मुंबई के गोरेगांव स्थित प्रसिद्ध दादा साहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) के प्राइम फोकस स्टूडियो में सोमवार शाम एक भीषण अग्निकांड से अफरा-तफरी मच गई। कलर्स टीवी के लोकप्रिय रियलिटी शो ‘पति पत्नी और पंगा सीजन 2’ के सेट पर अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पास में स्थित ‘एमटीवी हसल 5’ (MTV Hustle 5) के सेट को भी अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि इस बड़े हादसे में किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, सेट और उसमें रखे महंगे शूटिंग उपकरणों को काफी भारी नुकसान पहुंचा है।
घटना के समय ‘एमटीवी हसल 5’ के ग्रैंड फिनाले की शूटिंग चल रही थी और मुख्य कलाकार व जज सेट पर मौजूद थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दमकल विभाग की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस गंभीर घटना के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने कड़ा रुख अपनाया है। ऑल इंडियन सिने Workers एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।
AICWA की मांगें और सुरक्षा में लापरवाही पर सवाल
AICWA अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे अपने पत्र में आरोप लगाया है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आपराधिक लापरवाही का मामला है। एसोसिएशन का दावा है कि शूटिंग सेट पर फायर सेफ्टी का कोई इंतजाम नहीं था। यदि आग उस समय भड़कती जब बड़े पैमाने पर तकनीकी कर्मचारी और कलाकार मौजूद होते, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
पत्र में एसोसिएशन की ओर से प्रमुख मांगें रखी गई हैं:
- निर्माताओं और चैनल पर FIR: शो के निर्माताओं, संबंधित टीवी चैनल और प्रोडक्शन हाउस के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और लापरवाही के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- फिल्म सिटी एमडी का इस्तीफा: फिल्म सिटी प्रबंधन और प्रबंध निदेशक (MD) की जवाबदेही तय करते हुए उनका इस्तीफा मांगा गया है।
- समयबद्ध जांच: आग लगने के कारण, इसके तेजी से फैलने और सुरक्षा उपकरणों की गैर-मौजूदगी की जांच के लिए समयबद्ध समिति बनाई जाए।
- अनिवार्य फायर ऑडिट: फिल्म सिटी में शूटिंग करने वाले सभी सेट्स के लिए नियमित फायर ऑडिट, ऑन-साइट अग्निशमन उपकरण और प्रशिक्षित फायर सेफ्टी स्टाफ को अनिवार्य किया जाए। नियम न मानने वाले प्रोडक्शंस के लाइसेंस रद्द किए जाएं।
फिल्म सिटी में सुरक्षा व्यवस्था और सिने कार्यकर्ताओं का जोखिम
सिने वर्कर्स एसोसिएशन का कहना है कि मुंबई फिल्म सिटी में हर दिन हजारों दैनिक वेतनभोगी मजदूर, जूनियर आर्टिस्ट और तकनीशियन काम करते हैं। बड़े-बड़े सेट्स अक्सर लकड़ी, थर्माकोल, कपड़े और प्लास्टिक जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्रियों से बनाए जाते हैं, जिसके कारण आग का खतरा हमेशा बना रहता है। AICWA का आरोप है कि प्रोडक्शन हाउस और स्टूडियो प्रबंधन अक्सर बजट बचाने के चक्कर में आवश्यक अग्नि सुरक्षा एनओसी (NOC) और प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों को नजरअंदाज कर देते हैं।
हाल के वर्षों में गोरेगांव फिल्म सिटी में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद भी ठोस इंतजाम न होना चिंताजनक है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने इस बार कड़े कदम नहीं उठाए, तो सिने कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर एसोसिएशन को विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुनना पड़ेगा। फिलहाल पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम आग के सटीक कारणों की जांच कर रही है।
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