छठ पर्व की मिठास और आस्था का अद्भुत संगम: नया भक्ति गीत ‘छठी मईया सुन लीं विनती हमार’ आज होगा रिलीज

लोक आस्था और सूर्य उपासना के महान पर्व छठ के पावन अवसर पर संगीत जगत में एक बेहद खास और भक्तिमय प्रस्तुति सामने आ रही है। प्रसिद्ध भोजपुरी भक्ति रचना ‘छठी मईया सुन लीं विनती हमार’ का नया ऑडियो-वीडियो संस्करण आज आधिकारिक तौर पर जारी किया जा रहा है। यह गीत न केवल छठ पूजा के पावन अनुष्ठान और परंपराओं को जीवंत करता है, बल्कि भारतीय संस्कृति और प्राचीन धार्मिक धरोहरों की एक अनूठी झलक भी प्रस्तुत करता है।

इस बार का यह प्रोजेक्ट केवल एक पारंपरिक गीत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक वृहद और भव्य सिनेमाई ढांचे ‘द वन’ के तहत तैयार किया गया है। निर्माण टीम के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका विशेष लोकेशन आधारित फिल्मांकन है। इस गीत के प्रमुख दृश्यों को 400 साल पुराने ऐतिहासिक ‘वन देवी मंदिर’ परिसर में चित्रित किया गया है, जो दर्शकों और श्रोताओं के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव साबित होगा।

‘द वन’ प्रोजेक्ट में बिखरेगी छठ पर्व की अलौकिक छटा

छठ पूजा का त्योहार सादगी, पवित्रता और अटूट आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस गीत के माध्यम से निर्माताओं ने बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्वी अंचलों में मनाए जाने वाले इस महापर्व की वास्तविक छटा को आधुनिक तकनीक और समृद्ध संगीत के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।

गीत में अर्घ्य देने की परंपरा, घाटों की सजावट, बांस के दउरा और सूप में रखे जाने वाले पारंपरिक पकवानों जैसे ठेकुआ और फलों के महत्व को बहुत ही सुंदरता से दर्शाया गया है। ‘द वन’ के बैनर तले बने इस वीडियो में छठ व्रतियों की कठिन साधना और उनके समर्पण भाव को बेहद मार्मिक तरीके से पिरोया गया है। संगीत निर्देशकों ने इसमें पारंपरिक वाद्य यंत्रों जैसे ढोलक, बांसुरी और शहनाई के साथ-साथ आधुनिक ऑकेस्ट्रा का संतुलित प्रयोग किया है, जिससे यह रचना हर पीढ़ी के श्रोताओं को आकर्षित करने में सक्षम है।

400 साल पुराने ‘वन देवी मंदिर’ का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व

इस पूरे संगीत वीडियो का मुख्य आकर्षण 400 वर्ष पुराना ‘वन देवी मंदिर’ है। पौराणिक मान्यताओं और स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, यह मंदिर सदियों से भक्तों की अगाध श्रद्धा का केंद्र रहा है। घने प्राकृतिक वातावरण और शांत परिसर के बीच स्थित यह मंदिर आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है।

मंदिर से जुड़ी कुछ प्रमुख विशेषताएं और ऐतिहासिक तथ्य:

  • ऐतिहासिक धरोहर: लगभग चार शताब्दियों पुराना यह मंदिर प्राचीन स्थापत्य कला का एक बेजोड़ नमूना है।
  • प्राकृतिक वातावरण: चारों तरफ से प्राकृतिक हरियाली से घिरा होने के कारण यह स्थान योग, ध्यान और भक्ति के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।
  • लोकल परंपराएं: स्थानीय निवासियों के बीच मान्यता है कि वन देवी की कृपा से क्षेत्र में सुख, समृद्धि और आरोग्य का वास होता है।
  • छठ पूजा से जुड़ाव: मंदिर परिसर के निकट स्थित जलाशय और पवित्र वातावरण के कारण हर साल छठ के अवसर पर यहाँ हज़ारों श्रद्धालु अर्घ्य अर्पित करने के लिए एकत्र होते हैं।

निर्माताओं का कहना है कि इस प्राचीन मंदिर के प्रांगण में शूटिंग करने से गीत में एक प्राकृतिक और दिव्य प्रामाणिकता आ गई है, जो कृत्रिम सेटों में पाना असंभव था।

गीत के बोल और संगीत पक्ष

‘छठी मईया सुन लीं विनती हमार’ के बोल सीधे दिल को छूने वाले हैं। इनमें एक भक्त का अपनी छठी मैया के प्रति निश्छल प्रेम, कातर प्रार्थना और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना छलकती है। गीत के बोलों में भोजपुरी लोक भाषा की मिठास स्पष्ट रूप से झलकती है, जो छठ के गीतों की पहचान रही है।

गायक की सुरीली और भावुक आवाज ने इस रचना में प्राण फूंक दिए हैं। भक्ति रस से सराबोर यह गीत सुनने वालों को सीधे छठ घाट के पवित्र माहौल में ले जाता है। जब संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के समय घाटों पर ऐसे गीत गूंजते हैं, तो संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठता है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आज से उपलब्ध

संगीत प्रेमियों और श्रद्धालुओं का लंबा इंतजार आज खत्म हो रहा है। यह नया छठ गीत आज से सभी प्रमुख डिजिटल म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया चैनलों पर सुनने और देखने के लिए उपलब्ध करा दिया गया है।

प्रशंसकों और आम जनता के बीच इस गीत को लेकर सुबह से ही काफी उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसके टीजर को पहले ही काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल चुकी थी, जिसके बाद से ही पूर्ण गीत के रिलीज का इंतजार किया जा रहा था। भक्ति और कला के इस सुंदर संगम को देखने के लिए लोग बेहद उत्सुक हैं।

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  • Rashika Sharma

    राशिका शर्मा एक उभरती हुई युवा पत्रकार एवं कंटेंट राइटर हैं, जो समाज, शिक्षा, डिजिटल मीडिया, लाइफस्टाइल और समसामयिक विषयों पर प्रभावशाली एवं तथ्यात्मक लेखन के लिए जानी जाती हैं। उन्हें समाचार लेखन के माध्यम से लोगों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुँचाने में विशेष रुचि है।

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