बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर सोशल मीडिया पर अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में इंटरनेट पर ट्रोलिंग का शिकार होने के बाद ईशा कोप्पिकर ने एक वीडियो साझा कर ट्रोलर्स को मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने साफ किया कि यदि अपने देश से प्रेम करना और उसकी प्रगति की कामना करना ‘अंधभक्ति’ कहलाता है, तो वह खुद को देश की ‘अंधभक्त’ कहलाने में गर्व महसूस करती हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह निष्ठा या भक्ति किसी राजनीतिक दल या नेता के प्रति नहीं, बल्कि केवल और केवल भारत देश के प्रति है।
ईशा कोप्पिकर के इस बयान के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री और मंडी से भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने भी उनका खुलकर समर्थन किया है। कंगना ने ईशा के वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा कि उन्होंने अपनी बात को बहुत ही सुंदर और स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत किया है।
क्या है पूरा मामला और ईशा कोप्पिकर का बयान?
सोशल मीडिया पर अक्सर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर मशहूर हस्तियों को ट्रोल किया जाता है। हालिया दिनों में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई बयानबाजी के बाद ईशा कोप्पिकर को सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा ‘अंधभक्त’ कहकर संबोधित किया जा रहा था।
इस ट्रोलिंग का जवाब देते हुए ईशा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी किया। वीडियो की शुरुआत में ही उन्होंने कहा:
“नमस्ते, मैं ईशा कोप्पिकर… और हां, मैं अंधभक्त हूं। अगर अपने देश से प्यार करना, भारत पर विश्वास रखना और उसकी तरक्की चाहना भक्ति है, तो हां, मुझे भक्त या अंधभक्त कहलाने पर गर्व है। लेकिन मेरी यह अंधभक्ति किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं है, यह केवल मेरे देश के लिए है— राष्ट्र सर्वोपरि (Nation First)।”
ईशा ने अपने वक्तव्य में देशभक्ति और राजनीतिक अंधभक्ति के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने आगे कहा कि देश से प्रेम करने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि नागरिक सरकार की नीतियों पर सवाल न उठाएं। वह सरकार से सवाल पूछ सकती हैं, उसकी नीतियों से असहमत हो सकती हैं और इसके बावजूद अपने देश से अटूट प्रेम कर सकती हैं।
“देश ने क्या दिया, इसके बजाय सोचें कि हमने देश को क्या दिया”
ईशा कोप्पिकर ने अपने वीडियो में लोगों की मानसिकता पर भी बात की। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि समाज में दो तरह के बच्चे होते हैं। पहले वे जो पूरी जिंदगी यही शिकायत करते रहते हैं कि उनके माता-पिता ने उन्हें क्या नहीं दिया। दूसरे वे जो जो कुछ भी पाते हैं, उससे अपने साथ-साथ अपने माता-पिता के जीवन को भी बेहतर बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि फर्क परिस्थितियों का नहीं, बल्कि सोच का होता है। आज भारत बदल रहा है और यह समय हमारी सोच को बदलने का है। सिर्फ यह कहना काफी नहीं है कि “आई लव माई कंट्री”, बल्कि ऐसा योगदान देना जरूरी है जिससे देश बेहतर बने।
वीडियो के अंत में उन्होंने कहा कि लोग उन्हें चाहे ‘भक्त’ कहें, ‘अंधभक्त’ कहें या ‘राष्ट्रवादी’, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनका यह विश्वास किसी के दबाव में नहीं, बल्कि गर्व और जुनून के साथ है।
कंगना रनौत का समर्थन और पुरानी घटनाओं का जिक्र
ईशा कोप्पिकर के इस वीडियो पर बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत की प्रतिक्रिया भी सामने आई। कंगना ने इस वीडियो को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करते हुए लिखा, “वाह! बहुत ही अच्छे से समझाया।”
कंगना ने ईशा की बातों से खुद को जोड़ते हुए अपने जीवन की कुछ घटनाओं का उल्लेख भी किया। कंगना ने बताया कि हाई स्कूल के दिनों में उन्होंने एक ऐसे शिक्षक के खिलाफ विरोध जताया था जो असेंबली के दौरान बच्चों को छड़ी से मारते थे। उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले और निर्भया मामले जैसी घटनाओं के खिलाफ भी हमेशा आवाज उठाई है।
कंगना ने लिखा कि उन्होंने कभी अपनी जीवन की सीमाओं के लिए अपने माता-पिता को दोष नहीं दिया, बल्कि खुद मेहनत करके अपने पूरे परिवार के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया। कंगना ने कहा कि वह अपने देश, अपने लोगों और अपनी जिंदगी से प्यार करती हैं और खुद को हर उस इंसान का भक्त मानती हैं जिससे वह मिलती हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
ईशा कोप्पिकर के इस वीडियो और उस पर कंगना रनौत के समर्थन के बाद इंटरनेट पर एक नई बहस छिड़ गई है। जहां एक वर्ग ईशा के इस स्पष्टीकरण की सराहना कर रहा है कि देशभक्ति को किसी राजनीतिक दल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, वहीं दूसरा वर्ग शब्द ‘अंधभक्त’ के प्रयोग और उसकी परिभाषा को लेकर अपनी-अपनी राय रख रहा है।
गौरतलब है कि ईशा कोप्पिकर 2019 में भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा की कार्यकारी अध्यक्ष (परिवहन) के रूप में शामिल हुई थीं। हालांकि, अपने ताजा बयान में उन्होंने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि उनकी प्राथमिकता कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और देश हित है।
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