मियों को चकमा देने के लिए मेडिकल इमरजेंसी का नाटक रचा और जैसे ही जेल स्टाफ जांच के लिए अंदर पहुंचा, उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना से राज्य के जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

राहत और त्वरित कार्रवाई के तहत पुलिस ने तलाशी अभियान (Combing Operation) चलाकर अब तक 4 फरार कैदियों को फिर से दबोच लिया है। वहीं, बाकी 13 फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने 17 विशेष टीमों (Special Teams) का गठन किया है। राज्य के सुरक्षा इतिहास में इसे 1995 के प्रसिद्ध वेल्लोर जेल ब्रेक के बाद कैदियों के भागने की दूसरी सबसे बड़ी घटना माना जा रहा है।

1. मेडिकल इमरजेंसी का बनाया बहाना, फिर किया अचानक हमला

पुलिस और जेल अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना देर रात की है। थेनी की सब-जेल की एक ही बैरक/सेल में 17 कैदी बंद थे।

कैदियों ने जेल ब्रेक की साज़िश पहले से ही रच रखी थी। देर रात कैदियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया कि उनके एक साथी की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई है और उसे मिर्गी का दौरा (Seizure) पड़ रहा है। आवाज सुनकर और मानवीय संवेदनाओं के नाते जेल स्टाफ व सुरक्षाकर्मी स्थिति की समीक्षा करने के लिए सेल का दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुए।

जैसे ही ग्रेड-II पुलिसकर्मी थंगापांडी और उनके अन्य सहयोगी कैदियों के करीब पहुंचे, पहले से घात लगाकर बैठे सभी कैदियों ने उन पर हमला बोल दिया। हमला इतना अचानक और हिंसक था कि जेल कर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कैदी अधिकारियों पर हमला करके, ताला तोड़ते हुए परिसर से फरार होने में कामयाब हो गए।

2. 3 पुलिसकर्मी घायल; थंगापांडी अस्पताल में भर्ती

कैदियों द्वारा किए गए इस हमले में ड्यूटी पर तैनात 3 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

  • गंभीर रूप से घायल: थेनी जिला जेल के ग्रेड-II पुलिसकर्मी थंगापांडी को सिर में गंभीर चोट आई है। उन्हें तुरंत जी. विलाक्कु (G. Vilakku) स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
  • अन्य कर्मी: घटना के दौरान दो अन्य जेलकर्मियों को भी हल्की व मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।

3. तलाश अभियान: 17 विशेष टीमें गठित और 16 नाकों पर चेकिंग

घटना की जानकारी मिलते ही साउथ जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) विजयेंद्र बिदारी और थेनी जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) के.एस. प्रवीण गौथम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

  • 4 कैदी गिरफ्तार: पुलिस ने घटना के तुरंत बाद शुरू किए गए सघन कॉम्गिंग ऑपरेशन के तहत 4 भगोड़ों को गिरफ्तार कर लिया है।
  • 17 स्पेशल टीमें: शेष 13 कैदियों को पकड़ने के लिए 17 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
  • पड़ोसी जिलों और सीमाओं पर अलर्ट: घटना के तुरंत बाद पड़ोसी जिले डिंडीगुल में 16 प्रमुख स्थानों पर नाकेबंदी (Checkposts) की गई है, जहाँ से गुजरने वाले हर वाहन की बारिकी से जांच हो रही है।
  • अन्य राज्यों से संपर्क: मदुरै, डिंडीगुल, विलुप्पुरम और पड़ोसी राज्य केरल के इडुक्की जिले की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है।
  • तस्वीरें जारी: सभी फरार कैदियों की तस्वीरें आसपास के सभी पुलिस थानों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर भेज दी गई हैं।

4. 1995 के वेल्लोर जेल ब्रेक के बाद की दूसरी सबसे बड़ी घटना

तमिलनाडु में जेल से कैदियों के एक साथ इतनी बड़ी संख्या में भागने का यह मामला बेहद दुर्लभ और गंभीर माना जा रहा है। इससे पहले राज्य में सबसे चर्चित जेल ब्रेक 1995 में हुआ था, जब वेल्लोर किले के भीतर स्थित विशेष हिरासत शिविर (Special Detention Camp) से LTTE के 43 संदिग्ध/समर्थक करीब 153 फीट (47 मीटर) लंबी सुरंग बनाकर फरार हो गए थे। 1995 के बाद थेनी की यह घटना कैदियों के सामूहिक रूप से फरार होने का दूसरा सबसे बड़ा मामला है।

5. सुरक्षा चूक पर जांच के आदेश

कंदमानुर पुलिस स्टेशन (Kandamanur Police Station) ने इस घटना के संबंध में आधिकारिक मामला दर्ज कर लिया है। जेल की सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक को लेकर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच अधिकारी इस बात का पता लगा रहे हैं कि रात के समय क्या तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं, और क्या कैदियों को बाहर से कोई मदद मिली थी।

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  • Rahul Kaushik

    Senior Editor

    राहुल कौशिक एक युवा पत्रकार एवं मीडिया लेखक हैं, जो समसामयिक घटनाओं, तकनीक, शिक्षा, ऑटोमोबाइल, डिजिटल ट्रेंड्स और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष एवं प्रभावशाली लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें समाचार जगत में तेजी से बदलते विषयों को सरल और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में विशेष रुचि है।

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