बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री नीना गुप्ता अपनी बेबाक बयानी और शानदार अभिनय के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग में महिलाओं की बदलती स्थिति, उम्र के आधार पर होने वाले भेदभाव (Ageism) और शादी के बाद अभिनेत्रियों के करियर पर विस्तार से बात की। नीना गुप्ता ने इस बदलाव का श्रेय आज की पीढ़ी की शीर्ष अभिनेत्रियों जैसे दीपिका पादुकोण, करीना कपूर खान और कियारा आडवाणी को दिया है।
“पहले शादी होते ही करियर खत्म हो जाता था”
नीना गुप्ता ने बताया कि एक समय था जब बॉलीवुड में अभिनेत्रियों के लिए शादी का मतलब करियर का अंत माना जाता था। जैसे ही कोई मुख्य अभिनेत्री शादी के बंधन में बंधती थी या मां बनती थी, निर्माता और निर्देशक उन्हें मुख्य भूमिकाओं के लायक नहीं समझते थे।
उन्होंने कहा कि पहले के दौर में स्टीरियोटाइप इतना मजबूत था कि शादी के बाद अभिनेत्रियों को केवल सपोर्टिंग रोल या मां-भाभी के किरदार ऑफर किए जाते थे। लेकिन आज की अभिनेत्रियों ने इस सोच को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।
दीपिका और करीना की जमकर तारीफ
इंटरव्यू के दौरान नीना गुप्ता ने विशेष रूप से दीपिका पादुकोण और करीना कपूर की मिसाल दी। नीना ने कहा:
“मुझे करीना और दीपिका पर बहुत गर्व है। वे काम भी कर रही हैं, अपनी व्यक्तिगत जिंदगी को संभाल रही हैं और शादी तथा मातृत्व के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर राज कर रही हैं। इन लड़कियों ने अपने लिए स्टैंड लिया है और फिल्म इंडस्ट्री के सालों पुराने नियमों को बदल दिया है।”
नीना गुप्ता ने यह भी कहा कि आज की अभिनेत्रियां शादी के बाद तुरंत अपनी फिटनेस पर काम करती हैं और काम पर वापस लौट आती हैं। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस बदलाव में उनके जीवनसाथी (पति) का सपोर्ट भी एक अहम भूमिका निभाता है।
फिल्म इंडस्ट्री एक बिजनेस है: नीना गुप्ता
अपने खुद के करियर के अनुभवों को साझा करते हुए नीना गुप्ता ने कहा कि उनका सफर आज की अभिनेत्रियों से थोड़ा अलग रहा, क्योंकि उन्होंने कभी पारंपरिक ‘कमर्शियल हीरोइन’ के रूप में शुरुआत नहीं की थी।
- मार्केट वैल्यू का गणित: नीना ने साफ किया कि बॉलीवुड मुख्य रूप से एक बिजनेस है। किसी कलाकार को रोल मिलना उसकी ‘मार्केट वैल्यू’ और मांग पर निर्भर करता है।
- इमोशनल न होने की सलाह: उन्होंने बताया कि पहले वे भी यह सोचकर भावुक हो जाती थीं कि बेहतर अभिनय के बावजूद किसी और को रोल क्यों मिला, लेकिन समय के साथ उन्हें समझ आया कि यह सब मार्केट डिमांड का खेल है।
काम के घंटों और सेट के माहौल पर विचार
इंडस्ट्री में काम के लंबे घंटों और मातृत्व के बाद मिलने वाली रियायतों पर बात करते हुए नीना गुप्ता ने कहा कि 8 घंटे या 12 घंटे की शिफ्ट का फैसला कलाकार की व्यक्तिगत जरूरतों और मांग पर निर्भर करता है। उन्होंने स्वीकार किया कि वे खुद आज भी 14-15 घंटे काम करती हैं, क्योंकि अगर कोई कलाकार काम करने से मना करता है, तो उसकी जगह लेने के लिए 10 अन्य विकल्प तैयार रहते हैं।
नीना गुप्ता के इस बयान ने सोशल मीडिया और सिनेमा जगत में एक बार फिर इस बहस को छेड़ दिया है कि कैसे नई दौर की अभिनेत्रियां बॉलीवुड के पुराने पितृसत्तात्मक नियमों को तोड़कर नए मानदंड स्थापित कर रही हैं।
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