‘मरते-मरते भी मुझे परेशान कर गया’, नाना पाटेकर के निधन पर बोलीं तनुश्री दत्ता; भड़के फैन्स ने दिया करारा जवाब

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक हुए निधन से जहां एक तरफ पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसक गहरे शोक में हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्व अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के बयानों ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। #MeToo मूवमेंट के दौरान नाना पाटेकर पर गंभीर आरोप लगाने वाली तनुश्री दत्ता ने अभिनेता के निधन पर एक के बाद एक कई विवादित बयान जारी किए, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग और प्रशंसकों के तीखे आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।

विवाद की शुरुआत: ‘ईविल इज डेड’ और ‘मरते-मरते भी परेशान किया’

दिग्गज अभिनेता के निधन की खबर सामने आने के बाद, तनुश्री दत्ता ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने नाना पाटेकर के लिए ‘ईविल इज डेड’ (शैतान मर गया) जैसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि इस खबर से उनके दिल को सुकून मिला है।

जब सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने उनके इस असंवेदनशील रवैये पर सवाल उठाए और उन्हें ट्रोल करना शुरू किया, तो तनुश्री ने एक और स्पष्टीकरण वीडियो जारी किया। अपने नए वीडियो में उन्होंने कहा:

“जब मैंने कहा कि ‘ईविल इज डेड’, तो मेरा वास्तव में वही मतलब था। यह मेरे लिए एक सच्चाई है। मतलब यह इंसान मरते-मरते भी मुझे परेशान कर गया। मुझे आकर कोई स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं थी, लेकिन सोशल मीडिया पर जो नकारात्मकता की लहर चलाई जा रही है, उसकी वजह से मुझे बोलना पड़ रहा है।”

तनुश्री ने आगे दावा किया कि #MeToo के बाद से वे मानसिक तनाव और ट्रॉमा से गुजर रही हैं और अभिनेता के निधन को एक “चमत्कार” की तरह देखती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाया गया था और रिश्वत देने की कोशिश भी की गई थी।

फैन्स और यूजर्स का तीखा पलटवार

तनुश्री दत्ता की इन टिप्पणियों पर सोशल मीडिया पर आम जनता और नाना पाटेकर के प्रशंसकों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशंसकों ने तनुश्री पर संवेदनहीनता और सस्ते प्रचार (पब्लिसिटी) की राजनीति करने का आरोप लगाया।

  • निधन के समय मर्यादा की मांग: कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि कोई व्यक्ति कितना भी नापसंद क्यों न हो, उसके निधन के समय बुनियादी मानवीय संवेदना और मर्यादा का पालन होना चाहिए।
  • अदालती फैसले का हवाला: प्रशंसकों ने ध्यान दिलाया कि पुलिस जांच और अदालत द्वारा पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में इस मामले को बंद किया जा चुका है। ऐसे में किसी दिवंगत व्यक्ति के बारे में इस तरह की बयानबाजी करना पूरी तरह गलत है।
  • पब्लिसिटी स्टंट का आरोप: सोशल मीडिया यूजर्स का कहना था कि तनुश्री दत्ता लंबे समय से लाइमलाइट से दूर हैं और वे इस दुखद अवसर का इस्तेमाल सिर्फ मीडिया का ध्यान खींचने के लिए कर रही हैं।

#MeToo विवाद का पूरा इतिहास

तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के बीच यह विवाद साल 2008 में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ की शूटिंग के दौरान शुरू हुआ था। तनुश्री ने आरोप लगाया था कि एक डांस सीक्वेंस के दौरान नाना पाटेकर ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया था।

साल 2018 में जब भारत में #MeToo आंदोलन ने जोर पकड़ा, तब तनुश्री ने इस मुद्दे को दोबारा उठाया। हालांकि, नाना पाटेकर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि ऐसी कोई घटना कभी हुई ही नहीं थी। पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त सबूत नहीं पाए गए थे और बाद में अदालत ने भी इस मामले को बंद कर दिया था।

नाना पाटेकर के निधन से जहां सिनेमा जगत ने अपना एक नायाब कलाकार खो दिया है, वहीं तनुश्री दत्ता के इन बयानों ने सालों पुराने विवाद की राख को एक बार फिर हवा दे दी है। हालांकि, जिस तरह से आम जनता और सिनेमाप्रेमियों ने दिवंगत अभिनेता के सम्मान में अपनी आवाज उठाई है, उससे स्पष्ट है कि प्रशंसक ऐसे संवेदनशील समय पर गरिमा और सम्मान को ही प्राथमिकता देते हैं।

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  • Rahul Kaushik

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